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Jul 7, 2017

साये साये...हरजाईयां-क्वीन २०१४

आपको एक गीत सुनवाया था कुछ समय पहले
मर जाईयां उसके साथ साथ एक और गीत याद
आता है वो आज सुन लीजिए-हरजाईयां. किसी
शब्द के आखिर में ई और यां लगा कर नए शब्द
बनाये जा सकते हैं- क्रिकेटईयां, टेनिसैयाँ इत्यादि.
ये शब्द ऐसे ही हैं जैसे भविष्य की उड़ने वाली कारें
हैं.

अन्विता दत्त गुप्तन के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है
अमित त्रिवेदी ने. इसे नंदनी श्रीकर ने गाया है.




गीत के बोल:

साये साये फिरते हैं जिधर मुडूं
बैठी है रुसवाईयां भी रुसके दूर
बहला फुसला के खुद को नसीहतें करूं
झूठी मूठी सी टूटी फूटी सी
हो धुंधली-धुंधली सी मैं तो इधर-उधर फिरूँ
रूठी रूठी सी

हरजाईयां मिला वो होने को जुदा क्यूं
परछाईयाँ दे के ही मुझे वो गया क्यूं

कांधे ये भारी से दिन को ढो नहीं पाते
चुनती रहूं मैं ये लम्हें गिर क्यूं हैं जाते
क्यूं बुनती मैं रहूँ
किस्मत के धागे
जो खुद ही मैं छीलूँ
उधड़े उधड़े रहम से मैं मिन्नतें करूं
झूठी-मूठी सी टूटी फूटी सी
हो किसको अब ये पड़ी है मैं उखड़ी उखड़ी हूँ
रूठी रूठी सी

हरजाईयां मिला वो होने को जुदा क्यूं
परछाईयाँ दे के ही मुझे वो गया क्यूं
……………………………………………………….
Saaye saaye firte hain…harjaiyan-Queen 2014

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Apr 28, 2016

किसे पूछूं, दुआ-शंघाई २०१२

एक समय था जब हिन्दुस्तानी शहरों के नाम पर फ़िल्में
बनती थीं. हिंदी सिनेमा के ग्लोबलाईजेशन के बाद दूसरे
देशों के शहरों के नाम पर भी फ़िल्में बनना शुरू हुयीं.
अब आप चाइनीज़, मेक्सिकन कोंटिनेंटल फ़ूड खाएं और
बाकी चीज़ों से परहेज़ करें ये तो हो ही नहीं सकता ना.
देसी पब्लिक विलायती दुल्हनें ले आती हैं अब तो.

फिल्म शंघाई से एक गीत सुना जाए जिसे नंदिनी श्रीकर,
अरिजीत सिंह और शेखर ने गाया है. शेखर विशाल-शेखर
संगीतकार जोड़ी वाले. गीत कुमार नामक गीतकार ने लिखा
है और इसकी धुन बनायीं है विशाल-शेखर ने. इस गीत
को अभय देवल, कल्कि कोचलिन और इमरान हाशमी पर
फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

किसे पूछूं है ऐसा क्यूं?
बेजुबां सा ये जहां है
खुशी के पल कहाँ ढूँढूं?
बेनिशां सा वक़्त भी यहाँ है

जाने कितने लबों पे गिले हैं
ज़िन्दगी से कई फासले हैं
पसीजते हैं सपने क्यूं आँखों में
लकीरें जब छूते इन हाथों से
यूं बेवजह

जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा

सांसों ने कहाँ रुख मोड़ लिया
कोई राह नज़र में न आये
धड़कन ने कहाँ दिल छोड़ दिया
कहाँ छोड़े इन जिस्मों ने साये
यही बार-बार सोचता हूँ तन्हाँ मैं यहाँ
मेरे साथ-साथ चल रहा है यादों का धुआँ

जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
जो भेजी थी दुआ
वो जा के आसमां से यूं टकरा गयी
के आ गयी है लौट के सदा
.........................................................................
Kise poochhon Dua-Shanghai 2012

Artists: Emran Hasmi, Kalki Koechlin, Abhay Deol,

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