घर जायेगी तर जायेगी-खुशबू १९७५
में भी इसका शायद तर जाने का यही अर्थ है.
फिल्म खुशबू से एक गीत सुनते हैं जिसका रिमिक्स भी बन
चुका है. गुलज़ार का गीत है आशा भोंसले की आवाज़ और
आर डी बर्मन का संगीत. हेमा मालिनी पर इसे फिल्माया
गया है.
गीत के बोल:
घर जायेगी तर जायेगी हो डोलियां चढ़ जायेगी
हो हो हो हो
घर जायेगी तर जायेगी हो डोलियां चढ़ जायेगी
हो ओ ओ ओ
मेहेंदी लगाय के रे काजल सजाय के रे
दुल्हनिया मर जायेगी
हो ओ ओ ओ दुल्हनिया मर जायेगी
घर जायेगी तर जायेगी हो डोलियां चढ़ जायेगी
हो ओ ओ ओ
मेहेंदी लगाय के रे काजल सजाय के रे
दुल्हनिया मर जायेगी
हो ओ ओ ओ दुल्हनिया मर जायेगी
धीरे धीरे ले के चलना आंगन से निकलना
कोई देखे ना दुल्हन को गली में
हो ओ ओ अँखियां झुकाये हुए घूँघटा गिराये हुए
मुखड़ा छुपाये हुए चली मैं
धीरे धीरे ले के चलना आंगन से निकलना
कोई देखे ना दुल्हन को गली में
हो ओ ओ अँखियां झुकाये हुए घूँघटा गिराये हुए
मुखड़ा छुपाये हुए चली मैं
जायेगी घर जायेगी तर जायेगी
हो घर जायेगी तर जायेगी हो डोलियां चढ़ जायेगी
हो ओ ओ ओ
मेहेंदी लगाय के रे काजल सजाय के रे
दुल्हनिया मर जायेगी
हो ओ ओ ओ दुल्हनिया मर जायेगी
मेहंदी मेहंदी खेली थी मैं तेरी ही सहेली थी मैं
तूने तो कुसुम को चुना था
हो तूने मेरा नाम कभी आँखों से बुलाया नहीं
मैंने जाने कैसे सुना था
मेहंदी मेहंदी खेली थी मैं तेरी ही सहेली थी मैं
तूने तो कुसुम को चुना था
हो तूने मेरा नाम कभी आँखों से बुलाया नहीं
मैंने जाने कैसे सुना था
जायेगी घर जायेगी ला ला ला
हो घर जायेगी टर जायेगी हो डोलियां चढ़ जायेगी
हो ओ ओ ओ
मेहेंदी लगाय के रे काजल सजाय के रे
दुल्हनिया मर जायेगी
हो ओ ओ ओ दुल्हनिया मर जायेगी
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Ghar jayegi-Khushboo 1975
Artist: Hema Malini, Master Raju

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