इन आँखों की मस्ती के-उमराव जान १९८१
सुनते हैं आशा भोंसले की आवाज़ में.
इसके बोल भी शहरयार के हैं और संगीत खय्याम का.
गीत के बोल:
इन आँखों की मस्ती के
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
अफ़साने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
इक तुम ही नहीं तन्हा
इक तुम ही नहीं तन्हा उलफ़त में मेरी रुसवा
उलफ़त में मेरी रुसवा
इस शहर में तुम जैसे
इस शहर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं
दीवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
इक सिर्फ़ हम ही मय को
इक सिर्फ़ हम ही मय को आँखों से पिलाते हैं
आँखों से पिलाते हैं
कहने को तो दुनिया में
कहने को तो दुनिया में मयखाने हज़ारों हैं
मयखाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ाँ को
इस शम्म-ए-फ़रोज़ाँ को आंधी से डराते हो
इस शम्म-ए-फ़रोज़ाँ के
इस शम्म-ए-फ़रोज़ाँ के परवाने हज़ारों हैं
परवाने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों की मस्ती के
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In ankhon ki masti ke-Umrao Jaan 1981
Artist: Rekha

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