Showing posts with label 1947 Earth. Show all posts
Showing posts with label 1947 Earth. Show all posts

Nov 28, 2019

बन्नो रानी तुम्हें सियानी-१९४७ अर्थ १९९९

बन्ना बन्नी हिट्स के अंतर्गत आने वाला एक गाना सुनते
हैं जिसे साधना सरगम ने गाया है. गीत में सयानी को
सियानी गाया जा रहा है. ग्रामीण अंचलों में शब्दों को
अलग अलग तरह से बोला जाता है.

गीत जावेद अख्तर का है और संगीत ए आर रहमान का.
गीत में आपको आमिर खान संग नंदिता दास दिखाई देंगे.





गीत के बोल:

बन्नो रानी तुम्हें सियानी
होना ही था होना ही था होना ही था
एक राजा की तुमको रानी
होना ही था होना ही था होना ही था
बन्नो रानी एक दिन तुमको
बन्ने राजा के घर डोली में जा के
हम सखियों से यूँ अनजानी
होना ही था होना ही था होना ही था
बन्नो रानी तुम्हें सियानी
होना ही था होना ही था होना ही था


नैनों में हैं काजल के डोरे
मेहंदी से रचे हाथ गोरे
झूमर तेरा दम दम दमके
झुमका तेरा झम झम झमके
हार गले में जगमगाये
आँचल तेरा रेशम रेशम
हौले हौले मद्धम मद्धम

तू मन ही मन मुस्काये
तू मन ही मन मुस्काये
सुख सपनों में यूँ मस्तानी
होना ही था होना ही था होना ही था

बन्नो रानी तुम्हें सियानी
होना ही था होना ही था होना ही था

बन्ने राजा जो पास आयें
चाहें के ये घूँघटा उठायें
देखो बन्नो मान ना जाना
मुखड़ा उनको ना दिखलाना
पहले सौ बातें मनवाना
कहना बोलो कर के सलामी
बन्नो करूँगा तेरी गुलामी
मैं तो हूं तेरा दीवाना हाँ हाँ
मैं तो हूं तेरा दीवाना

तुम्हें दीवाना तुम्हें दीवानी
होना ही था होना ही था होना ही था

बन्नो रानी तुम्हें सियानी
होना ही था होना ही था होना ही था
एक राजा की तुमको रानी
होना ही था होना ही था होना ही था
बन्ने राजा के घर डोली में जा के
हम सखियों से यूँ अनजानी
होना ही था होना ही था होना ही था
बन्नो रानी तुम्हें सियानी
होना ही था होना ही था होना ही था
…………………………………………………….
Banno rani tumhen siyani-1947 earth 1999

Artists: Aamir Khan, Nandita Das

Read more...

Sep 1, 2019

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में-१९४७ अर्थ १९९८

सन १९९८ की फिल्म १९४७ अर्थ से एक गीत सुनते हैं. फिल्म
बापसी सिधवा के उपन्यास क्रेकिंग इण्डिया के ऊपर आधारित
है मगर कहानी में बदलाव हैं. फिल्म का निर्देशन दीपा मेहता
ने किया है. इस फिल्म में शबाना आज़मी, आमिर खान,
नंदिता दास, राहुल खन्ना , कुलभूषण खरबंदा, माइया सेठना
और गुलशन ग्रोवर जैसे कलाकार हैं.

राहुल खन्ना विनोद खन्ना के सुपुत्र हैं और ये उनकी पदार्पण
फिल्म भी है जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर नयी प्रतिभा सम्मान
मिल चुका है.

सुनते हैं जावेद अख्तर का लिखा गीत जिसे अनुराधा श्रीराम और
सुजाता मोहन ने गाया है. संगीत है ए आर रहमान का.





गीत के बोल:

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यूँ है जंग क्यूँ है
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इंसान का दिल तंग क्यूँ है

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यूँ है जंग क्यूँ है
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इंसान का दिल तंग क्यूँ है

कदम कदम पर सरहद क्यूँ है
सारी ज़मीन जो तेरी है
सूरज के फेरे करती है
फिर क्यूँ इतनी अँधेरी है
इस दुनिया के दामन पर
इंसान के लहू का रंग है क्यूँ

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यूँ है जंग क्यूँ है
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इंसान का दिल तंग क्यूँ है

गूँज रही है कितनी चीखें
प्यार की बातें कौन सुने
टूट रहे हैं कितने सपने
इनके टुकड़े कौन चुने
दिल के दरवाजों पर ताले
तालों पर ये जंग है क्यूँ

ईश्वर अल्लाह तेरे जहां में
नफ़रत क्यूँ है जंग क्यूँ है
तेरा दिल तो इतना बड़ा है
इंसान का दिल तंग क्यूँ है
............................................
Ishwar Allah Tere Jahan Mein-1947 Earth 1998

Artists:

Read more...

Jun 22, 2016

रुत आ गई रे-१९४७ अर्थ १९९९

रुत आना मतलब वैसा ही कुछ है जैसे मौसम आना, समय
आना, किसी त्यौहार का वक्त आना, कोई खास समय आना.

१९४७ अर्थ फिल्म से ये गीत है जिसे सुखविंदर गा रहे हैं.
जावेद अख्तर के बोल हैं और ए आर रहमान का संगीत.
इसे आमिर खान और नंदिता दास पर फिल्माया गया है.

पतंग उड़ाने का समय मकर संक्रांति के आस पास आता है.
हमारे देश में कई जगह पतंग फेस्टिवल का आयोजन होता
है उस समय.

मैं भी एक ब्रेक लेता हूँ, खाना खाने के बाद रुत हट्टी टगन
की आ गयी है.





गीत के बोल:

रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे

पीली पीली सरसों फूले पीले-पीले पत्ते झूमें
पीहू-पीहू पपीहा बोले चल बाग़ में

धमक धमक ढोलक बाजे
छनक छनक पायल छनके
खनक खनक कंगना बोले
चल बाग़ में

चुनरी जो तेरी उड़ती है उड़ जाने दे
बिंदिया जो तेरी गिरती है गिर जाने दे
चुनरी जो तेरी उड़ती है उड़ जाने दे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे


गीतों की मौज आई फूलों की फौज आई
नदिया में जो धूप घुली सोना बहा
अम्बुवा से है लिपटी एक बेल बेले की
तू ही मुझसे है दूर आ पास आ

मुझको तो साँसों से छु ले
झूलूँ इन बाहों के झूले
प्यार थोड़ा सा मुझे दे के
मेरे जान-ओ-दिल तू ले ले

रुत आ गई रे रुत छा गई रे
रुत आ गई रे रुत छा गई रे

पीली पीली सरसों फूले पीले-पीले पत्ते झूमें
पीहू-पीहू पपीहा बोले चल बाग़ में
धमक धमक ढोलक बाजे
छनक छनक पायल छनके
खनक खनक कंगना बोले
चल बाग़ में

तू जब यूँ सजती है इक धूम मचती है
सारी गलियों में सारे बाज़ार में
आँचल बसंती है उसमें से छनती है
जो मैंने पूजी है मूरत प्यार में
जाने कैसी है ये डोरी मैं बंधा हूँ जिससे गोरी
तेरे नैनों ने मेरी नींदों की कर ली है चोरी

रुत आ गई रे रुत छा गई रे
...................................................................
Rut aa gayi re-1947 Earth 1999



Artists-Aamir Khan, Nandita Das 

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP