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Aug 4, 2020

झिलमिल सितारों से नैना-अम्बर १९८५

आज जिन बॉलीवुड शख्सियतों का जन्मदिन है उनमें प्रमुख है
किशोर कुमार, गायिका शेरोन प्रभाकर और अभिनेत्री शशिकला.

आज हम आपको किशोर कुमार का एक रेयर गीत सुनवाते हैं.
इसे १५ साल पहले तक तो रेयर बोला जाता था तब तक यूट्यूब
का अविष्कार नहीं हुआ था.

गीत गौहर कानपुरी का है और संगीत सपन जगमोहन का. इस
गीत की धुन आप पहले एक गाने में सुन चुके हैं-गुस्ताखी माफ
फ़िल्म का गाना जिसे आशा भोंसले ने गाया है.





गीत के बोल:

झिलमिल सितारों से नैना
आधा हैं दिन आधी रैना
झिलमिल सितारों से नैना
आधा हैं दिन आधी रैना
मेरे लिए बोलो है ना
झिलमिल सितारों से नैना

रूप के ये उजाले हैं
रौशनी के ये शिवाले हैं
.
.
.
.

..........................................
Jhilmil sitaron se naina-Amber 1985

Artists: Prosenjit, Anuradha Patel

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Jun 30, 2020

हम तुझ पर ही शैदा-आज का दौर १९८५

जैकी श्रॉफ़ का कोई गीत देखे कई दिन हो गए हैं. आज
सुनते और देखते हैं फिल्म आज का दौर से एक गाना
जिसे उनके अलावा पद्मिनी कोल्हापुरे पर फिल्माया गया
है.

गाने के बोल इन्दीवर के हैं और संगीत बप्पी लहरी का.
इसे आशा भोंसले और किशोर कुमार ने गाया है.

फैशन तो फैशन है. एक दुबले पतले आदमी को आप एक
बड़ी सी शर्ट पहना दो और नायिका को तंग कपडे, वाह रे
निर्देशक.. बाद में गीत में इसे सुधारा गया है और प्रपोर्शन
का ध्यान रखा गया है.

गीत में एक सुन्दर सा प्राणी, थोड़ी देर को ही सही दिखाई
देता है मानो उससे पूछा जा रहा हो-अब कपडे ठीक हैं?




गीत के बोल:

फिर वही बात
आप सुनते नहीं हैं गीत को
ढंग से.
………………………………………………
Ham tujh par hi shaida hue-Aaj ka daur 1985

Artists: Jackie Shroff, Padmini Kolhapure

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Apr 23, 2020

ये उम्र ये मिज़ाज-ज़ुल्म का बदला १९८५

संगीतकार सोनिक ओमी के संगीत में सारे एलेमेंट्स मिल
जाते हैं. भक्ति गीत उन्होंने काफी सारे बनाये हैं साथ ही
फ़िल्मी कव्वालियां भी खूब बनाई. संगीत समीक्षकों के
पास समय नहीं रहा कि उनके संगीत पर ज्यादा कुछ
लिखें.

८० के दशक में लोकप्रियता के मामले में सोनिक ओमी
थोडा पिछड़ गये. एक वजह ये भी है फ़िल्मी/अफिल्मी
दोनों प्रकार की जनता का ध्यान उधर नहीं जा पाने की.

प्रस्तुत कव्वाली में महेंद्र कपूर के साथ हैं ख्यात कव्वाली
गायिका परवीन सबा. कुलवंत जानी की रचना है और
संगीतकार का नाम आप ऊपर पढ़ चुके हैं.

फिल्म में राकेश रोशन, अनिता राज, डैनी, शक्ति कपूर,
जगदीप और जगदीश राज जैसे कलाकार हैं.

गीत कुछ रेयर किस्म का है क्यूंकि इसमें शक्ति कपूर
को ढंग से गाने का मौका मिला है परदे पर. उनके
हिस्से ज्यादा कॉमेडी वाले गाने ही आये हैं वो भी कुछ
एक पंक्तियाँ. इसी साल की एक फिल्म मेरा जवाब
में एक युगल गीत उन्होंने गाया है. फिल्म के नायक
जैकी श्रॉफ़ हैं.



गीत के बोल:

ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे

तूने इस दिल पे ऐसा वार किया
तेरी चाहत ने बेक़रार किया
ढूंढते ढूंढते ठिकाने पर
आ गये हम सही निशाने पर
वक़्त का आज तू सिकंदर है
एक तूफ़ान मेरे अंदर हैं
मौज को मौज से टकराना है
आग को आग से बुझाना है

हां आ आ आ आ आ आ आ
तेरे लिए हमने मेरे बांके सितमगर
छोड़ी है शर्म लाज खुदा खैर करे
छोड़ी हैं शर्म लाज खुदा खैर करे
छोड़ी है शर्म लाज खुदा खैर करे

किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका है क़त्ल आज खुदा खैर करे
खैर करे खैर करे खैर करे खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करें

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
अभी तक हसीनों जवां हैं वो गलियाँ
जहाँ हमने अपनी जवानी लुटा दी
मोहब्बत में लुट जाते हैं दीं-ए-इमां
बड़ा तीर मारा जवानी लुटा दी
ये नज़र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
ये नज़र ये मिज़ाज खुदा खैर करे
हम पे ही चोट आज खुदा खैर करे

हम पे ही चोट आजखुदा खैर करे

ये नहीं चोट ये हकीकत हैं
हमको सच बोलने की आदत हैं
नाम बदला है देश बदला है
तेरी खातिर ये भेष बदला है
आ गये आज तेरी महफ़िल  में
ले के जज़्बात ये अपने दिल में
सर तेरा आज तो झुकाना हैं
ये तमाशा तुझे दिखाना हैं

कौन किसको झुकाये देखेंगे
तेरी जुल्फों के साये देखेंगे
ये बदन कांच का बिल्लौरी हैं
एक रेशम की कच्ची डोरी हैं
इसको एक बार जब भी पकड़ेंगे
अपनी बाहों में कस के जकडेंगे
ये चलन तेरा छूट जायेगा
हर भरम तेरा तूट जाएगा
हो हो हो हो हो हो
हमको झुकाने वाले तुझे ये खबर भी है
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे
काँटों का है ये ताज खुदा खैर करे

किसका हैं क़त्ल आज खुदा खैर करे
किसका हैं क़त्ल आज खुदा खैर करे
ये उम्र ये मिज़ाज खुदा खैर करे

कैसे मैदान में तू आयेगी
बोल किस तरह आजमायेगी
फ़ैज़ इजहार में क्या रखा हैं
छोड़ तकरार में क्या रखा हैं
फिर बता आगे क्या इरादा हैं
पूरा होगा ये अपना वादा हैं

प्यार की दिल में प्यास रखता है
यूं उससे मिलने की आस रखता है
तूने इस दिल की बात कह दी हैं
अपने होठों के साथ कह दी है
रात को आँख खुली फिजाओं में
चाँद की ठंडी ठंडी छाँव में
उन फिजाओ में बोल क्या होगा
उन हवाओं में बोल क्या होगा
अपनी बाहों का सहारा दूंगी
तुझको जन्नत का नज़ारा दूंगी

आ आ आ आ आ आ आ
हम हैं वो मसीहा तेरे हर एक रोग का
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
कर देंगे अब इलाज खुदा खैर करे
………………………………………………..
Ye umar ye mizaaj-Zulm ka badla 1985

Artists: Anita Raj, Shakti Kapoor

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Jan 30, 2020

चाहे लाख तूफ़ान आये-प्यार झुकता नहीं १९८५

तूफ़ान आयें या सुनामी आये, सच्चा प्यार कभी
घबराता नहीं है. उसे डराने के लिए तरह तरह के
सामान मौजूद हैं मगर प्रेमियों में एक अटूट बंधन
और विश्वास पैदा हो जाता है जिससे उन्हें शक्ति
मिलती है प्यार के दुश्मनों का सामना करने की.

सनते हैं सन १९८५ की मिथुन और पद्मिनी वाली
फिल्म प्यार झुकता नहीं से एक युगल गीत जिसे
लता मंगेशकर संग शब्बीर कुमार ने गाया है.

एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का
संगीत. फिल्म को लक्ष्मी प्यारे की सबसे सफल
फिल्मों में गिना जाता है.

बोल लिखने के हिसाब से ये भी कठिन गाना है.
कहीं पे हो कहीं पे हो. गीत की पंक्तियाँ सब जगह
अलग अलग सी हैं.



गीत के बोल:

मोहब्बत की तड़प ए दिल
इधर भी हैं उधर भी हैं
कहें कैसे यही मुश्किल
इधर भी हैं उधर भी है

चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें

हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
ज़िन्दगी के सफ़र में जरुरत पड़ी जो कहीं
है वादा तुमको छू कर के हँसते हँसते तुम पर
कर देंगे जान फ़िदा
आ कसम खा लें
कर देंगे जान फ़िदा फ़िदा
आ कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
तुम्हीं तुम हो दुनिया मेरी मेरे प्यार का आसमां
सनम अब दिल पर अपने सितम हो चाहे जितने
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा
आ आ कसम खा लें
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा वफ़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो ज़रा
ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो जरा
तुम्हारी मुलाकात से अभी दिल नहीं है भरा
अभी दिल नहीं है भरा अभी दिल नहीं है भरा
ना बदले कभी ये फ़ज़ा
आ आ कसम खा लें
ना बदले कभी ये फ़ज़ा फ़ज़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें
ये चाहत रहेगी सदा सदा
आ आ कसम खा लें
.........................................................
Chahe laakh toofan aaye-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

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Jan 21, 2020

हो दिलवर जानिया-प्यार झुकता नहीं १९८५

किसी फ़िल्मी कहानी में ५-६ गाने तो होना ही चाहिए.
बिना गानों के फिल्म पचती नहीं है. ये पाचक चूर्ण
का काम करते हैं. शायद यही सोच है हमारे फिल्मकारों
की जो कहानी की मांग के नाम पर यहाँ वहाँ गाने
ठूंस देते हैं.

कुछ हमारी भी आदत हो चली है गाने के बिना फिल्म
नहीं सुहाती. फिल्म तो सिनेमा घर में या दूसरे माध्यम
पर १-२ बार देखना है मगर गाने कभी भी सुने जा सकते
हैं और ये मनोरंजन के प्रमुख साधनों में आज भी हैं.

एक और युगल गीत सुन लेते हैं जिसे हमने आपके
लिया चुना है फिल्म प्यार झुकता नहीं से. इस गीत के
गीतकार/संगीतकार हैं एस एच बिहारी/लक्ष्मी प्यारे.
लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार से इसे गवाया गया
है. बोल लिखे के लिहाज से गाना कठिन है. नेट पर
पसरी हुई ढेर सारी कॉपी पेस्ट साईट पर इसके बोल
अंट शंट मिलेंगे आपको. अब ये बात गूगल के मकड़े
यानि कि crawler के भी समझ आना चाहिए.

गीत में लक्ष्मी प्यारे की एक और हिट फिल्म का
नाम आता है, ज़रा ढूंढिए.



गीत के बोल:

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो हो हो हो दिलवर

यही दिन तो अपने हँसने गाने के दिन हैं
मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मैं सदके जाऊं तेरे
तोड़ न बलमा दिल को मेरे
छोड़ न अधूरी सैयां
छोड़ न अधूरी सैयां प्यार की कहानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो हो हो दिलवर

बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिरहा की अग्नि में जल के मरूँगी
कैसे कटेंगे दिल बिरहन के
रात डसेगी नागन बन के
याद हमको आयेगी जब
याद हमको आयेगी जब तेरी मेहरबानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर

फ़िर भी अगर तू न माना तो
बन के रहा जो बेगाना तो
खत्म हुआ ये अफसाना तो
कदमों में तेरे मर जाउंगी
हो रसिया मर जाउंगी हो
हो ओ ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलवर जाणियां
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर
………………………….
Ho dilvar jaaniya-Pyar jhukta nahin

Artists: Mithun, Padmini Kolhapure

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Jan 20, 2020

तुमसे मिल कर ना जाने १-प्यार झुकता नहीं १९८५

सन १९८५ की फिल्म प्यार झुकता नहीं का शायद
सबसे प्रसिद्ध गीत है ये. मिथुन चक्रवर्ती ने सबसे
ज्यादा फ़िल्में की रंजीता के साथ. सन १९७९ की
तराना से शुरू हुआ ये सिलसिला काफी फिल्मों
तक चला.

कुछ एक घरेलू फिल्मों में मिथुन शोमा आनंद के
साथ भी दिखाई दिए. जागीर फिल्म में मिथुन की
जोड़ी शोमा आनंद के साथ है. ये फिल्म सन १९८४
में आई थी. जागीर एक बहुसितारा फिल्म थी मगर
ज्यादा चली नहीं.

प्यार झुकता नहीं फिल्म में कलाकारों की संख्या
थोड़ी कम है मगर फिल्म काफी चर्चित हुई. कहानी
में थोड़ी कसावट है और गाने कैची धुन पर बने
हुए. फार्मूला वही पुराना है-गरीब नायक और अमीर
नायिका. नायिका के माँ/बाप की दखलंदाजी. इसमें
नायिका के बाप की भूमिका डैनी ने निभाई है और
इसके लिए उनकी काफी सराहना हुई.

प्रस्तुत गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है और
इसे लता संग शब्बीर कुमार ने गाया है.



गीत के बोल:

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
आज का अपना प्यार नहीं हैं
आज का अपना प्यार नहीं हैं
जन्मों का ये नाता है
नाता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

हो प्यार के कातिल प्यार की दुश्मन
लाख बनी ये दुनिया दीवानी
हो हमने वफ़ा की राह ना छोड़ी
हमने तो अपनी हार ना मानी
उस मोड़ से भी हम गुज़रे हैं
जिस मोड़ पे सब लुट जाता है
लुट जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

एक तेरे बिना इस दुनिया की
हर चीज अधूरी लगती है
तुम पास हो कितने पास मगर
नज़दीकी भी दूरी लगती है
प्यार जिन्हें हो जाये उन्हें
कुछ और नज़र कब आता है
कब आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

मर के भी कभी जो ख़त्म ना हो
ये प्यार का वो अफ़साना है
तुम भी तो हमारे साथ चलो
लो हमको वहाँ तक जाना है
वो झूम के अपनी धरती से
आकाश जहां मिल जाता है
मिल जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
……………………………………………
Tumse mil kar na jaane kyun-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

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Nov 14, 2019

भूरी भूरी आँखों वाला-अर्जुन १९८५

हिंदी गीतों में ज़रूरी नहीं जो गीत में कहा जा रहा है
वो सच हो और ऑथेंटिक हो. मान लीजिए गीतकार ने
लिखा-भूरी भूरी आँखों वाली एक लड़की है. निर्देशक ने
कहा-गीत तो लड़की को गाना है तो गीतकार लिख देता
है-भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का है. इतना एडजस्टमेंट
तो बरसों से बॉलीवुड में चला आ रहा है.

नायक नायिका में से किसकी आँखें भूरी है ये तो आप
समझिये, हम तो आपको गाना सुनवाए देते हैं. फिल्म
अर्जुन के लिए इसे लता मंगेशकर ने जावेद अख्तर के
बोलों पर गाया है जिसकी तर्ज़ तैयार की है पंचम ने.
खैर गीत की उल्लेखनीय बात है इसकी मेंडोलिन जो
गाने के अंत में स्टीरियो के दो चैनलों में अलग अलग
बीट में बज कर कानों में गुदगुदी पैदा करती है.




गीत के बोल:


सा गा प रे ला ला ला रे गा सा
हो ओ ओ ओ ओ ओ
भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं
भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं
गुमसुम गुमसुम खोया खोया सा रहता हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं
हो भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का हैं
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

मेरी आँखों में है कितने सारे सपने
रंग बिरंगे मीठे मीठे प्यारे सपने
हो मेरी आँखों में हैं कितने सारे सपने
रंग बिरंगे मीठे मीठे प्यारे सपने
दीवाने तू भी आँखों में सपने रख ले
बन के चमकेंगे राते में सारे सपने

हो भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं

तू माने न माने ऐसा दिन आयेगा
जब दुनिया के चहरे से ग़म धुल जायेगा
फूल खिलेंगे रंग हसेंगे आँचल आँचल
आँगन आँगन गूंजेगी खुशियो की पायल

हो भूरी भूरी आँखों वाला एक लड़का हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं
गुमसुम गुमसुम खोया खोया सा रहता हैं
सपने देखने से जाने क्यों घबराता हैं
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
………………………………………………
Bhoori bhoori aankhon wala ek ladka-Arjun 1985

Artists: Dimple Kapadia, Sunny Deol

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Nov 5, 2019

देखो इधर जनाब-ए-मन कहाँ खो-ज़बरदस्त १९८५

आपको ज़बरदस्त फिल्म ‘ज़बरदस्त’ से पांच ‘ज़बरदस्त’
गीत सुनवा चुके हैं. आइये लगे हाथ छठवां गीत भी सुन
लें. ये किशोर कुमार की आवाज़ वाला एकल गीत है. इस
फिल्म में बहुत से नामचीन सितारे हैं. नासिर हुसैन अपने
अनूठे कथानकों के लिए जाने जाते हैं. देव आनंद का भी
कुछ ऐसा ही हाल है फ़िल्में बनाने के मामले में. नासिर
हुसैन का सफलता अनुपात बहुत ज्यादा है देव आनंद के
मुकाबले.

वैसे आपको बता दें, इस फिल्म के एक-दो गाने बहुत बजे
लेकिन फिल्म कमर्शियली सक्सेसफुल की कैटेगरी में नहीं
आती है. गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे और संगीत दिया
राहुल देव बर्मन ने. मजरूह की लेखनी में चुम्बकीय प्रभाव
ज़बरदस्त है और इस फिल्म के लोकप्रिय गीत उस बात की
ज़बरदस्त पुष्टि करते हैं.



गीत के बोल:

हाँ
देखो इधर जनाब-ए-मन कहाँ खो गये
देखो इधर जनाब-ए-मन कहाँ खो गये
जान लो के आज से मेरे हो गये तुम
जान लो के आज से मेरे हो गये तुम
ये जान भी लो ये मान भी लो
हे ये जान भी लो ये मान भी लो

हो इस तरह न जाइये के ऐ जाने जाँ
इस तरह न जाइये के ऐ जाने जाँ
तुमसा दूसरा मुझे मिलेगा कहाँ से
ज़रा तो रुको रुको सितम न करो
हे हे हे हे हे
ज़रा तो रुको सितम न करो
देखो इधर जनाब-ए-मन कहाँ खो गये
जान लो के आज से मेरे हो गये तुम
ये जान भी लो ये मान भी लो हाँ

हो आरज़ू ये थी के तुमको अपना के हाँ
आरज़ू ये थी के तुमको अपना के
इन लबों को चूमते तुम्हें प्यार करते
मिलो जो मुझे हाँ हाँ तो प्यास बुझे
हे हे हे हे हे
मिलो जो मुझे तो प्यास बुझे

देखो इधर जनाब-ए-मन कहाँ खो गये
जान लो के आज से मेरे हो गये तुम
ये जान भी लो ये मान भी लो
ये जान भी लो ये मान भी लो
…………………………………………….
Dekhi idhar janabe man-Zabardast 1985

Artists: Rajiv Kapoor, Huma Khan, Rati Agnihotri, Rajendra Nath

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Oct 25, 2019

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले-प्यार झुकता नहीं १९८५

मिथुन चक्रवर्ती की सबसे सफल और हिट फिल्मों में से
एक है-प्यार झुकता नहीं. फिल्म में यूँ तो कलाकार बहुतेरे
हैं मगर आपको केवल तीन ही दिखलाई देंगे-मिथुन, पद्मिनी
और डैनी.

शब्बीर कुमार के जो गीत प्रसिद्ध हुए उनमें भी ये गीत काफी
सुना हुआ गीत है. जनता आज भी इसे चाव से सुन लेती है.
लाता मंगेशकर और शब्बीर कुमार का गाया ये गीत लिखा है
एस एच बिहारी ने और इसका संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की
देन है.

गीत क्या है अपने आप में कहानी है. फिल्म का सारांश आपको
केवल इस एक गीत से समझ आ जायेगा. गरीबी हीरो और
अमीर हीरोईन, ये कोम्बिनेशन एक सिद्ध फार्मूला है हिंदी फ़िल्मी
दुनिया का. इस पर बनी अधिकाँश फ़िल्में हिट हुई हैं. वैसे
भी फिल्म के निर्माता के सी बोकाडिया हैं जिन्हें शायद कोई
जादुई छड़ी हाथ लग गयी थी फिल्म हिट करने की. फिल्म के
निर्देशक हैं विजय सदाना. विजय बृज सदाना के भाई हैं.




गीत के बोल:

हजारों आंधियां आयें हजारों बिजलियाँ चमकें
कभी साथी को तनहा राह में छोड़ा नहीं करते

तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मोहब्बत की दुनिया बसाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है

कहाँ से मैं लाऊंगा रेशम की साडी
ये बंगला ये मोटर नहीं ला सकूंगा
मेरा दिल ही बस एक मेरी मिल्कियत है
जो चाहो तो बस मैं यही दे सकूंगा
मगर दिल की धडकन सुनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
तुम्हें अपना साथी बनाने से पहले
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
मेरी जान मुझको बहुत सोचना है
....................................................................
Tumhen apna sathi banana ke pehle-Pyar khukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure, Danny Dengzongpa

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Aug 21, 2019

आज की ताज़ा खबर-पत्थर १९८५

सन १९८५ की फिल्म पत्थर से एक गीत सुनते हैं जसपाल सिंह
की आवाज़ में. गीतकार सुदर्शन के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है 
राम लक्ष्मण ने.

गीत सामाजिक समस्या पर बना गीत है और इसमें वर्त्तमान हालत
का चित्रण है. आज भी ये गीत उतना ही प्रासंगिक है. जिस समाज
में नारी का सम्मान ना हो उस समाज की उन्नति और प्रगति किस
काम की.





गीत के बोल:

ओ ओ ओ ओ ओ
जिंदा अखबार हूँ मैं ज़ुल्म का शिकार हूँ मैं
जिंदा अखबार हूँ मैं ज़ुल्म का शिकार हूँ मैं
एक बेबस सत्ताई अबला की पुकार उन मैं
ढूँढता है
ढूँढता है एक भाई बहन को डगर डगर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर

कोई पापी कुचल गया एक राखी को
कोई पापी कुचल गया एक राखी को
लिए सूनी कलाई एक भाई रोता है
सोचने जैसी बात है के आज दुनिया में
दिन दहाड़े बेबसों पे सितम होता है
इन हवाओं में
इन हवाओं में किसने ग्जोल दिया ज़हर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर

फीसे से औरत खिलौना बन गयी है दुनिया में
कोई भी उसकी आबरू से खेल जाता है
भूल जाता है आदमी उसका औरत से
माँ बहन बेटी के जैसा पवित्र नाता है

टूटे सपनों से
टूटे सपनों से ये रिश्ते कहीं जाए ना बिखर

आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर

भीड़ में कोई खो गया है ढूँढता कोई
शोर इतना है कि आवाज़ डूब जाती है
कोई भाई जो वादा अपना याद करता है
बहन की डोली निगाहों में उभर आती है
मेरे मालिक
मेरे मालिक गरीब की दुवाओं को दे असर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर
आज की ताज़ा खबर आज की ताज़ा खबर
................................................................
Aaj ki taaja khabar-Patthar 1985

Artist:

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Apr 25, 2019

अंग अंग में छन्द भरे हैं-महा शक्तिमान १९८५

संगीतकार बप्पी लहरी जोर का झटका धीरे से लगाने
में माहिर हैं. चाहे वो सामंथा फॉक्स से गाने गवाने की
बात हो या मुन्नी बदनाम से बरसों पहले का उनका
गीत हो-लौंडा बदनाम हुआ, इसके अलावा चलते चलते
के गाने तो हमें आज भी याद हैं.

समय के साथ उनका ट्रेंड स्विच हो गया बाज़ार की
मांग की ओर साथ ही गीत लेखक इन्दीवर का भी.

फिल्म में एक कर्णप्रिय गीत भी मौजूद है जो हालांकि
थोडा लाउड है मगर चलेगा. आज के गानों की तुलना
में धीमा है और कम लाउड है.

इन्दीवर एक बार फिर से गीतकार हैं और इसे गाया है
येसुदास ने कविता कृष्णमूर्ति के साथ.



गीत के बोल:

सा नि ध प म प ध प म
सा रे सा
आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
मन को बस में कर लेती है
मन को बस में कर लेती है
तेरी पायल की झंकार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार

होंठों में तेरे मदिरा का प्याला
होंठों में तेरे मदिरा का प्याला

होंठों में तेरे मदिरा का प्याला
सारा बदन तेरा जैसे मधुशाला
ता थैया ता थैया नाचे जवानी
ता थैया ता थैया नाचे जवानी
झूम के आई बहार

अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार

रूप दिखा दे रस बरसा दे
रूप दिखा दे रस बरसा दे
प्यासी नज़र की प्यास बुझा दे
मुरली जो सीने से तू लगा ले
मुरली जो सीने से तू लगा ले
बीना बजे बिन साज

अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
मन को बस में कर लेती है
मन को बस में कर लेती है
तेरी पायल की झंकार
अंग अंग में छन्द भरे हैं
आँखों से छलके प्यार
……………………………………..
Ang ang mein chhand bhare hain-Maha shaktiman 1985

Artists: Raj babbar, Meenakshi Sheshadri, Danny

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Jan 21, 2019

जइयो न जइयो न दूर-आर पार १९८५

आज सुनते हैं सन १९८५ की एक कम जानी पहचानी फिल्म
आर पार से एक मधुर गीत. ये एक युगल गीत है जिसे गाया
है किशोर कुमार संग सबीना यास्मीन ने. सन १९८५ वही वर्ष
जिसमें ऋषि कपूर डिम्पल और कमाल हासन अभिनीत फिल्म
सागर भी रिलीज़ हुई थी.

शक्ति सामंत उन गिने चुने निर्माता निर्देशकों में से एक हैं
जिन्होंने आर डी बर्मन की संगीत सेवा अपनी अधिकाँश फिल्मों
में ली.

फिल्म के इस गीत में मिथुन के साथ रौशनी नामक नायिका है.
ढाई किलो चांदी के गहने पहने ये अभिनेत्री और किस फिल्म में
आई इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है.

गीत आनंद बक्षी ने लिखे है. गायिका के बारे में ज्यादा जानकारी
इधर है- सबीना यास्मीन




गीत के बोल:

हो जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान
जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान
दिन देखे रात देखे दिन देखे रात देखे
हमें साथ साथ देखे सारा जहान
जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान

तुम मेरे माझी मैं हूँ मांझी की नैया
जनम जनम एक साथी नैया खिवैया
तुम मेरे माझी मैं हूँ मांझी की नैया
जनम जनम एक साथी नैया खिवैया
बीच भंवर जो छोड़े बीच भंवर जो छोड़े
साथ जो साथी छोड़े वो बेईमान
जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान

देखेंगे किसी दिन तुमसे हम दूर जा के
देखा था हमने एक दिन तुमको भुला के
देखेंगे किसी दिन तुमसे हम दूर जा के
देखा था हमने एक दिन तुमको भुला के
तुम याद आये ऐसे हो तुम याद आये ऐसे
नदिया में आये जैसे कोई तूफ़ान
जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान

हमें इन अंखियों का काजल बना लो
काजल को छोडो हमको दिल में बसा लो
हमें इन अंखियों का काजल बना लो
काजल को छोडो हमको दिल में बसा लो
तुम बिन लगे जी ऐसे तुम बिन लगे जी ऐसे
कोई सूना सूना जैसे खाली मकान

जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान
दिन देखे रात देखे दिन देखे रात देखे
हमें साथ साथ देखे सारा जहान
जइयो न जइयो न दूर
हमरे जिया में रहियो बन जइयो जान
बन जइयो जान
………………………………………………………..
Jaiyo na jaiyo na door-Aar Paar 1985

Artist: Mithun Chakraborty, Roshni

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Jan 15, 2019

चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा-पाताल भैरवी १९८५

आइटम सोंग की ईज़ाद तो काफी समय पहले हो गई
थी मगर उसे नाम से पुकारा गया ९० के दशक में.
उसके पहले तक कोई फ़िल्मी पत्रकार इस शब्द का
प्रयोग करता रहा तो मालूम नहीं. मैंने किसी फ़िल्मी
पत्रिका या रेडियो इंटरव्यू में ये शब्द ९० के पहले
नहीं सुना.

८० के दशक के आईटम सॉंग के बापों में से एक
आज हम सुनेंगे. इसमें दो शख्सियतों की सेवाएं
ली गयी हैं. डिम्पल कपाडिया और सलमा आगा.
उस समय के दो ही ऐसे चर्चित गाने हैं जिनमें
प्रमुख अभिनेत्री ने अतिथि की तरह आईटम सॉंग
किये हों. दूसरा है फिल्म जांबाज़ का प्यार दो
प्यार लो.

इसे रेडियो वाले भी बजाते थे मगर कम. इसकी
फरमाइशें तो काफ़ी पहुँचती थीं मगर आकाशवाणी
और दूरदर्शन एक दायरे में बंधे होते हैं इसलिए
कार्यक्रम की गुणवत्ता और सर्वजन के देखने और
सुनने लायक सामान को ही तवज्जो दी जाती है.

गीत इन्दीवर का है और संगीत बप्पी लहरी का.




गीत के बोल:

ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा
मुझको बना ले प्रियतम्मा
ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा
ओ मुझको बना ले प्रियतम्मा
तू जो मुझे नहीं मिला
दिल जो मेरा नहीं खिला
निकल जायेगा मेरा दम्मा
हाय ओ प्रियतम्मा

ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा
ओ मुझको बना ले प्रियतम्मा
तू जो मुझे नहीं मिला
दिल जो मेरा नहीं खिला
निकल जायेगा मेरा दम्मा
हाय ओ प्रियतम्मा
ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा

ऊ आ आह
हाय माँ हाय माँ हाय माँ
क्यों तू मुझसे भागे
हाय माँ हाय माँ हाय माँ
मेरी जवानी तुझसे मांगे
चुम्मा चुम्मा
हाय माँ हाय माँ हाय माँ
क्यों तू मुझसे भागे
हाय माँ हाय माँ हाय माँ
मेरी जवानी तुझसे मांगे
दिल बहलाऊंगी मैं
तेरे लिए गाउंगी मैं
नाचूंगी मैं छम छम्मा
हाय प्रियतम्मा

ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा
ओ मुझको बना ले प्रियतम्मा
तू जो मुझे नहीं मिला
दिल जो मेरा नहीं खिला
निकल जायेगा मेरा दम्मा
हाय प्रियतम्मा

आ ऊ आ
सजना सजना सजना
रूप का मैं हूँ समुदर
सजना सजना सजना
डूब जा मेरे अंदर
चुम्मा चुम्मा
सजना सजना सजना
रूप का मैं हूँ समुदर
सजना सजना सजना
डूब जा मेरे अंदर
दिल मेरा बाँच ले तू
साथ मेरे नाच ले तू
आज ज़रा बदकम्मा
हाय प्रियतम्मा

ऊ हो हो
चुम्मा चुम्मा चुम्मा चुम्मा
ओ मुझको बना ले प्रियतम्मा
तू जो मुझे नहीं मिला
दिल जो मेरा नहीं खिला
निकल जायेगा मेरा दम्मा
हाय प्रियतम्मा
हो ओ प्रियतम्मा
हो ओ प्रियतम्मा
………………………………………………………………
Chumma chumma chumma chumma-Pataal Bhairavi 1985

Artists: Jeetendra, Dimple Kapadiya

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Dec 8, 2018

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं-राम तेरे कितने नाम १९८५

अभिनेत्री रेखा ने जितना उतार चढ़ाव भरा जीवन जिया है
उतना शायद किसी अभिनेत्री ने नहीं. ये संयोग ही है कि
जितने भावों के रंग और उतार चढ़ाव उनके अभिनय में
दिखाई देते हैं वो अधिकाँश जिंदगी में भी उतर आये. ये
ज़रूर है उन्होंने वाटर या फायर जैसी किसी फिल्म में काम
नहीं किया.

एक गीत है ज़मीन आसमान का जिसमें वो एक दुधमुंहे
बच्चे को ले कर एक करुण स्वर वाला गीत गा रही हैं. ये
उनके जीवन का अभाव उस गीत में भी झलकता है.

राम तेरे कितने नाम फिल्म में उनके साथ संजीव कुमार
प्रमुख नायक हैं. फिल्म में विनोद मेहरा भी मौजूद हैं जो
कहानी के अनुसार फिल्म में उनके पति बने हैं. दोनों के
संबंधों में खटास है. फिल्म का प्रमुख नायक कहानी के
अंत तक अपने त्याग और समर्पण से इस खटास को दूर
कर देता है. 




गीत के बोल:

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं
तकदीर कहाँ ले आई है
.
.
.
.
....................................................
Manzil thi kahin jaana tha kahin-Ram tere kitne naam 1985


Artist: Rekha

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Aug 19, 2018

तेरा अहदे जवानी-सौतेला पति १९८५

पहले मुझे लगता था सौतेला, सौतन वगैरह शब्दों से केवल
सावन कुमार फ़िल्में बनाया करते हैं. सावन कुमार बेवफा
शब्द की ओर मुड़े तो अन्य फिल्मकार भी उनके क्षेत्र में
आ गए और सौतेले शब्द का प्रयोग करने लगे.

१९८५ की फिल्म सौतेला पति इसका अच्छा एग्जाम्फल
है. ये बात तो और है ही कि फिल्म हिट कराने की कला
सावन कुमार के पास है. सौतेला पति फिल्म के निर्देशक
हैं बी आर इशारा जो फिल्मों के अलग ट्रीटमेंट के लिए
फेमस रहे.

फिल्म से गुलशन बावरा का लिखा हुआ एक गीत सुनते
हैं जिसे मोहम्मद अज़ीज़ ने गाया है. अच्छा गीत है.

पिछले गीत में कमर और चाँद का कनेक्शन था इसमें
कमर आकाशगंगा हो गई. ये कमर के पीछे क्यूँ पड़ी
ही है जनता?

फिल्म में दो हेल्दी हीरोईनें हैं-आशा सचदेव और खुशबू.



गीत के बोल:

संभल कर पाँव रखना
आग लग जाये न पानी में
ये दरिया डूब जाये
चाल गर देखे रवानी में
घिरे घन घोर बादल
मोती मोती हो बिखर जायें
घिरे घन घोर बादल
मोती मोती हो बिखर जायें

अगर गेसू निचोडें
खा के बल जोशे जवानी में

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं हम पे भारी हैं
तुझे आसान हैं जीना मगर
तुझे आसान हैं जीना मगर
मुश्किल हमारी हैं
मुश्किल हमारी हैं
ओ तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं हम पे भारी हैं

तेरा जोबन तो दिल ले गया
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
हो तेरा जोबन तो दिल ले गया
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
चैन खो के कहो क्या कहें
ओ चैन खो के कहो क्या कहें
अब किसकी बारी हैं

हो अब किसकी बारी हैं

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं

तेरे आँचल में सुबह हैं
कमर आकाश गंगा हैं
हो तेरे आँचल में सुबह हैं
कमर आकाश गंगा हैं
कमर आकाश गंगा हैं
ये दिन हमपे न निकला कभी
ये दिन हमपे न निकला कभी
किस्मत हमारी हैं
किस्मत हमारी हैं

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं

चाल ने हमसे चालें चली
जाल वालो ने फैला दिया
चाल ने हमसे चालें चली
जाल वालो ने फैला दिया
जाल वालो ने फैला दिया
फँस गया दिल का पंछी मेरा
फँस गया दिल का पंछी मेरा
बाज़ी ये हारी हैं
हाय बाज़ी ये हारी हैं

हो तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं
हम पे भारी हैं
तुझे आसान हैं जीना मगर
तुझे आसान हैं जीना मगर
मुश्किल हमारी हैं
मुश्किल हमारी हैं
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं
…………………………………………………………
Tera ahde jawani-Sautela pati 1985

Artist:

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Jul 14, 2018

दिल अगर जवान है-बाँड ३०३ १९८५

विदेशी फिल्मों के देसीकरण के साथ कुछ मजेदार पहलू
उभर के सामने आते हैं तो कुछ हद तक बोरियत भी.
१०० मिनट की अंग्रेजी फिल्म में ज़बरदस्त टाईटल ट्रेक
के साथ सौंदर्य दर्शन, अंडर वाटर स्विमिंग के साथ सारा
स्टंट, स्वच्छंद रोमांस सब कुछ हो जाता है, नए नए
गेजेट्स देखने को मिल जाते हैं.

हिंदी फिल्मों की भैंस उसी के ३० प्रतिशत को दिखाने
के लिए नाना प्रकार की भांडगिरी दिखलाने को मानसिक
रूप से मजबूर है. लचर पटकथा और थके से गानों से
लबालब ये फ़िल्में जाने क्या सोच कर बनाई जाती रहीं
कि दर्शक सिनेमा हॉल में आ के कुर्सी और परदे को चूम
कर शाबाशी देगा ?

सन १९८१ में एक बाँड फिल्म आई थी-फॉर योर आईज़
ऑनली जिसमें शीना ईस्टन का एक फडकता हुआ गाना
है. ये देसी दर्शकों का वक्तव्य है जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती
मगर इसके संगीत के मुरीद हैं. वे तो उन लाल होंठों के
भी मुरीद हैं जो परदे पर आ के छा जाते हैं और उन्हें
मेस्मेराईज़ कर जाते हैं. ४०-५० फीट के परदे पर होंठ ही
होंठ दिखाई देते थे.

प्रस्तुत गीत में ज़ू ज़ू की आवाजें काफी हैं ये बतलाने के
लिए कि जो परदे पर दिखाई दे रहा है वो ज़ू(चिड़ियाघर)
ही तो हो. गीतकार और संगीतकार के ह्यूमर सेन्स की
दाद देना चाहिए. कुछ नहीं समझ आता तो मम्मी पापा
याद आते हैं. इस गीत में चेंज के लिए पापा को याद
किया जा रहा है.

गीत में जीतेंद्र, देवेन वर्मा और प्रेम चोपड़ा प्रमुख कलाकार
हैं उसके अलावा कौन कौन हैं ये आपको वो महंगे वाले
अंग्रेजी के ब्लॉग पर मालूम हो जायेगा जहाँ आप लोग
जा कर कूद कूद कर टिप्पणियां करते हैं.

गुलशन बावरा ने इस अविस्मरणीय, awesome, jawsome
गीत की रचना की है और इसे किशोर कुमार के साथ
स्वयं संगीतकार और एनेट पिंटो ने गाया है. एनेट पिंटो
की आवाज़ में कशिश है गर संगीतकार ने कुछ गाने
उनसे गवा लिए होते तो उस डिस्को युग में कुछ तो
हिट हो ही जाते.




गीत के बोल:

ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू
अरे ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू
ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू

दिल अगर जवान है तो है तो
आदमी जवान है
अरे ज़िन्दगी है उसकी जिसपे
जिसपे हुस्न मेहरबान है
ज़ू रु रु ज़ू रु रु
दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

जीना है तो दुनिया में
पा पा पा पा
जीना है तो दुनिया में अपना रंग जमा के जी
मस्ती का ये पैमाना सबसे टकरा के पी

अरे जीना है तो दुनिया में अपना रंग जमा के जी
मस्ती का ये पैमाना सबसे टकरा के पी

प्यार के नशे में झूम इस में तेरी शान हैं
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

पा पा पा पा पा पा पा पा
पा पा पा पा पा पा पा पा पापा

बिना पिये ही आता है
पा पा पा पा
बिना पिये ही आता है दिल को जोश जवानी में
किसको रहता है यारों होश जवानी में
अरे बिना पिये ही आता है दिल को जोश जवानी में
किसको रहता है यारों होश जवानी में


जवानी एक तीर बाकी ज़िन्दगी कमान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है
………………………………………………………..
Dil agar jawan hai to-Bond 303

Artists: Jeetendra, Deven Verma, Prem Chopda

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Jul 7, 2018

सुन बलिये नी बलिये-ज़ुल्म का बदला १९८५

पंजाबी स्वाद वाला गीत पेश है सन १९८५ की फिल्म
ज़ुल्म का बदला से. इसे लिखा है कुलवंत जानी ने और
इसकी धुन तैयार की है सोनिक ओमी ने. इसे संगीतकार
जोड़ी में से एक ओमी ने चंद्राणी मुखर्जी संग गाया है

इसे किस पर फिल्माया गया है उस पर आप चाहें तो
रिसर्च कर सकते हैं, सारे साधन मौजूद है नेट पर.



गीत के बोल:

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
अपने पिया का अँगना सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तू सास ससुर को माँ बाप समझना
बिन कहे पति की हर बात समझना
और अगले बरस में तेरी गोद भरेगी
हर दिल पर जा के तू राज करेगी
हो साजन का दिल हरदम बहलना होगा
फूलो से वो गुलशन सजाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

तुझे पा के अकेली अब पकड़ेंगे सैयां
और बाहों में कस के फिर जकड़ेंगे सैयां
तेरी मांग भरी है अब सेज सजेगी
तू आज कली है कल फूल बनेगी
हो पहले पहले थोडा शर्माना होगा
फिर सैयां के दिल में बस जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

मा बाप छूटेंगे दिलदार मिलेगा
ससुराल में तुझको हर प्यार मिलेगा
उस द्वार से भी दुःख अब दूर रहेंगे
जिस द्वार से बहना तेरा द्वार मिलेगा
ओ घर को अपने मंदिर बनाना होगा
मन मंदिर में पी को बिठाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये
सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

ओ बाबुल का घर छोड़ के अब जाना होगा
ये जन्मों का बंधन निभाना होगा

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नी सजना के चलिये

सुन बलिये नी बलिये नी बलिये
चल चलिये नइ सजना के चलिये
................................................................
Sun baliye ni baliye-Zulm ka badla 1985

Artists:

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Jun 14, 2018

तुम हम से मिले जब से-सौतेला पति 1985

सौतेला सीरीज़ के तहत फिल्म सौतेला पति से एक गीत
सुनते हैं. ये सन १९८५ के फिल्म है. बी आर इशारा इस
फिल्म के निर्देशक हैं.

फिल्म में राज किरण, खुशबू, नवीन निश्चल, मजहर खान,
मदन पुरी और गुलशन ग्रोवर जैसे कलाकार हैं. इस गीत
को लिखा है भूषण बनमाली से और धुन तैयार की है
इक़बाल कुरैशी ने. आशा भोंसले संग इसे किशोर कुमार ने
गाया है. इसे किशोर भक्त रेयर सोंग कहा करते हैं. किसी
समय इसे सुन पाना वाकई रेयर एक्टिविटी होती थी.
बेचारे चाँद को यहाँ कमर से जोड़ा गया है.



गीत के बोल:

तुम हम से मिले जब से
तुम हम से मिले जब से
हम दूर हुये सबसे
तुम ऐसे न थे पहले
तुम ऐसे न थे पहले
ये हाल हुआ कब से
तुम हम से मिले जब से

फूल सी हसीं नज़र हाय चाँद सी कमर
फूल सी हसीं नज़र हाय चाँद सी कमर
एक बार देख कर रही न अपनी कुछ खबर
दीवाने हैं हम दीवाने हैं हम तबसे
तुम ऐसे न दी पहले
तुम ऐसे न दी पहले

यार मेहरबान हैं हर फ़िज़ा जवान हैं
यार मेहरबान हैं हर फ़िज़ा जवान हैं
हम जहां हैं वो ज़मीं आज आसमान हैं

माँगा हैं तुम्हे माँगा हैं तुम्हे रब से
तुम हम से मिले जब से
तुम हम से मिले जब से

एक ही ख्याल हैं हर नज़र सवाल हैं
एक ही ख्याल हैं हर नज़र सवाल हैं
जो तुम्हारा हाल हैं वही अपना हाल हैं
जो तुम्हारा हाल हैं वही अपना हाल हैं
होंगे न जुदा होंगे न जुदा अब से

तुम हम से मिले जब से
तुम हम से मिले जब से
हम दूर हुए सब से

तुम हम से मिले जब से
तुम हम से मिले जब से
.............................................................
Tum hanse mile jab se-Sautela pati 1985

Artists:

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Jun 5, 2018

मामैया केरो केरो-अर्जुन १९८५

अर्जुन श्रीकृष्ण संवाद से एक और फिल्म याद आई जो सन
१९८५ की ही फिल्म है नाम है अर्जुन. सनी देवल नायक हैं
इस फिल्म के और उनके साथ साइड किक के रूप में तीन
अन्य कलाकार भी हैं. राजनीति के दुश्चक्रों पर आधारित है
ये फिल्म और इसमें बतलाया गया है किस तरह से युवा
पीढ़ी की ऊर्जा नकारात्मक कार्यों में बर्बाद की जाती है और
ज़रूरत खत्म होने के बाद उन्हें अम् की गुठली की तरह चूस
के फ़ेंक दिया जाता है.

नायक इन सब स्थितियों से संघर्ष करता है और अर्जुन की
आँख की तरह अपने उद्देश्य और लक्ष्य पर कायम रहता है और
फ़िल्मी फार्मूलों के हिसाब से अंत में विजय उसकी ही होती है.

जावेद अख्तर के बोल हैं और आर डी बर्मन का संगीत. इसे
शैलेन्द्र सिंह और साथियों ने गाया है. अब ये इजिप्ट की राजधानी
वाले मामा है या केरोसीन वाले या आप पता लगाइये.




गीत के बोल:

हे मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा
मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा
दुनिया माने बुरा तो गोली मारो
गोली मारो
डर के जीना हैं कोई जीना यारो
गोली मारो
दुनिया माने बुरा तो गोली मारो
हो डर के जीना हैं कोई जीना यारो
गोली मारो
यारों पे सदा जान करो फिदा
दुश्मन को ये बता दो दुश्मनी हैं क्या
दुनिया माने बुरा तो गोली मारो
गोली मारो
डर के जीना हैं कोई जीना यारो
गोली मारो
यारों पे सदा जान करो फ़िदा
दुश्मन को ये बता दो दुश्मनी हैं क्या
मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा
मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा

जब चल पड़े हम तो रुकते नहीं
आंधी के आगे भी झुकते नहीं
जब चल पड़े हम तो रुकते नहीं
आंधी के आगे भी झुकते नहीं
सर झुकाए जो हांर जाये जो
वो आदमी भी कोई आदमी हैं क्या
दुनिया माने बुरा तो गोली मारो
गोली मारो
डर के जीना हैं कोई जीना यारो
गोली मारो
यारों पे सदा जान करो फ़िदा
दुश्मन को ये बता दो दुश्मनी हैं क्या

घर ने जो दिल से निकाला हुए
इन रास्तो ने हैँ पाला हमे
घर ने जो दिल से निकाला हुए
इन रास्तो ने हैँ पाला हमे
मुस्कुरा के हम झेलते हैं ग़म
रोके जिसे वो कोई ज़िन्दगी है क्या
दुनिया माने बुरा तो गोली मारो
गोली मारो
डर के जीना हैं कोई जीना यारो
गोली मारो
यारों पे सदा जा करो फ़िदा
मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा
मामैया केरो केरो
केरो मामा केरो मामा
………………………………………………………
Mamaiya kero kero-Arjun 1985

Artists: Sunny Deol, Raja Bundela

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Jun 3, 2018

डंके पे चोट पड़ी है-युद्ध १९८५

सुनते हैं सन १९८५ की फिल्म युद्ध से एक लोकप्रिय गीत.
इस गीत में महाभारत वाला प्रसंग है जिसमें कृष्ण अर्जुन
से युद्ध करने के लिए कह रहे हैं.

आनंद बक्षी की रचना है और कल्याणजी आनंदजी का
संगीत. इसे स्वर दिया है अमित कुमार और अलका याग्निक
ने.




गीत के बोल:

डंके पे चोट पड़ी हैं
सामने फौज खड़ी
डंके पे चोट पड़ी हैं
सामने फौज खड़ी है
कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर युद्ध कर
युद्ध कर युद्ध क

डंके पे चोट पड़ी हैं
सामने फौज खड़ी है
डंके पे चोट पड़ी हैं
सामने फौज खड़ी
कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर युद्ध कर
युद्ध कर युद्ध कर

डंके पे चोट पड़ी हैं
हाँ सामने फौज खड़ी है
कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर हाँ युद्ध कर
ओ युद्ध कर युद्ध कर

हो हो ओ ओ ओ ओ
सदियों पहले की ये कहानी
आज जुबां पर आई हैं
आज जुबां पर आई हैं
आज की रात न जाने क्या हो
शाम खबर ये लाई हैं
शाम खबर ये लाई हैं
तेरे इम्तहान की ये घड़ी हैं
सामने मौत खड़ी हैं
तेरे इम्तहान की ये घड़ी हैं
सामने मौत खड़ी हैं
हो कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर हाँ युद्ध कर
हो युद्ध कर युद्ध कर

हो हो ओ ओ ओ ओ
दुनिया वाले कब झुकते है
प्यार की मीठी बातों से
इनको सबक सिखाना होगा
लड़ कर अपने हाथों से
हाँ लड़ कर अपने हाथों से
बातों से बात बड़ी हैं
सामने मौत खड़ी हैं
बातों से बात बड़ी हैं
सामने मौत खड़ी हैं
कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर हाँ युद्ध कर
हो युद्ध कर युद्ध कर

डंके पे चोट पड़ी हैं
हाँ सामने फौज खड़ी है
कृष्ण ने कहा अर्जुन से
न प्यार जता दुश्मन से
युद्ध कर हाँ युद्ध कर
ओ युद्ध कर युद्ध कर
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Danke pe chot padi hai-Yudh 1985

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