Nov 4, 2018

ले गई एक हसीना दिल-बेनज़ीर १९६४

७० का दशक अपने आगमन की सूचना दे रहा है इस
गीत में. कुछ हसरतनुमा गीत है मगर इसे बर्मन दादा
के आहिस्ता वाले अंदाज़ में सेट किया गया है. कुछ
पंचम की मौजूदगी का एहसास भी कराता है ये गाना.

बोल एक बार फिर से शकील बदायूनी के हैं और संगीत
एस डी बर्मन का. रफ़ी के लिए भी ये अनुभव अलग रहा
होगा शकील के बोलों को बर्मन दादा के संगीत में गाना.

गायक रफ़ी कम से कम तकलीफ में ये गाना गा रहे हैं.
नौशाद इसी गीत पर रफ़ी को गायकी के ऊंचे नीचे स्केल
पर कसरत करवा देते.




गीत के बोल:

ले गई एक हसीना दिल मेरा हाय दिल हाय दिल हाय दिल
और मैं यही कहता रह गया हाय दिल हाय दिल हाय दिल
ले गई एक हसीना दिल मेरा हाय दिल हाय दिल हाय दिल

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आँखों के सामने आई वो दिलरुबा
हुस्न था उसका शराबी ज़ुल्फ़ थी काली घटा
आँखों के सामने आई वो दिलरुबा
हुस्न था उसका शराबी ज़ुल्फ़ थी काली घटा
क्या कहूँ इसके सिवा हाय दिल हाय दिल हाय दिल हाय दिल
ले गई एक हसीना दिल मेरा हाय दिल हाय दिल हाय दिल

देखा है रात भर उसको ही ख्वाबों में
आरज़ू ये है के मिल कर हो ना वो मुझसे जुदा
देखा है रात भर उसको ही ख्वाबों में
आरज़ू ये है के मिल कर हो ना वो मुझसे जुदा
क्या कहूँ इसके सिवा हाय दिल हाय दिल हाय दिल हाय दिल
ले गई एक हसीना दिल मेरा हाय दिल हाय दिल हाय दिल
और मैं यही कहता रह गया हाय दिल हाय दिल हाय दिल
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Le gayi ek haseena-Benazir 1964

Artist: Shashi Kapoor

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