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Aug 1, 2017

हम काले हैं तो क्या हुआ-गुमनाम १९६५

महमूद पर फिल्माया गया ये गीत बेहद लोकप्रिय हुआ
था अपने समय में. हैदराबादी अंदाज़ में गाया गया ये
गीत अनूठा है और इसी से प्रेरित हो कर देशप्रेमी फिल्म
में भी ऐसा ही एक गीत रखा गया था.

एक ज़माना था जब महमूद का कद समकालीन नायकों
के बराबर हुआ करता था. उनके लिए फिल्मों में विशेष
भूमिका लिखी जाती थी और उन्हें नायक के बराबर या
नायक से ज्यादा मेहनताना मिला करता था. ऐसा हमने
जगह जगह पढ़ा है और यह कितना सत्य है ये तो बता
पाना मुश्किल काम है.

महमूद को पार्श्व गायन के काफी अवसर मिले हैं हिंदी
फिल्मों में. इस गाने के मूल गायक हैं रफ़ी और साथ
में महमूद की आवाज़ में भी कुछ शब्द हैं. शैलेन्द्र के
लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है शंकर जयकिशन ने.




गीत के बोल:

ख़्यालों में ख़्यालों में
ख़्यालों में ख़्यालों में
जय हंगामा
कहाँ भाग रही तुमें
या अल्लाह काले से डर गए क्या

हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं
हम तेरे तेरे तेरे चाहने वाले हैं
हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं

ये गोरे गालाँ तन्दाना
ये रेशमी बालाँ तन्दाना
ये सोला सालाँ तन्दाना
हाय तेरे ख़यालाँ तन्दाना
हम तेरे तेरे तेरे चाहने वाले हैं
हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं

तुम किधर को जाताईं तन्दाना
क्यूँ पास न आताईं तन्दाना
क्या मार ये बाताँ तन्दाना
दिल तोड़ ये घाताँ तन्दाना
हम तेरे तेरे तेरे चाहने वाले हैं
हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं

आँखां नारंगी की फाँकाँ
बाताँ ज्यूँ सारंगी
चालाँ जैसे मस्त शराबी
हालत रंग-बिरंगी

हम माना ग़रीब हैं तन्दाना
सूरत से अजीब हैं तन्दाना
पर फिर भी नसीब हैं तन्दाना
के तेरे करीब हैं तन्दाना
हम तेरे तेरे तेरे चाहने वाले हैं
हम काले हैं तो क्या हुआ दिलवाले हैं
………………………………………………..
Ham kale hain to kya hua-Gumnaam 1965

Artist: Mehmood

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Dec 7, 2010

गम छोड़ के मनाओ रंगरेली -गुमनाम १९६५

फिल्म गुमनाम से एक गीत पेश है जो कि समुद्र किनारे
फिल्माया गया है और ढेर सारे कलाकारों को आप इस गीत
में देखेंगे उनमे से एक हैं हेलन जो कि परदे पर इस गीत को
गा रही हैं। जिस प्रोडक्ट का वर्णन पिछली पोस्ट में किया गया
था वो इधर उपलब्ध नहीं है मगर ये शोर्ट ड्रेस वाला एक सोबर
गीत है जिसे आप देख कर आनंदित होंगे।

फिल्म का नाम ही बस गुमनाम है। ये अपने समय की एक
प्रसिद्ध होरर फिल्म थी । बहु सितारा फिल्म के इस गीत में
आपको नंदा, प्राण और मदन पुरी दिखाई देंगे हेलन के अलावा।

गीत में बैगपाइपर नाम के वाद्य का इस्तेमाल किया गया है।
गीत लिखा है हसरत जयपुरी ने और धुन बनाई है शंकर जयकिशन
ने। गायिका की आवाज़ आप पहचानते ही होंगे।



गीत के बोल:

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले
जीना उसका जीना है जो हँसते गाते जी ले
जुल्फों की घनघोर घटा में नैन के सागर पी ले

जो करना है आज ही कर लो कल को किसने देखा
आई है रंगीन बहारें ले के दिन रंगीले।

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ
मैं अलबेली चिंगारी हूँ नाचूं और लहराओं
दामन दामन फूल खिलाऊँ और खुशियाँ बरसाऊँ


दुनियावालों तुम क्या जानो जीने की ये बातें
आओ मेरे नज़दीक तो मैं ये बातें समझाऊँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली

जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ
जो भी होगा हम देखेंगे गम से क्यूँ घबराएँ
इस दुनिया के बाग़ में लाखों पंछी आये जाएँ

ऐश के बन्दों ऐश करो तुम छोडो ये ख़ामोशी
लोग हुए हैं जिंदादिल हैं जो चाहे कर जाएँ

हो इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
इस दुनिया में जीना है तो सुन लो मेरी बात
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
गम छोड़ के मनाओ रंगरेली
और मान लो जों कहे किट्टी केली
....................................................................
Gham Chhod Ke Manao Rangreli-Gumnaam 1965

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