एक बात बताने आई हूँ-आखिरी गोली १९७७
आखिरी शब्द आता है. आखिरी गोली, आखिरी डाकू, आखिरी
मुजरा इत्यादि. आखिरी फिल्म जैसी कोई चीज़ नहीं आई
इसलिए फ़िल्में लगातार बन रही हैं अभी तक. वो तो गोलियाँ
भी बन रही हैं और चल रही हैं आज तक. नाम से कुछ फर्क
पढता तो गुलाब जामुन में से जामुन की सुगंध आने लगती
और वो गुलाब जैसा दिखलाई देता.
एक बात समझ नहीं आई कि आखिरी गीत नाम की फिल्म
सन १९७५ में आई थी उस नाम का असर नहीं हुआ और
गीत आज भी बन रहे हैं निरंतर बिना किसी लाग लपेट के.
सुनते हैं फिल्म आखिरी गोली से एक गीत आशा भोंसले का
गाया हुआ. वर्मा मलिक गीतकार हैं और कल्याणजी आनंदजी
संगीतकार.
गीत के बोल:
एक बात बताने आई हूँ एक बात बताने आई हूँ
तुझे दिल की सुनाने आई हूँ
एक छोरा देखा ऐसा जिसका सीना पर्वत जैसा
सच सच कह दूं लगता है वो बिलकुल तेरे जैसा
मेरे जैसा नाम तो बता
अरे नहीं बताती जा
एक बात बताने आई हूँ तुझे दिल की सुनाने आई हूँ
देखेगा तू जब उसको जल जल के मर जायेगा ओ
जल जल के मर जायेगा नींद तेरी उड़ जायेगी और
चैन तेरा लुट जायेगा ओ चैन तेरा लुट जायेगा
बातें करता है वो बढ़िया बातें करता है वो बढ़िया
जैसे चलती हैं फुलझडियां मीठा मीठा दर्द है जगा
जब से अँखियाँ लड़ियाँ
अच्छा तो ये बात है मुझसे भी मिलवा
अरे नहीं नहीं मिलवाती जा जा जा
एक बात बताने आई हूँ हाँ तुझे दिल की सुनाने आई हूँ
कल जब मिलने आएगा सज धज के मैं जाऊंगी ओ
सज धज के मैं जाऊंगी अपने अरमानों की माला
मैं उसे पहनाऊंगी मैं उसे पहनाऊंगी
हम टी मिलेंगे दोनों ऐसे भंवरा कली से मिलता जैसे
मिल के कभी ना बिछडेंगे हम दोनों मिलेंगे ऐसे
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Ek baat batane aayi hoon-Akhiri Goli 1977
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