ना बोले ना बोले-आज़ाद १९५५
का गाया एक लोकप्रिय गीत सुनते हैं फिल्म आज़ाद
से. ये सन १९५५ की फिल्म है जिसमें दिलीप कुमार
और मीना कुमारी प्रमुख कलाकार हैं.
राजेंद्र कृष्ण के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतकार
सी रामचंद्र ने.
गीत के बोल:
ना बोले ना बोले ना बोले रे
ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूँघट के पट ना खोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूँघट के पट ना खोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
राधा की लाज भरी अँखियों के डोरे
राधा की लाज भरी अँखियों के डोरे
देखोगे कैसे अब गोकुल के छोरे
देखोगे कैसे अब गोकुल के छोरे
देखो मोहन का मनवा डोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूँघट के पट ना खोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
याद करो जमुना किनारे साँवरिया
याद करो जमुना किनारे साँवरिया
याद करो जमुना किनारे साँवरिया
फोड़ी थी राधा की काहे गगरिया
फोड़ी थी राधा की काहे गगरिया
इस कारन ना तुम संग बोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूँघट के पट ना खोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
रूठी हुई यूँ ना मानेगी छलिया
रूठी हुई यूँ ना मानेगी छलिया
चरणों में राधा के रख दो मुरलिया
चरणों में राधा के रख दो मुरलिया
बात बन जायेगी हौले हौले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
ना बोले ना बोले ना बोले रे
घूँघट के पट ना खोले रे
राधा ना बोले ना बोले ना बोले रे
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Na bole na bole-Azaad 1955
Artists: Meena Kumari , Dilip Kumar

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