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Jun 22, 2017

चले जाना ज़रा ठहरो-अराउंड द वर्ल्ड १९६७

तुम्हारी उपस्थिति ऑक्सीजन का काम करती है. तुम दिल की,
दमे की दवा हो. प्रस्तुत गीत का अगर कोई डॉक्टर अर्थ बताएगा
तो ऐसा ही बताएगा.

फिल्म अराउंड द वर्ल्ड के इस गीत को लिखा है शैलेन्द्र ने और
गीत की धुन शंकर जयकिशन की देन है. मुकेश और शारदा इसे
गा रहे हैं राज कपूर और राजश्री के लिए.

बड़े गीत सुनने के लिए भी धैर्य चाहिए. सुनने वाले का दम निकल
जाता है.




गीत के बोल:

चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना

अभी आए हो बैठो तो
ये मौसम भी सुहाना है
अभी आए हो बैठो तो
ये मौसम भी सुहाना है
अभी तो हाल-ए-दिल तुमको
निगाहों से सुनाना है
नज़र प्यासी ये दिल प्यासा
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना

हसीं झरनों के साये में
अकेला छोड़ जाते हो
हसीं झरनों के साये में
अकेला छोड़ जाते हो
हमारे दिल को आख़िर किसलिए
तुम तोड़ जाते हो
ज़रा दम लो कहा मानो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना

हमारी जान हो तुम भी
अगर चल दीं तो फ़िर क्या है
हमारी जान हो तुम भी,
अगर चल दीं तो फ़िर क्या है
तुम्हारे बिन बहारों में
ख़ुशी क्या है मज़ा क्या है
ओ जान-ए-मन न जाओ तुम
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना

क़सम खाती हूँ मैं अपनी
तुम्हें अब ना सताऊँगी
क़सम खाती हूँ मैं अपनी
तुम्हें अब ना सताऊँगी
तुम्हारी बात जो भी हो
वही मैं मान जाऊँगी
भरी आँखें रुकी सासें
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना
.............................................................................
Chale jaana zara thehro-Around the world 1967

Artists: Raj Kapoor, Rajshri

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May 10, 2017

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय-एराउंड द वर्ल्ड १९६७

हिंदी सिनेमा ने हमें गीतों की इस हद तक लत लगा दी है कि
महज़ चाय बनाने के ऊपर फिल्म बने तो भी उसमें २-३ गीत
अवश्य ही होंगे. आपको याद हो तो सन १९५५ में एक फिल्म
बनायीं गयी थी बूट पॉलिश. मूल फिल्म में गीत नहीं थे और
इसे बनाने के बाद निर्माताओं के दिमाग में ये ख्याल आया कि
डोक्युमेंट्री सरीखी लगने वाली फिल्म को फिल्म बनाया जाए और
इसमें गीत डाले जाएँ. गीतों के बाद फिल्म रोचक हो गयी.

सुनते हैं मुकेश का गाया एक गीत दुनिया की सैर पर बनी फिल्म
से जिसमें राज कपूर और राजश्री की जोड़ी है. शैलेन्द्र के बोल हैं
और शंकर जयकिशन का संगीत.



गीत के बोल:

जोश-ए-जवानी हाय रे हाय
निकले जिधर से धूम मचाये
दुनिया का मेला मैं हूँ अकेला
कितना अकेला हूँ मैं
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय 

शाम का रंगीं शोख़ नज़ारा
और बेचारा ये दिल
ढूँढ के हारा कोई सहारा
पर न मिली मंज़िल
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय 

कोई तो हमसे दो बात करता
कोई तो कहता हलो
घर न बुलाता पर ये तो कहता
कुछ दूर तक संग चलो
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय 

बेकार गुज़रे हम इस तरफ़ से
बेकार था ये सफ़र
अब दर-ब-दर की खाते हैं ठोकर
राजा जो थे अपने घर
जोश-ए-जवानी हाय रे हाय
…………………………………………
Josh-e-jawani haaye re haaye-Around the world 1967

Artists: Raj Kapoor, Rajshri

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