Apr 25, 2019

अंग अंग में छन्द भरे हैं-महा शक्तिमान १९८५

संगीतकार बप्पी लहरी जोर का झटका धीरे से लगाने
में माहिर हैं. चाहे वो सामंथा फॉक्स से गाने गवाने की
बात हो या मुन्नी बदनाम से बरसों पहले का उनका
गीत हो-लौंडा बदनाम हुआ, इसके अलावा चलते चलते
के गाने तो हमें आज भी याद हैं.

समय के साथ उनका ट्रेंड स्विच हो गया बाज़ार की
मांग की ओर साथ ही गीत लेखक इन्दीवर का भी.

फिल्म में एक कर्णप्रिय गीत भी मौजूद है जो हालांकि
थोडा लाउड है मगर चलेगा. आज के गानों की तुलना
में धीमा है और कम लाउड है.

इन्दीवर एक बार फिर से गीतकार हैं और इसे गाया है
येसुदास ने कविता कृष्णमूर्ति के साथ.



गीत के बोल:

सा नि ध प म प ध प म
सा रे सा
आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
मन को बस में कर लेती है
मन को बस में कर लेती है
तेरी पायल की झंकार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार

होंठों में तेरे मदिरा का प्याला
होंठों में तेरे मदिरा का प्याला

होंठों में तेरे मदिरा का प्याला
सारा बदन तेरा जैसे मधुशाला
ता थैया ता थैया नाचे जवानी
ता थैया ता थैया नाचे जवानी
झूम के आई बहार

अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार

रूप दिखा दे रस बरसा दे
रूप दिखा दे रस बरसा दे
प्यासी नज़र की प्यास बुझा दे
मुरली जो सीने से तू लगा ले
मुरली जो सीने से तू लगा ले
बीना बजे बिन साज

अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
मन को बस में कर लेती है
मन को बस में कर लेती है
तेरी पायल की झंकार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
……………………………………..
Ang ang mein chhand bhare hain-Maha shaktiman 1985

Artists: Raj babbar, Meenakshi Sheshadri, Danny

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP