रोका कई बार मैंने-मेरे सनम १९६५
गा रही हों एक मर्दाना आवाज़ में और एक जनाना आवाज़
में. ऐसे गीत ज्यादा तो नहीं मगर कुछ एक हैं.
सुनते हैं फिल्म मेरे सनम से एक युगल गीत रफ़ी और आशा
का गाया हुआ. मजरूह के बोल हैं और नैयर का संगीत.
अपने समय का एक चर्चित गीत है ये. हरी भरी वादियों
में फिल्माए गए इस गीत को हम पर्यावरण प्रेमी गीत कह
सकते हैं. उस पर फुंदे वाली टोपियां वाह वाह जी.
गीत के बोल:
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
देखो मेरी आँखें तुम्हारा ही खुमार है
होंठों की ये लाली सनम तेरा प्यार है
देखो मेरी आँखें तुम्हारा ही खुमार है
होंठों की ये लाली सनम तेरा प्यार है
दिल को लगाया मुझे तो इकरार है
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
माना तेरा आँचल हाथों से अभी दूर है
बाहों में उठा लूं ये अरमान ज़रूर है
माना तेरा आँचल हाथों से अभी दूर है
बाहों में उठा लूं ये अरमान ज़रूर है
मानो ना मानो दीवाना बेक़सूर है
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
देखें तेरी सूरत जो इतने करीब से
घिर गई मैं तो ख्यालों में अजीब से
देखें तेरी सूरत जो इतने करीब से
घिर गई मैं तो ख्यालों में अजीब से
दिल पे क्या बीती ना पूछो ये गरीब से
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
रोका कई बार मैंने दिल की उमंग को
क्या करूं मैं अपनी निगाहों की पसंद को
ओ जाने-जान तू ही मेरे प्यार का जहां है
हो ओ ओ ओ ओ आ हा हा
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Roka kai baar-Mere sanam 1965
Artists: Bishwajeet, Asha Parekh
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