ओ जान-ए-जां एक बार ज़रा-बिन बादल बरसात १९६३
हिट्स के अंतर्गत आने वाला एक गीत सुनते हैं ६३ की फिल्म
बिन बादल बरसात से.
गीत के अंत में आने वाला शब्द सन १९६५ की फिल्म कैद के
एक गीत की याद दिला देता है.
गीत के बोल:
इक बार ज़रा फिर कह दो
इक बार ज़रा फिर कह दो
मुझे शरमा के तुम दीवाना
ऐसी मीठी-मीठी बातें कर के
ऐसी मीठी-मीठी बातें कर के
कहाँ सीखा है दिल का लुभाना
ओ जान-ए-जां
इक बार ज़रा फिर कह दो
मुझे वर्मा के तुम दीवाना
ऊँ हूँ
दिल लेकर रहो दूर हुज़ूर न हमसे
करो इतना ग़ुरूर न हमसे
ओ सजना मेरा हार सिंगार तुम्हीं हो
मेरा दम है तुम्हारे ही दम से
तुम शमा हो तो मैं हूँ परवाना
ऐसी मीठी-मीठी बातें कर के
कहाँ सीखा है दिल का लुभाना
ओ जान-ए-जां
इक बार ज़रा फिर कह दो
मुझे शरमा के तुम दीवाना
ऊँ हूँ
सुनो दिलवर ये जो दीप खुशी का जला है
मेरा प्यार इसी में ढला है
मेरा दिल भी पिया ले के तुम्हारा सहारा
नई राह पे आज चला है
दिया तुम्हीं ने उम्मीदों को ठिकाना
ऐसी मीठी-मीठी बातें करके
कहाँ सीखा है दिल का लुभाना
ओ जान-ए-जां
इक बार ज़रा फिर कह दो
मुझे वरमा के तुम दीवाना
ऊँ हूँ
तुम चाहो तो मैं तोड़ के ला दूँ सितारे
के हो तुम मुझे जान से प्यारे
क्या माँगूँ जब मिल गए तुम मुझे सजना
मैं तो आ गई बस में तुम्हारे
मेरा दिल है तुम्हारा नज़राना
ऐसी मीठी-मीठी बातें करके
कहाँ सीखा है दिल का लुभाना
इक बार ज़रा फिर कह दो
मुझे शरमा के तुम दीवाना
कहो न
दीवाना
फिर कहो
दीवाना
फिर कहो
दी वा ना
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O jaane-jaan ek baar zara fir-Bin badal barsaat 1960
Artists: Vishwajeet, Asha Parekh

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