Showing posts with label Swanand Kirkire. Show all posts
Showing posts with label Swanand Kirkire. Show all posts

Jul 6, 2020

नवराई माझी-इंग्लिश विंग्लिश २०१२

आज ६ जुलाई जिन लोगों का जन्मदिन है उनमें से एक हैं
फिल्म निर्देशक गौरी बापट. गौरी ने विज्ञापन जगत से अपना
कैरियर प्रारंभ कर काफ़ी सारे विज्ञापन तैयार किये और लघु
फ़िल्में बनाईं.

सन २०१२ की इंग्लिश विंग्लिश उनकी पहली फुल लेंथ फीचर
फिल्म है. इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों ने समान
रूप से सराहा.

सुनते हैं फिल्म से एक मराठी बोलों वाला गीत जिसे गाया
है सुनिधि चौहान, स्वानंद किरकिरे, नीलाम्बरी किरकिरे और
नताली डी लुसियो ने. स्वानंद किरकिरे का गीत है और इसका
संगीत तैयार किया है अमित त्रिवेदी ने.



गीत के बोल:

नवराई माझी लाडाची लाडाची ग
.
.
..
.
…………………………………………………..
Navrai Majhi-English Vinglish 2012

Artists: Sridevi

Read more...

May 11, 2020

तुमसे प्यार हो गया-शादी के साइड इफेक्ट्स २०१४

शादी के अपने फायदे और नुक्सान हैं. जिसके जो समझ आये
वैसा समझ ले. साइड इफेक्ट्स की बात करें तो इस गीत के बोल
सुन लें, आदमी के दिमाग की क्या हालत हो जाती है समझ लें.

स्वानंद किरकिरे ने समय के हिसाब के बोल वाला गीत लिखा है
और प्रीतम ने इसका संगीत तैयार किया है. इसे निखिल पॉल,
नीति मोहन और मिली नायर ने गाया है.

लॉक डाउन चल रहा है तो इसके इफेक्ट्स जनता के ज़्यादा अच्छी
तरह से समझ आ रहे होंगे. एक दूसरे की बची खुची पोल पट्टियाँ
भी खुल के सामने आ रही होंगी.

गीत में शादी के तुरंत बाद वाली खुमारी दिखलाई गई है जिसमें
वो गाना है ना गोविंदा वाला- तेरी आँख भी...., तेरी नाक भी.....
तेरी ड्रेस भी.... है. याद आ जाता है. सब कुछ हरा हरा दिखलाई
देता है.

डिहायड्रेशन के वक्त और ज़्यादा खाना खा लेने के बाद दिमाग जो
इधर उधर भटकता है कुछ वैसे फ्लक्चुएटिंग भाव आप इधर भी
महसूस करेंगे. दारू पीने के बाद तो कोंसेंट्रेटेड और एक धुन वाले
भाव ज़्यादा आते हैं अतः फर्क समझिए.




गीत के बोल:

गाने को सुन लें, देख लें, समझ लें
.
.
.
...........................................................................
Tumse pyar ho gaya-Shadi ke side effects 2014

Singers: Nikhil Paul, George, Neeti Mohan, Mili Nair,

Artists: Farhan Akhtar, Vidya Balan

Read more...

May 31, 2017

दिल आवारा दिल बंजारा-ये साली जिंदगी २०११

स्वानंद किरकिरे का लिखा एक गीत सुनते हैं आज.

फिल्म: ये साली जिंदगी
वर्ष: २०११
गीतकार:
गायक:शिल्प राव, जावेद अली
संगीत: निशात खान




गीत के बोल:

तू रु रु तू रु रु
इन राहों पर हम क्यूँ चले
हम जो चले तुम क्यूँ मिले
तुम जो मिले दो राहें मिलीं
दिल ने कहा क्यूँ
क्या है इस गली, क्या है उस गली
तुम उधर चले मैं इधर चली क्यूँ
क्यूँ न मैं रुकी क्यूँ न तुम थमे
चलते गए चलते गए
इन राहों पर हम क्यूँ चले
हम जो चले तुम क्यूँ मिले

दिल आवारा दिल बंजारा दर-ब-दर क्यूँ फिरता मारा
जीने का मर्ज़ लिये
इक दर जीता इक दर हारा हारा जीता जीता हारा
ख़ुशियों का कर्ज़ लिये

दर-ब-दर दिल दर-ब-दर
बेसबर दिल दर-ब-दर

दिल आवारा दिल बंजारा दर-ब-दर क्यूँ फिरता मारा
जीने का मर्ज़ लिये
इक दर जीता इक दर हारा हारा जीता जीता हारा
ख़ुशियों का कर्ज़ लिये

हर दर पे इक सूरत इक अफ़साना
हर दर पे इक ग़म भी है पहचाना

दर-ब-दर दिल दर-ब-दर
बेसबर दिल दर-ब-दर

दिल आवारा दिल बंजारा दर-ब-दर क्यूँ फिरता मारा
जीने का मर्ज़ लिये
इक दर जीता इक दर हारा हारा जीता जीता हारा
ख़ुशियों का कर्ज़ लिये

ज़िंदगी टेढ़ी मेढ़ी टेढ़ी अंधी सी डगर
ज़िंदगी तेरा मेरा तेरा तन्हा-सा सफ़र
ज़िंदगी दो ही पल को बन जा हमसफ़र
ज़िंदगी दूजी गली जाने क्या हो क्या ख़बर

दर-ब-दर दिल दर-ब-दर
बेसबर दिल दर-ब-दर

दिल आवारा दिल बंजारा दर-ब-दर क्यूँ फिरता मारा
जीने का मर्ज़ लिये
इक दर जीता इक दर हारा हारा जीता जीता हारा
ख़ुशियों का कर्ज़ लिये

ज़िंदगी तेरे मेरे तेरे नाम की लहर
ज़िंदगी साहिलों पे आये-जाये हर पहर
ज़िंदगी पार लगे थाम ले लहर
ज़िंदगी चूका जो तू हाथ में सिफ़र

दर-ब-दर दिल दर-ब-दर
बेसबर दिल दर-ब-दर

दिल आवारा दिल बंजारा दर-ब-दर क्यूँ फिरता मारा
जीने का मर्ज़ लिये
इक दर जीता इक दर हारा हारा जीता जीता हारा
ख़ुशियों का कर्ज़ लिये
……………………………………………..
Dil awara dar-ba-dar-Ye saali zindagi 2011

Read more...

May 17, 2017

बदमाश दिल तो ठग है-सिंघम २०११

नए गानों में भी कुछ दूसरों की अपेक्षा शांत किस्म के मिल
ही जाते हैं सुनने को. ऐसा एक गाना है सिंघम फिल्म में.

अजय देवगन के साथ इस फिल्म में दक्षिण भारत की प्रसिद्ध
अभिनेत्री काजल अग्रवाल हैं.

स्वानंद किरकिरे का गीत है जिसकी धुन बनाई अजय अतुल
की जोड़ी ने. इसे श्रेया घोषाल संग अजय गोगावले ने गाया
है. अजय संगीतकार जोड़ी में से एक हैं और गाते भी हैं.



गीत के बोल:

साथिया साथिया पगले से दिल ने ये क्या किया
चुन लिया चुन लिया तुझको दीवाने ने चुन लिया
दिल तो उड़ा-उड़ा रे आसमाँ में बादलों के संग
ये तो मचल-मचल के गा रहा है सुन नई सी धुन

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

ओ अच्छी लगी दिल को मेरे हर तेरी बात रे
साया तेरा बन के चलूँ इतना है ख़्वाब रे
काँधे पे सर रख के तेरे कट जाए रात रे
बीतें ये दिन थामे तेरा हाथों में हाथ रे
ये क्या हुआ मुझे मेरा ये दिल फिसल फिसल गया
ये क्या हुआ मुझे मेरा जहाँ बदल बदल गया

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

ओ नींदें नहीं चैना नहीं बदलूँ मैं करवटें
तारे गिनूँ या मैं गिनूँ चादर की सलवटें
यादों में तू ख़्वाबों में तू तेरी ही चाहतें
जाऊँ जिधर ढूँढ़ा करूँ तेरी ही आहटें
ये जो है दिल मेरा ये दिल सुनो ना कह रहा यही
वो भी क्या ज़िंदगी हाँ ज़िंदगी कि जिसमें तू नहीं

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा

साथिया साथिया पगले से दिल ने ये क्या किया
चुन लिया चुन लिया तुझको दीवाने ने चुन लिया
दिल तो उड़ा-उड़ा रे आसमाँ में बादलों के संग
ये तो मचल-मचल के गा रहा है सुन नई सी धुन

बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
बदमाश दिल तो ठग है बड़ा
बदमाश दिल यूँ तुझसे जुड़ा
बदमाश दिल मेरी सुने ना ज़िद पे अड़ा
...................................................................................
Badmash dil-Singham 2011

Artists: Ajay Devgan, Kajal Agrawal

Read more...

Dec 11, 2016

बहती हवा सा था वो-३ इडियट्स २००९

फिल्म ३ इडियट्स के गीत भी फिल्म के कथानक के अनुरूप
ही हैं. फिल्म के गीतों में से एक प्रेरणादायी गीत पेश है आज.
जिंदगी जीने का तरीका काफी हद तक इस गीत में बतला दिया
गया है स्वानंद किरकिरे द्वारा. शांतनु मोइत्रा समय के हिसाब से
संगीत तैयार करते हैं मगर मधुरता के अंश कम न हो जाएँ इसका
भरपूर ध्यान रखते हैं. प्रस्तुत गीत संगीतकार ने स्वयं गाया है
और साथ में शान का स्वर भी है. सौम्य गायकी वाले गायकों में
शायद शान ही आज सक्रिय हैं बाकी के तो ऊंची पट्टी पर गाते
चले जा रहे हैं.

कभी कभी लगता है हरिहरन की प्रतिभा का पर्याप्त दोहन हिंदी
फिल्म संगीतकारों ने नहीं किया. आज के संगीतकार उनकी सेवाएं
भी ले सकते हैं कभी कभी.




गीत के बोल:

बहती हवा सा था वो
उडती पतंग सा था वो
कहाँ गया उसे ढूंढो

बहती हवा सा था वो
उडती पतंग सा था वो
कहाँ गया उसे ढूंढो
हमको तो राहें थीं चलाती
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभालता मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फिकर सताती
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हे को खुल के जीता था वो
कहाँ से आया था वो
छू के हमारे दिल को
कहाँ गया उसे ढूंढो

सुलगती धुप में छाँव के जैसा
रेगिस्तान में गाँव के जैसा
मन के घाव पे मरहम जैसा वो
हम सहमे से रहते कुवें में
वो नदिया में गोते लगाता
उलटी धरा चीर के तैरता था वो
बादल आवारा था वो
प्यार हमारा था वो
कहाँ गया उसे ढूंढो

हमको तो राहें थीं चलाती
वो खुद अपनी राह बनाता
गिरता संभालता मस्ती में चलता था वो
हमको कल की फिकर सताती
वो बस आज का जश्न मनाता
हर लम्हे को खुल के जीता था वो
कहाँ से आया था वो
छू के हमारे दिल को
कहाँ गया उसे ढूंढो
…………………………………………………………
Behti hawa sat ha wo-3 Idiots 2009

Read more...

Nov 4, 2016

रूठे ख़्वाबों को मना लेंगे-काय पो छे २०१३

चेतन भगत के उपन्यास ‘थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ पर
आधारित है फिल्म काय पो छे की कहानी. फिल्म में चेतन के
पुत्र ने भी काम किया है. अभिषेक कपूर निर्देशित इस फिल्म में
सुशांत सिंह राजपूत, राजकुमार यादव और अमित साध प्रमुख
कलाकार हैं. इन्होने तीन दोस्तों की भूमिकाएं निभाई हैं.

गीत सुनते हैं जिसे स्वानंद किरकिरे ने लिखा है और इसे गाया
है अमित त्रिवेदी ने जो इसके संगीतकार भी हैं.





गीत के बोल:

रूठे ख़्वाबों को मना लेंगे
कटी पतंगों को थामेंगे
हो हो है जज़्बा हो हो है जज़्बा
सुलझा लेंगे उलझे रिश्तों का मांझा

सोई तकदीरें जगा देंगे
कल को अम्बर भी झुका देंगे
हो हो है जज़्बा हो हो है जज़्बा
सुलझा लेंगे उलझे रिश्तों का मांझा
हाँ मांझा

बिछड़े यारों को भुला देंगे
सोयी उम्मीदों को जगा देंगे
हो हो है जज़्बा हो हो है जज़्बा
सुलझा लेंगे उलझे रिश्तों का मांझा

रूठे ख़्वाबों को मना लेंगे
कटी पतंगों को थामेंगे
हो हो है जज़्बा हो हो है जज़्बा
सुलझा लेंगे उलझे रिश्तों का मांझा
.....................................................
Roothe khwabon ko mana lenge-Kai Po Che 2013

Read more...

Sep 6, 2016

जूबी डूबी जूबी डूबी-३ ईडियट्स २००९

हिंदी फिल्मों के कथानक वास्तविकता के ९५प्रतिशत को भी छू
लें तो बचा ५ प्रतिशत कल्पना और फंतासी के लिए बहुत है. इस
बचे प्रतिशत में असंभव और अजीब सब शामिल है. ३ ईडियट्स
का कथानक अगर पूरा मूल उपन्यास के रूप में सामने रख दिया
जाता बिना गानों के तो शायद मज़ा नहीं आता दर्शक को. हम
कितना कहें कुछ भी मगर हकीकत ये है हमारी ४ पीढ़ियों को
फ़िल्में गानों के साथ देखने की आदत हो चुकी है और बिना गानों
के फिल्म ऐसी लगती है जैसे मरीजों का खाना.

वास्तविक जीवन में किसी खडूस मास्टर की लड़की पटाना कोई
आसान काम नहीं है, वो भी किसी इंजीनियरिंग कॉलेज के मास्टर
की. ऐसा हिंदी फिल्म कथानक में संभव है. कहानी का बैकग्राउंड
किसी आई आई टी का है क्यूंकि मूल उपन्यास के लेखक ने वहीँ
शिक्षा ग्रहण की थी. आई आई टी संस्थान दूसरे इंजीनियरिंग के
संस्थानों से शिक्षण के मामले में काफी आगे हैं. प्रतिभा का स्तर
भी काफी बेहतर होता है वहां.

अभिनय के मामले में फिल्म के सभी कलाकारों ने प्रभावित किया
है. स्वानंद किरकिरे के बोल हैं और शांतनु मोइत्रा का संगीत. पैसा
वसूल गीत है और आपको बांधे रखता है आखिरी फ्रेम तक.




गीत के बोल:


गुनगुनाती है ये हवाएं
गुनगुनाता है गगन
गा रहा है यह सारा आलम
ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

शाखों पे पत्ते गा रहे हैं
 फूलों पे भंवरे गा रहे
दीवानी किरणे गा रही है
यह पंच्छी गा रहे
ओ ओ ओ
बगिया में दो फूलों की हो रही है गुफ्तगू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

ऐ रिमझिम रिमझिम रिमझिम सन सन सन सन हवा
टिप टिप टिप टिप बूँदें गुर्राती बिजलियां
भीगी भीगी साड़ी में यूं ठुमके लगाती तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू
आई आई आई आई

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन

अम्बर का चाँद जमीं पर इतरा के गा रहा
इक टिम टिम टुटा तारा और इठला के गा रहा
है रातें अकेली तनहा मुझे छू ले आ के तू
जैसा फिल्मों में होता है हो रहा है हूबहू

ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी पम्पा रा ज़ूबी डूबी परम्पम
ज़ूबी डूबी ज़ूबी डूबी नाचे क्यूँ पागल स्टुपिड मन
............................................................................
Zoobi doobi-3 Idiots 2009

Artists:Aamir Khan, Kareena Kapoor

Read more...

Jun 16, 2016

आल इज़ वैल-3 ईडियट्स २००९

फिल्म ३ ईडियट्स अभी तक की सर्वाधिक कमाई वाली फिल्म
साबित हुई है। कॉलेज की ज़िन्दगी पर बनी ये फिल्म काफी
हद तक कॉलेज का असली माहौल प्रस्तुत करती है। नाटकीयता
हिंदी फिल्म का अभिन्न अंग है अतः पूर्ण सत्यता की उम्मीद
करना मंगल ग्रह पर जा के कोल्ड ड्रिंक पीने के सामान है।
नयापन ज़रूर है इस फिल्म में और कहानी भी चेतन भगत
के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में हुए उनके अपने भारतीय
अनुभवों के आधार पर रचित उपन्यास-five point someone
पर आधारित है। इसमें किंचित संदेह नहीं की आइ. आइ .टी. में
देश के चुनिन्दा नौजवान पहुँचते हैं और वहां की शिक्षण प्रणाली
आज के नए उगे कुकुरमुत्तिये महाविद्यालयों की सोच के बाहर
है। पैदाइशी दिग्गज वहां के माहौल और चुस्त दुरुस्त पाठ्यक्रम
के थपेड़ों में तप कर और भी निखर जाते हैं। मगर ये भी तथ्य है
कि उसके बाद अधिकाँश छात्र प्रबंधन की डिग्री हासिल करके
तकनीकी और उद्योग के साथ अन्याय करते हुए एक ऐसी कुर्सी
पर जा बैठते हैं जहाँ पर उन्हें कलम घिसने की ज्यादा से ज्यादा
तनख्वाह मिलती है। स्वयं इस पुस्तक के लेखक भी उसका जीवंत
उदाहरण हैं जिन्होंने स्नातक परीक्षा आई आई टी से और स्नातकोत्तर
शिक्षा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइ आइ एम्) से प्राप्त करके बैंकिंग
के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाया। ये बात ठीक है उन्होंने इस क्षेत्र में
अपना मुकाम बना लिया मगर मूल शिक्षा यानि कि तकनीकी से
उनका जुड़ाव ख़त्म हो गया।

लिखना उनका शौक है जिससे उन्हें सबसे ज्यादा प्रसिद्धि मिली।
आजकल  वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर नामी अख़बारों
में लिखते हैं।



गीत के बोल:


जब लाइफ हो आउट ऑफ़ कण्ट्रोल,
होठों को कर के गोल
होठों को करके गोल, सीटी बजा के बोल
जब लाइफ हो आउट ऑफ़ कण्ट्रोल ,
होठों को कर के गोल
होठों को करके गोल, सीटी बजा के बोल


ऑल ईज़ वेल
मुर्गी का जाने अंडे का क्या होगा
अरे लाइफ मिलेगी या तवे पे फ्राय होगा
कोई न जाने अपना फ्यूचर क्या होगा
होंठ घुमा सीटी बजा, सीटी बजा के बोल
भैया ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल
अरे चाचू ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल

कन्फ्यूजन ही कन्फ्यूजन है
सोल्यूशन कुछ पता नहीं
सोल्यूशन जो मिले तो साला
क्वश्चन क्या था पता नहीं
दिल जो तेरा बात-बात पे घबराए
दिल पे रख के हाथ उसे तू फुसला ले
दिल इडियट है प्यार से उसको समझा ले
होंठ घुमा सीटी बजा, सीटी बजा के बोल
भैया ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल
अरे चाचू ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल

स्कोलरशिप की पी गया दारु
गम तो फिर भी मिटा नहीं
अगरबत्तियाँ राख हो गयी
गॉड तो फिर भी दिखा नहीं

बकरा क्या जाने उसकी जान का क्या होगा
सीख घुसेगी या साला कीमा होगा
कोई न जाने अपना फ्यूचर क्या होगा
तो होंठ घुमा सीटी बजा , सीटी बजा के बोल
भैया ऑल इज़ वेल,
अरे भैया ऑल इज़ वेल
अरे चाचू ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल

जब लाइफ हो आउट ऑफ़ कण्ट्रोल,
होंठों को कर के गोल
होंठों को कर के गोल, सीटी बजा के बोल
ऑल इज्ज़ वेल
मुर्गी का जाने अंडे का क्या होगा
क्या होगा
अरे लाइफ मिलेगी या तवे पे फ्राय होगा
हो हो हो
कोई न जाने अपना फ्यूचर क्या होगा
क्या होगा
होंठ घुमा सीटी बजा, सीटी बजा के बोल
भैया ऑल इज़ वेल
अरे मुर्गी ऑल इज़ वेल
अरे बकरे ऑल इज़ वेल
अरे भैया ऑल इज़ वेल
ना रा ना ना ना ना ना ना
अरे भैया ऑल इज़ वेल
ना रा ना ना ना ना ना ना
अरे भैया ऑल इज़ वेल
...........................................
Aal Izz Well-3 Idiots 2009

Artists: Aamir Khan, Madhavan, Sharman Joshi,

Read more...

Jun 12, 2016

कागज़ के दो ....मोन्टा रे-लुटेरा २०१३

शब्दों के आगे ‘रे’ लगाने का चलन काफी पुराना है. ये एक
संबोधन जैसा है. ओ साथी रे, सैयां रे, अरे, रामा रे. इस दिशा
में एक कदम बढ़ाते हुए गीतकार ने लिखा-मोंटा रे. नई पीढ़ी
के गायक, गीतकार और संगीतकार का आउटपुट है यह गीत,
फिल्म लुटेरा से, जो सन २०१३ की एक फिल्म है.

गीत की एक विशेषता है इसे दो गीतकारों ने मिल के गाया है.
स्वानंद किरकिरे और अमिताभ भट्टाचार्य ने. गीत को लिखा है
अमिताभ भट्टाचार्य ने. सोनाक्षी सिन्हा और रणवीर सिंह आपको
परदे पर दिखलाई देंगे.



गीत के बोल:

कागज़ के दो पंख ले के  उड़ा चला जाए रे
जहाँ नहीं जाना था ये  वहीँ चला हाय रे
उमर का ये ताना-बाना समझ ना पाए रे
जुबां पे जो मोह-माया  नमक लगाये रे
के देखे ना  भाले ना  जाने ना दाये रे
दिशा हारा कैमोन बोका  मोन्टा रे

कागज़ के दो पंख ले के  उड़ा चला जाए रे
जहाँ नहीं जाना था ये  वहीँ चला हाय रे
उमर का ये ताना-बाना समझ ना पाए रे
जुबां पे जो मोह-माया  नमक लगाये रे
के देखे ना  भाले ना  जाने ना दाये रे
दिशा हारा कैमोन बोका  मोन्टा रे

धि ता ना धि ता ना धि ता ना

फ़तेह करे किले सारे  भेद जाए दीवारें
प्रेम कोई सेंध लागे
अगर मगर बारी बारी  जिया को यूँ उछाले
जिया नहीं गेंद लागे
माटी को ये चंदन सा  माथे पे सजाये रे
जुबां पे जो मोह-माया  नमक लगाये रे
के देखे ना  भाले ना  जाने ना दाये रे
दिशा हारा कैमोन बोका  मोन्टा रे
..................................................
Kagazke do pankh…Monta re-Lootera 2013

Artists-Sonakshi Sinha, Ranveer Singh

Read more...

Mar 18, 2016

धाक धूक होये-इंग्लिश विन्ग्लिश २०१२

एक समय था जब म्युज़िक ग्रुप और बैंड इस तरह का संगीत
तैयार करते थे. हिंदी फिल्म संगीत ने उस शैली को अपना लिया.
थोडा सा रैप, थोडा सा सुगम संगीत, थोड़ी सी गज़ल, काफी सारी
कव्वाली सब को घोंट घांट के नए ज़माने का गीत बन जाता है.
कुछ कसर बाकी रह जाए तो अंग्रेजी धुन का तडका लगा दो.

ऊंचे सुर में गाना, अलसाए स्वर में गाना, नाक से आवाज़ निकालना
आजकल की शान है. संगीत प्रतियोगिताएं ने मूल प्रतिभाएं कम
दी हैं बल्कि वर्त्तमान गायकों के क्लोन ही दिए हैं. आप १० गायकों
से एक गीत गवा लो, पहचानना मुश्किल हो जायेगा कौन सी लाइन
किसने गायी है. मानव शरीर में बहुत सारे छिद्र हैं इसका मतलब ये
तो नहीं कहीं से भी आवाज़ निकाली जाए.

वैसे इस दौर में एक परिवर्तन आया है, एक संगीतकार जो नाक
से आवाज़ निकालने के सिद्धहस्त माने जाते थे उन्होंने थोडा मुंह से
भी आवाज़ निकालना शुरू किया है जो अच्छा लक्षण है. या तो टीका
टिपण्णी की वजह से या फिर उनके भी क्लोन निकल आये थे इस
वजह से उनकी गाडी पटरी पर आना शुरू हो गयी. 

प्रस्तुत गीत स्वानंद किरकिरे का लिखा हुआ है जो इस पीढ़ी के लीडिंग
गीतकार हैं और इसे गाया और संगीतबद्ध किया अमित त्रिवेदी ने.
संगीतकार पहले भी गीत गाते रहे हैं और पहले के समय के संगीतकार
सबसे बेहतर धुन चुन के गाया करते थे. इस थ्योरी के लिहाज़ से
हम इसे सबसे बढ़िया धुन मान सकते हैं फिल्म के साउंड ट्रैक की.




गीत के बोल:

पिया बिन दिल लगे ना
एक पल को मन मा लागे ठेस
कैसे जाऊं मैं पराये देस
पिया मोरे निठुरा, पिया न समझे
मन का ये संदेस
कैसे जाऊं मैं पराये देस
जियरा जियरा
जियरा धाक धूक होये
खामखां खामखां
खामखां धाक धूक होए
जियरा धाक धूक होये

कभी दिल धड़के  बाईं आँख फड़के
तु न हमें भूल जाए रे
तुझे दिल जाने  पूरा पहचाने
नैना ये फिसल ना जाए रे
सहमी सी पलकें, मोती एक छलके
के तेरा ज़िक्र जब भी आये
थोड़ी फ़िक्र छू के जाए
हाय होये हाय
जियरा धाक धूक होये

ये दिन रातें, तीखी तेरी बातें
क्या करे जो याद आये रे
तेरे ताने-बाने छूने के बहाने
दिल को बड़ा सताए रे
क्यों न हमें रोके  एक बार टोके
के तेरा ज़िक्र जब भी आये
थोड़ी फ़िक्र छू के जाए
हाय होये हाय
जियरा धाक धूक होये
..............................................................................
Dhaak dhook hoye-English Vinglish 2012

Read more...

Apr 6, 2015

गुस्ताख दिल-इंग्लिश विन्गलिश २०१२

कुछ फ़िल्मी गीत देख के ऐसा लगता है की हिंदी फिल्म के हीरो
के पास गीत के सिवा और कोई जरिया नहीं है अपनी भावनाएं
व्यक्त करने का। प्रेम प्यार बहुत बड़ा मसला है हिंदी फिल्मों का,
उसके बहाने तो गीत बन जाते हैं बहुत से. सभी प्रकार के किरदार
हम देख चुके हैं रुपहले परदे पर. एलियन तक ने गीत गा लिया
है हिंदी फिल्म में जिसे देख होलिवुड के निर्देशकों तक ने बाल नोच
लिए थे अपने सर के. उन्होंने इसलिए नोचे कि इतना खूबसूरत
ख्याल उनको क्यूँ नहीं आया. गौरतलब है बम्बैया फिल्म उद्योग को
बॉलीवुड नाम गीतकार अमित खन्ना की देन है.

नायक कवि भी हो सकता है, मगर ऐसा-वैसा कुछ सैकड़ों फिल्मों
में से एक होता है. आजकल तो मुश्किल ही है, क्यूंकि कुछ समय
से काव्यात्मक बुद्धि और रूचि वाले निर्माता निर्देशकों की कमी सी
है बॉलीवुड में. अब हर दूसरे तीसरे गीत में से टायर पंक्चर जैसी
आवाजें या हांजमा खराब होने पर निकलने वाली आवाजों को मात
करने वाली आवाजें आती है. रीमिक्स इतना ज्यादा हावी हो चुका है
कि गीत नामक तत्व का खुद हाजमा खराब हो चुका है. पहले ऐसी
फनी और फंकी आवाजें खिलौनों के साथ या कार्टून फिल्मों में डाली
जाती थीं. अब तो ये सब संगीत के आवश्यक तत्व जैसे हो गए हैं.
इलेक्ट्रोनिक्स के हावी होने से बनी बनाई धुनें और बीट्स प्राप्त होने
लगी हैं. कल्पनाशीलता और मौलिकता आराम फरमा रहे हैं. वो दिन
दूर नहीं  जब पैकेट में नूडल मिक्स की तरह गाने और फिल्म बनाने
का मसाला भी आएगा. अपनी पसंद की फिल्म बनाओ, गाने बनाओ,
मुंह से गाओ, नाक से गाओ, चाहे जहाँ से गाओ ,लहसुन का तडका
लगाओ या हींग का सब चलेगा. कुछ साल पहले जनता एक डिस्को
के शौक़ीन संगीतकार की तारीफ़ कुछ यूँ किया करती थी-वे साईकिल
की चेन की आवाज़ का भी प्रयोग बखूबी कर सकते हैं अपने संगीत
में. आज वही टिप्पणीकार वर्तमान संगीत पर कुछ नहीं कहते. शायद
उनको भी पूं पूं पें पें की ध्वनि पसंद आने लगी है.


आपको सुनवाते हैं एक नयी फिल्म से गीत जो ये यकीन दिलाता सा
प्रतीत होता है कि पूरे कुवें में भंग नहीं पड़ी है अभी. ये गीत है फिल्म
इंग्लिश विन्ग्लिश से. स्वानंद किरकिरे के गीत को सुरों में ढाला है
संगीतकार अमित त्रिवेदी ने और इसे गाया है शिल्पा राव ने.




गीत के बोल:

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल, थोड़ा संगदिल, थोड़ा बुजदिल
दर्द के दर पे, ठहरा है क्यूँ
सज़ा-सज़ा ये खुद को क्यूँ देता नई
हँसने की धुन में, रोता है क्यूँ
सही क्या, गलत क्या, ये कुछ भी समझता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल

है बर्फ सी सांसों में, आँखों में धुआं-धुआं
ये हर पल क्यूँ  खेले है, ग़म का ख़ुशी का जुआ-जुआ
ये उम्मीदों भरा ये खुद से ही डरा
सुलझे धागों में, उलझा है क्यूँ
सलाहें-सलाहें ये खुद की भी सुनता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल

क्यूँ बातों ही बातों में फिसलती है  ज़ुबां-ज़ुबां
किसी शय ना ठहरती है, बहकती है  निगाह-निगाह
ये कैसे कब हुआ,  ये कह दूँ क्यूँ हुआ
गिरता नहीं तो, संभलता है क्यूँ
झुकाए-झुकाए ये मगरूर झुकता नहीं

गुस्ताख दिल, दिल में मुश्किल, मुश्किल में दिल
गुस्ताख दिल
................................................................
Gustakh Dil -English Vinglish 2012

Read more...

Mar 11, 2015

मर जाइयां-विक्की डोनर २०१२

प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता जॉन अब्राहम इस फिल्म के जरिया
निर्माता बन गए. ये है सन २०१२ की फिल्म विक्की डोनर.
आज इस फिल्म का एक श्रवणीय गीत सुनिए जिसे लिखा है
स्वानंद किरकिरे ने. विशाल दादलानी और सुनिधि चौहान गा
रहे हैं अभिषेक-अक्षय के संगीत निर्देशन में. विशाल स्वयं एक
संगीतकार हैं और शेखर राजिवानी के साथ मिल कर संगीत
दिया करते हैं. फिल्म में आयुष्मान खुराना और यामी गौतम
प्रमुख कलाकार हैं. य से शुरू होने वाले नाम की यामी दूसरी
अभिनेत्री हैं युक्तामुखी के बाद.





गीत के बोल:


लम्हे वेले लम्हे, वेले पल ये
इधर उधर टहल रहे

सहमे सहमे दिल भी
कह रहे हैं बिना तेरे

मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे

दिल में कोई रग यूँ
धडकती है, कि जैसे बिजली सी दौड़े
सांसें तेरी साँसें
जलाती हैं बिना तेरे
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे

गिरहों को सुलझाओ, तेरे बिन क्या जीना ओ
बता मुझे, बता मुझे
गिरहों को सुलझाओ, तेरे बिन क्या जीना
आ भी जा, आ भी जा
आ भी जा, आ भी जा

लम्हे वेले लम्हे, वेले पल ये
इधर उधर टहल रहे

सहमे सहमे दिल भी
कह रहे हैं बिना तेरे

मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां
मर जाइयां, तेरे बिन मर जाइयां रे
.................................................................
Mar jaaiyaan-Vicky Donor 2012

Artists: Ayushman Khurana, Yami Gautam

Read more...

Mar 1, 2015

गिव मी सम सनशाइन-३ इडियट्स २००९

जब नए नए रीमिक्स आना शुरू हुए तो उसमे वाना-गौना
जैसे शब्द खूब सुनाई देते. अब तो मुख्य धारा के फ़िल्मी
गीतों में सुनाई देते हैं. हिंगलिश अपने चरम पर है. नए
ज़माने के गीतों में सब चलता है और आज की पीढ़ी के
संगीतप्रेमियों को पसंद भी आता है. हर युग में उस युग
के गीतों के चाहने वाले गीतों के साथ ही प्रकट हो जाया
करते हैं.

आइये सुना जाए एक चर्चित फिल्म ३ इडियट्स से एक
गीत जो हिंदी अंग्रेजी का मिश्रण है. गीत लिखा है स्वानंद
किरकिरे ने और धुन बनायीं है शांतनु मोइत्रा ने. शांतनु ने
जो संगीत दिया है इस फिल्म में वो थोडा सौम्य प्रकृति का
है. गीत एक कटाक्ष है शिक्षा प्रणाली पर.

गीत गाया है फिल्म के कलाकारों में से एक शर्मन जोशी
और सूरज जगन ने.



गीत के बोल:

सारी उम्र हम मर मर के जी लिए
इक पल तो अब हमें जीने दो, जीने दो

सारी उम्र हम मर मर के जी लिए
इक पल तो अब हमें जीने दो, जीने दो

गिव मी सम सनशाइन
गिव मी सम रेन
गिव मी एनदर चांस
आई वाना ग्रो अप वोंस अगेन

कंधों को किताबों के बोझ ने झुकाया
रिश्वत देना तो खुद पापा ने सिखाया
९९ पर्सेंट मार्क्स लाओगे तो घड़ी, वरना छड़ी

लिख लिखकर पढ़ा हाथों पर
अल्फा बीटा गामा का छाला
कोंसेंट्रेटेड H2So4 ने पूरा
पूरा बचपन जला डाला
बचपन तो गया, जवानी भी गयी
इक पल तो अब हमें जीने दो, जीने दो

सारी उम्र हम मर मर के जी लिए
इक पल तो अब हमें जीने दो, जीने दो
..................................................................
Give me some sunshine-3 Idiots 2009

Read more...

Jan 1, 2015

पियु बोले-परिणीता २००५

जनवरी महीने में कई फ़िल्मी कलाकारों का जन्मदिवस आता है. मसलन
१ जनवरी को पैदा होने वाले कलाकारों में नाना पाटेकर और बिद्या बालन
प्रमुख हैं.

उसके अलावा जो आज के दिन पैदा हुए उनमें प्रमुख हैं-

असरानी, अशोक सराफ, अरुण गोविल, आशुतोष  राणा, आशीष चौधरी,
डॉली बिंद्रा, तनीषा मुखर्जी,नादिरा बब्बर, गायिका कविता कृष्णमूर्ति,
रघुवीर यादव, संदली सिन्हा, सिद्धार्थ कोईराला और सोनाली बेंद्रे .

आज आपको विद्या बालन पर फिल्माया गया एक गीत सुनवाते हैं.
गीत स्वानंद किरकिरे का लिखा हुआ है और इसे संगीतबद्ध किया
है शंतानु मोइत्रा ने. गा रहे हैं सोनू निगम और श्रेया घोषाल.


गीत के बोल:
यू आर माइन, से यू आर माइन
व्हाट डू यू थिंक

पियु बोले पिया बोले जानू न
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

नॉट बैड अब यह सुनो
दिल की जो बातें हैं बातें जो दिल की हैं

दिल ही में रखना पिया

लब तो न खोलूँ मैं खोलूँ न लब तो पर

आखों से सब कह दिया
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना

एक नदी से मैंने पूछा इठला के चल दी कहाँ
दूर तेरे पी का घर है बल खा के चल दी कहाँ
थोडा वो घबराई थोडा सा शरमाई
उलझी यहाँ से वहाँ
सागर से मिलने का उसका जो सपना था
मेरी ही तरह पिया
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना

जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
मैंने पुछा एक घटा से इतरा के चल दी कहाँ
प्यास की मारी ज़मीन है बरसों भी तरसाओ ना
थोडा वो गुर्राई थोडा सा थर्राई
गुजरी यहाँ से वहाँ
प्रीत रूठी थी फिर छम छम वो बरसी ही
तेरी तरह पिया

पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले क्या ये बोले जानू ना
जिया डोले होले होले क्यों ये डोले जानू ना
पियु बोले पिया बोले जानू ना

……………………………....................
Piyu bole-Parineeta 2005

Artists: Safe Ali Khan, Vidya Balan

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP