May 10, 2019

चमन के फूल भी तुझको-शिकारी १९६३

हीरो खाता पीता लागे से तो हीरोईण क्यूँ भूखी मरे ताऊ. हीरोईण
भी खाते पीते घर की होणी चाहिए से. आइये सुनें फिल्म शिकारी
का एक मधुर गीत जिसमें नायक नायिका दोनों सेहतमंद हैं.

एक ज़माना था जब हीरो मोटा हो पतला हो, हीरोईन दुबली ही दिखाई
देती मानो उसे खाना कम मिल रहा हो. फ़िल्मी हीरो की तोंद भले ही
बाहर निकल रही हो हीरोईन अकालग्रस्त इलाके में पैदा होने वाली जनता
से थोड़ी ही बेहतर नज़र आती. इस मामले में उत्तर भारतीय सिनेमा से
दक्षिण भारत का सिनेमा काफी उदार रहा.

रफ़ी और लता का गाया ये युगल गीत काफी लोकप्रिय गीत है और
इसे लिखा है फारूख कैसर ने जिसकी धुन तैयार की है जी एस कोहली
ने.




गीत के बोल:

चमन के फूल भी तुझको गुलाब कहते हैं
हमीं नहीं हैं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
नज़र मिला के मेरे दिल की बात पहचानो
सुना है चेहरे को
सुना है चेहरे को दिल की किताब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको

साज़-ए-दिल छेड़ दिया है तो ये नगमा सुन लो
बिखरी बिखरी हुई ये प्यार की किरणें चुन लो
इसी किरण को सनम आफ़ताब कहते हैं
हमीं नहीं हमीं नहीं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको

आज तक देखी नहीं ऐसी दहकती आँखें
डाल दो आ के इन आँखों में छलकती आँखें
संभल के पीना इसे सब शराब कहते हैं
हमीं नहीं हमीं नहीं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं

चमन के फूल भी तुझको गुलाब कहते हैं
हमीं नहीं हैं सभी लाजवाब कहते हैं
नज़र मिला के मेरे दिल की बात पहचानो
सुना है चेहरे को दिल की किताब कहते हैं
चमन के फूल भी तुझको
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Chaman ke phool bhi tujhko-Shikari 1963

Artists: Ajit, Ragini

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