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Mar 27, 2017

सूरज हुआ मद्धम-कभी खुशी कभी गम २००१

सन २००१ में रिलीज़ हुई फिल्मों के जो गीत चर्चित हुए उनमें
से एक है फिल्म कभी खुशी कभी गम का गीत. इसे युवा जनता
कभी बबल गम कभी च्युइंग गम चबा चबा के गुनगुनाया करती
थी. आज भी इस गीत को सुना जा सकता है. सोनू निगम उस
समय के उभरते गायक थे. इस गीत की लोकप्रियता से उन्हें
अवश्य ही फायदा हुआ होगा. ये एक युगल गीत है जिसमें उनके
साथ अलका याग्निक की आवाज़ है.

अनिल पांडे साहब इसके गीतकार हैं और सन्देश शांडिल्य ने धुन
बनाई है. फिल्म में शायद तीन संगीतकारों की सेवाएं ली गयी थीं.
समय के हिसाब से एक अच्छा रोमांटिक गीत है और इस गीत का
फिल्मांकन भी बढ़िया है.



गीत के बोल:

सूरज हुआ मद्धम चाँद जलने लगा
आसमां ये हाय क्यूँ पिघलने लगा
सूरज हुआ मद्धम चाँद जलने लगा
आसमां ये हाय क्यूँ पिघलने लगा
मैं ठहरा रहा ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
ओ क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है

हो ओ ओ आ आ आ आ आ
सूरज हुआ मद्धम चांद जलने लगा
आसमां ये हाय क्यूँ पिघलने लगा
मैं ठहरी रही ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
हाँ क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है

है खूबसूरत ये पल सब कुछ रहा है बदल
सपने हकीकत में जो ढल रहे हैं
क्या सदियों से पुराना है रिश्ता ये हमारा
के जिस तरह तुम से हम मिल रहे हैं
यूँ ही रहे हरदम प्यार का मौसम
यूँ ही मिलो हम से तुम जनम जनम
हूँ हूँ मैं ठहरा रहा ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
हाँ क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है

तेरे ही रंग से यूँ मैं तो रंगी हूँ सनम
पा के तुझे खुद से ही खो रही हूँ सनम
ओ माहिया वे
तेरे इश्क़ में हाँ डूब के पार मैं हो रही हूँ सनम
सागर हुआ प्यासा रात जगने लगी
शोलों के दिल में भी आग जलने लगी

मैं ठहरी रही ज़मीं चलने लगी
धड़का ये दिल साँस थमने लगी
हाँ क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है
सजना क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है

सूरज हुआ मद्धम चाँद जलने लगा
आसमां ये हाय क्यूँ पिघलने लगा
सजना क्या ये मेरा पहला पहला प्यार है
…………………………………………………….
Suraj hua maddham-Kabhi khushi kabhi gham 2001

Artists: Kajol, Shah Rukh Khan

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Nov 6, 2016

वंदे मातरम-कभी खुशी कभी गम २००१

फ़िल्में ऐसी हों जो हर प्रकार का इमोशनल अटैक करें आपके
दिमाग पर. फिल्म कभी खुशी कभी गम में सारे फ़िल्मी मसाले
मौजूद हैं. दर्शक को चारों ओर से घेर लो ताकि वो किसी न किसी
बात पर वाह वाह ज़रूर करे. इस लिहाज़ से देखा जाए तो फिल्म
बेहद सफल है. अमिताभ बच्चन, जया भादुड़ी और काजोल का
अभिनय फिल्म के कुछ मजबूत पक्षों में से एक है.

एक बात अच्छी है २००० के आसपास और उसके बाद बनने वाली
फिल्मों में-इन्हें बनाने के वक्त अप्रवासी भारतीयों का ज्यादा ध्यान
रखा जाने लगा है. ओवरसीज़ मार्केट एक बड़ा मार्केट हो चुका है
आज बॉलीवुड के लिए और निर्माता निर्देशक इस बात को अच्छी
तरह से भुना लेना चाहते हैं. भव्य कैनवास और बड़ी स्टारकास्ट
होने के बावजूद फिल्म ऐसा लगता है बेहतर बनाई जा सकती थी.

इस फिल्म से एक गीत सुनते हैं जो बंकिम चंद्र रचित वंदे मातरम
और इकबाल रचित सारे जहाँ से अच्छा का मिश्रण है. इसे गाया है
कविता कृष्णमूर्ति और उषा उथुप ने. सन्देश शांडिल्य ने इस गीत
का संगीत तैयार किया हैं. फिल्म का एक मजबूत पक्ष ये गीत भी
है. गीत में फिल्म के सभी प्रमुख कलाकार मौजूद हैं और मुरलीवाले
की मूर्ति के दर्शन भी हो जाते हैं.




गीत के बोल:

वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम

वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
सुजलाम सुफलाम मातरम

मलयज शीतलाम मातरम
सुजलाम सुफलाम मातरम
मलयज शीतलाम मातरम
शस्य शामला मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
वंदे मातरम वंदे मातरम मातर
हम बुलबुले हैं इसकी ये गुलसितां हमारा हमारा
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
………………………………………………………
Vande Matram-Kabhi Khushi Kabhi Gham 2001

Artist: Hrithik Roshan

Lyrics: Bankim Chandra Chattopadhyay, Allama Muhammad Iqbal

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