ना कोई दिल में समाया-आ गले लग जा १९७३
हैं आज सन ७३ की फिल्म आ गले पड़ जा से. आपने दुमदार दोहे
अवश्य सुने होंगे. एक हास्य कवि किसी ज़माने में दुमदार दोहों के
लिए प्रसिद्ध थे.
प्रस्तुत हिंदी गीत में टैग है-जानती हो. विलायती संगीत में ऐसे टैग
वाले गीत काफी सारे हैं. हिंदी फिल्मों के लिहाज से ये थोडा नया सा
था ७३ में. हालांकि कुछ प्रयोगधर्मी गीत आपको श्वेत श्याम युग में
भी मिल जायेंगे.
गीत के बोल:
ना कोई दिल में समाया
ना कोई पहलू में आया
जा के भी पास रहीं तुम ही
ओ जाने जां जानेमन
जानती हो
ना कोई दिल में समाया
ना कोई पहलू में आया
जा के भी पास रहीं तुम ही
ओ जाने जां जानेमन
जानती हो
क्यों तुमने दामन चुराया तुम जानों मैं क्या बताऊँ
मुझमें ही कुछ ऐब होगा क्यों तुम पे तोहमत लगाऊँ
मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
जा के भी पास रहीं तुम ही
ओ जाने जां जानेमन
जानती हो
तुम जो मुझे दे गई हो इक ख़ूबसूरत निशानी
लिपटा के सीने से उसको कट जाएगी ज़िन्दगानी
मैं तो यहीं कहूँगा पूछोगी जब भी
हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ हूँ
जा के भी पास रहीं तुम ही
ओ जाने जां जानेमन
जानती हो
ना कोई दिल में समाया
ना कोई पहलू में आया
जा के भी पास रहीं तुम ही
ओ जाने जां जानेमन
जानती हो
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Na koi dil mein samaya-Aa gale lag ja 1973
Artists: Shashi Kapoor, Sharmila Tagore

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