Showing posts with label English Vinglish. Show all posts
Showing posts with label English Vinglish. Show all posts

Jul 6, 2020

नवराई माझी-इंग्लिश विंग्लिश २०१२

आज ६ जुलाई जिन लोगों का जन्मदिन है उनमें से एक हैं
फिल्म निर्देशक गौरी बापट. गौरी ने विज्ञापन जगत से अपना
कैरियर प्रारंभ कर काफ़ी सारे विज्ञापन तैयार किये और लघु
फ़िल्में बनाईं.

सन २०१२ की इंग्लिश विंग्लिश उनकी पहली फुल लेंथ फीचर
फिल्म है. इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों ने समान
रूप से सराहा.

सुनते हैं फिल्म से एक मराठी बोलों वाला गीत जिसे गाया
है सुनिधि चौहान, स्वानंद किरकिरे, नीलाम्बरी किरकिरे और
नताली डी लुसियो ने. स्वानंद किरकिरे का गीत है और इसका
संगीत तैयार किया है अमित त्रिवेदी ने.



गीत के बोल:

नवराई माझी लाडाची लाडाची ग
.
.
..
.
…………………………………………………..
Navrai Majhi-English Vinglish 2012

Artists: Sridevi

Read more...

Mar 18, 2016

धाक धूक होये-इंग्लिश विन्ग्लिश २०१२

एक समय था जब म्युज़िक ग्रुप और बैंड इस तरह का संगीत
तैयार करते थे. हिंदी फिल्म संगीत ने उस शैली को अपना लिया.
थोडा सा रैप, थोडा सा सुगम संगीत, थोड़ी सी गज़ल, काफी सारी
कव्वाली सब को घोंट घांट के नए ज़माने का गीत बन जाता है.
कुछ कसर बाकी रह जाए तो अंग्रेजी धुन का तडका लगा दो.

ऊंचे सुर में गाना, अलसाए स्वर में गाना, नाक से आवाज़ निकालना
आजकल की शान है. संगीत प्रतियोगिताएं ने मूल प्रतिभाएं कम
दी हैं बल्कि वर्त्तमान गायकों के क्लोन ही दिए हैं. आप १० गायकों
से एक गीत गवा लो, पहचानना मुश्किल हो जायेगा कौन सी लाइन
किसने गायी है. मानव शरीर में बहुत सारे छिद्र हैं इसका मतलब ये
तो नहीं कहीं से भी आवाज़ निकाली जाए.

वैसे इस दौर में एक परिवर्तन आया है, एक संगीतकार जो नाक
से आवाज़ निकालने के सिद्धहस्त माने जाते थे उन्होंने थोडा मुंह से
भी आवाज़ निकालना शुरू किया है जो अच्छा लक्षण है. या तो टीका
टिपण्णी की वजह से या फिर उनके भी क्लोन निकल आये थे इस
वजह से उनकी गाडी पटरी पर आना शुरू हो गयी. 

प्रस्तुत गीत स्वानंद किरकिरे का लिखा हुआ है जो इस पीढ़ी के लीडिंग
गीतकार हैं और इसे गाया और संगीतबद्ध किया अमित त्रिवेदी ने.
संगीतकार पहले भी गीत गाते रहे हैं और पहले के समय के संगीतकार
सबसे बेहतर धुन चुन के गाया करते थे. इस थ्योरी के लिहाज़ से
हम इसे सबसे बढ़िया धुन मान सकते हैं फिल्म के साउंड ट्रैक की.




गीत के बोल:

पिया बिन दिल लगे ना
एक पल को मन मा लागे ठेस
कैसे जाऊं मैं पराये देस
पिया मोरे निठुरा, पिया न समझे
मन का ये संदेस
कैसे जाऊं मैं पराये देस
जियरा जियरा
जियरा धाक धूक होये
खामखां खामखां
खामखां धाक धूक होए
जियरा धाक धूक होये

कभी दिल धड़के  बाईं आँख फड़के
तु न हमें भूल जाए रे
तुझे दिल जाने  पूरा पहचाने
नैना ये फिसल ना जाए रे
सहमी सी पलकें, मोती एक छलके
के तेरा ज़िक्र जब भी आये
थोड़ी फ़िक्र छू के जाए
हाय होये हाय
जियरा धाक धूक होये

ये दिन रातें, तीखी तेरी बातें
क्या करे जो याद आये रे
तेरे ताने-बाने छूने के बहाने
दिल को बड़ा सताए रे
क्यों न हमें रोके  एक बार टोके
के तेरा ज़िक्र जब भी आये
थोड़ी फ़िक्र छू के जाए
हाय होये हाय
जियरा धाक धूक होये
..............................................................................
Dhaak dhook hoye-English Vinglish 2012

Read more...

Apr 6, 2015

गुस्ताख दिल-इंग्लिश विन्गलिश २०१२

कुछ फ़िल्मी गीत देख के ऐसा लगता है की हिंदी फिल्म के हीरो
के पास गीत के सिवा और कोई जरिया नहीं है अपनी भावनाएं
व्यक्त करने का। प्रेम प्यार बहुत बड़ा मसला है हिंदी फिल्मों का,
उसके बहाने तो गीत बन जाते हैं बहुत से. सभी प्रकार के किरदार
हम देख चुके हैं रुपहले परदे पर. एलियन तक ने गीत गा लिया
है हिंदी फिल्म में जिसे देख होलिवुड के निर्देशकों तक ने बाल नोच
लिए थे अपने सर के. उन्होंने इसलिए नोचे कि इतना खूबसूरत
ख्याल उनको क्यूँ नहीं आया. गौरतलब है बम्बैया फिल्म उद्योग को
बॉलीवुड नाम गीतकार अमित खन्ना की देन है.

नायक कवि भी हो सकता है, मगर ऐसा-वैसा कुछ सैकड़ों फिल्मों
में से एक होता है. आजकल तो मुश्किल ही है, क्यूंकि कुछ समय
से काव्यात्मक बुद्धि और रूचि वाले निर्माता निर्देशकों की कमी सी
है बॉलीवुड में. अब हर दूसरे तीसरे गीत में से टायर पंक्चर जैसी
आवाजें या हांजमा खराब होने पर निकलने वाली आवाजों को मात
करने वाली आवाजें आती है. रीमिक्स इतना ज्यादा हावी हो चुका है
कि गीत नामक तत्व का खुद हाजमा खराब हो चुका है. पहले ऐसी
फनी और फंकी आवाजें खिलौनों के साथ या कार्टून फिल्मों में डाली
जाती थीं. अब तो ये सब संगीत के आवश्यक तत्व जैसे हो गए हैं.
इलेक्ट्रोनिक्स के हावी होने से बनी बनाई धुनें और बीट्स प्राप्त होने
लगी हैं. कल्पनाशीलता और मौलिकता आराम फरमा रहे हैं. वो दिन
दूर नहीं  जब पैकेट में नूडल मिक्स की तरह गाने और फिल्म बनाने
का मसाला भी आएगा. अपनी पसंद की फिल्म बनाओ, गाने बनाओ,
मुंह से गाओ, नाक से गाओ, चाहे जहाँ से गाओ ,लहसुन का तडका
लगाओ या हींग का सब चलेगा. कुछ साल पहले जनता एक डिस्को
के शौक़ीन संगीतकार की तारीफ़ कुछ यूँ किया करती थी-वे साईकिल
की चेन की आवाज़ का भी प्रयोग बखूबी कर सकते हैं अपने संगीत
में. आज वही टिप्पणीकार वर्तमान संगीत पर कुछ नहीं कहते. शायद
उनको भी पूं पूं पें पें की ध्वनि पसंद आने लगी है.


आपको सुनवाते हैं एक नयी फिल्म से गीत जो ये यकीन दिलाता सा
प्रतीत होता है कि पूरे कुवें में भंग नहीं पड़ी है अभी. ये गीत है फिल्म
इंग्लिश विन्ग्लिश से. स्वानंद किरकिरे के गीत को सुरों में ढाला है
संगीतकार अमित त्रिवेदी ने और इसे गाया है शिल्पा राव ने.




गीत के बोल:

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल, थोड़ा संगदिल, थोड़ा बुजदिल
दर्द के दर पे, ठहरा है क्यूँ
सज़ा-सज़ा ये खुद को क्यूँ देता नई
हँसने की धुन में, रोता है क्यूँ
सही क्या, गलत क्या, ये कुछ भी समझता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल

है बर्फ सी सांसों में, आँखों में धुआं-धुआं
ये हर पल क्यूँ  खेले है, ग़म का ख़ुशी का जुआ-जुआ
ये उम्मीदों भरा ये खुद से ही डरा
सुलझे धागों में, उलझा है क्यूँ
सलाहें-सलाहें ये खुद की भी सुनता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल

क्यूँ बातों ही बातों में फिसलती है  ज़ुबां-ज़ुबां
किसी शय ना ठहरती है, बहकती है  निगाह-निगाह
ये कैसे कब हुआ,  ये कह दूँ क्यूँ हुआ
गिरता नहीं तो, संभलता है क्यूँ
झुकाए-झुकाए ये मगरूर झुकता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल
................................................................
Gustakh Dil -English Vinglish 2012

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP