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Dec 1, 2019

तुम्हारी भी जय जय-दीवाना १९६७

जियो और जीने दो वाला सिद्धांत डार्विन की थ्योरी से
थोडा अलग चलता है. आज के समय में इस विचार के
पुनः प्रसार की ज़रूरत है. भौतिकतावादी युग में मानवीय
सम्बन्ध और मूल्य खोते जा रहे है.

समतावादी विचारधारा वाले लोग आपको कम मिलेंगे इस
युग में. सर्वजन सुखाय वाला सिद्धांत तभी सफल हो सकता
है जब आबादी का अधिकाँश तबका आपस में एक दूसरे
का ख्याल रखे. उसकी भैंस मेरी भैंस से बड़ी क्यूँ है, उसके
केक पर एक्स्ट्रा आइसिंग क्यूँ है जैसे विचारों को त्यागना
होगा. संतोष और शांति एक दूसरे से संबद्ध हैं.

शैलेन्द्र का लिखा हुआ गीत सुनते हैं जिसे मुकेश ने गाया
है शंकर जयकिशन की धुन पर. रेलगाड़ी या रेलवे स्टेशन
हिट्स में आप इसे शामिल कर लीजिए पर तनिक ये तो
बताइयेगा ये प्रीतमपुर नाम का स्टेशनवा हमरे देश के
जुगराफ़िया में कहाँ पर है? गीत के अंत में रेलगाड़ी की
छुक छुक और संगीत का बढ़िया मिश्रण है उसका आनंद
उठाना ना भूलियेगा.



गीत के बोल:

तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय
न तुम हारे न हम हारे
तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय
न तुम हारे न हम हारे
सफ़र साथ जितना था हो ही गया है
न तुम हारे न हम हारे
तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय

याद के फूल को हम तो अपने दिल से रहेंगे लगाये
याद के फूल को हम तो अपने दिल से रहेंगे लगाये
और तुम भी हँस लेना जब ये दीवाना याद आये
मिलेंगे जो फिर से मिला दें सितारे
न तुम हारे न हम हारे
तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय

वक़्त कहाँ रुकता है तो फिर तुम कैसे रुक जाते
वक़्त कहाँ रुकता है तो फिर तुम कैसे रुक जाते
आख़िर किसने चाँद को छुआ है हम क्यों हाथ बढ़ाते
जो उस पार हो तुम हम इस किनारे
न तुम हारे न हम हारे
तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय

था तो बहुत कहने को लेकिन अब तो चुप बेहतर है
था तो बहुत कहने को लेकिन अब तो चुप बेहतर है
ये दुनिया है एक सराय जीवन एक सफ़र है
रुका भी है कोई किसी के पुकारे
न तुम हारे न हम हारे
सफ़र साथ जितना था हो ही गया है
न तुम हारे न हम हारे

तुम्हारी भी जय जय हमारी भी जय जय
…………………………………………………..
Tumhari bhi jai jai-Diwana 1967

Artists: Raj Kapoor, Saira Bano

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Oct 14, 2016

ए सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत-दीवाना १९६७

पिछले पोस्ट में आपने रफ़ी का गाया एक रोमांटिक गीत
सुना अब सुनते हैं मुकेश की आवाज़ में एक लोकप्रिय
रोमांटिक गीत फिल्म दीवाना से. ये सन १९६७ की दीवाना
फिल्म है. पहले आपको सन १९५२ और सन १९९२ वाली
फिल्मों से गीत सुनवाए थे.

पसंद अपनी अपनी ख्याल अपना अपना इस थ्योरी के
चलते सबको अलग अलग गायकों के गाने पसंद होते हैं.
आम तौर पर जिस गीत को आसानी से गुनगुनाया जा
सके और जिसकी धुन थोड़ी कैची सी हो उसे जनता ज्यादा
पसंद करती है.



गीत के बोल:

ए सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है
ए सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है

मैं गुज़रता ही गया तेरी हसीन राहों से
एक तेरे नाम ने क्या क्या मुझे हिम्मत दी है
मेरे दिल को भी ज़रा देख कहा तक हूँ मैं
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है

ए सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है

तू अगर चाहे तो दुनिया को नचा दे जालिम
चाल भी है तुझे मालिक ने कयामत दी है
मैं अगर चाहूँ तो पत्थर को बना दूं पानी
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है

ए सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है
उसी मालिक ने मुझे भी तो मोहब्बत दी है
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Ae sanam jisne tujhe chand si-Diwana 1967

Artists: Raj Kapoor, Saira Bano

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