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Mar 3, 2018

ओ बदरा बहार-क्वीन २०१४

कविता और गीतों में कब आसमान अजवाइन के पराठे
सा दिखाई देने लगे कहा नहीं जा सकता. हम सुनहरे कल
की और बढ़ रहे हैं. कई साल पहले ये वाक्य जगह जगह
लिखा दिखाई देता था. ट्रेन से बाहर देखने पर बहार ही
बहार दिखलाई देती थी. कहीं खेत खलिहानों की बहार,
कहीं विज्ञापन से सनी पुती हुई दीवारों की बहार तो किसी
जगह लोटा बोतल लिए बैठे जंतुओं की कतार.

झट से सुनते हैं फिल्म क्वीन का एक गीत जिसे लिखा
है अन्विता दत्त गुप्तन ने. अमित त्रिवेदी ने इसकी धुन
बनाई है और इसे गाया भी है.



गीत के बोल:

हो बाबुल के अंगना में
अम्बुवा के तले
नेहर की दुलारी
नाजों से पली
मेरी मेरी गुडिया बचपन की
संदेसा ले जा रे
ओ बदरा बहार

सिसके रे जियरा
बहता रे कजरा
रे चुगता रहा रे
मैं भूली सखियाँ
बचपन की बतियाँ
घुन घुन ये सांस घबराये
पिया को बता दे आ हा
ओ बदरा बहार
ओ बदरा बहार
हो ओ बदरा बहार
..........................................................
Badra Bahar-Queen 2014

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Jul 7, 2017

साये साये...हरजाईयां-क्वीन २०१४

आपको एक गीत सुनवाया था कुछ समय पहले
मर जाईयां उसके साथ साथ एक और गीत याद
आता है वो आज सुन लीजिए-हरजाईयां. किसी
शब्द के आखिर में ई और यां लगा कर नए शब्द
बनाये जा सकते हैं- क्रिकेटईयां, टेनिसैयाँ इत्यादि.
ये शब्द ऐसे ही हैं जैसे भविष्य की उड़ने वाली कारें
हैं.

अन्विता दत्त गुप्तन के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है
अमित त्रिवेदी ने. इसे नंदनी श्रीकर ने गाया है.




गीत के बोल:

साये साये फिरते हैं जिधर मुडूं
बैठी है रुसवाईयां भी रुसके दूर
बहला फुसला के खुद को नसीहतें करूं
झूठी मूठी सी टूटी फूटी सी
हो धुंधली-धुंधली सी मैं तो इधर-उधर फिरूँ
रूठी रूठी सी

हरजाईयां मिला वो होने को जुदा क्यूं
परछाईयाँ दे के ही मुझे वो गया क्यूं

कांधे ये भारी से दिन को ढो नहीं पाते
चुनती रहूं मैं ये लम्हें गिर क्यूं हैं जाते
क्यूं बुनती मैं रहूँ
किस्मत के धागे
जो खुद ही मैं छीलूँ
उधड़े उधड़े रहम से मैं मिन्नतें करूं
झूठी-मूठी सी टूटी फूटी सी
हो किसको अब ये पड़ी है मैं उखड़ी उखड़ी हूँ
रूठी रूठी सी

हरजाईयां मिला वो होने को जुदा क्यूं
परछाईयाँ दे के ही मुझे वो गया क्यूं
……………………………………………………….
Saaye saaye firte hain…harjaiyan-Queen 2014

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Dec 5, 2016

ढूंढे हर इक….किनारे-क्वीन २०१४

फिल्म क्वीन कंगना राणावत के लिए बनायीं गई फिल्म
मालूम पड़ती है, और है भी. इस फिल्म में उनके अभिनय
की भूरि भूरि प्रशंसा की है देखने वालों ने और फिल्म देख
के क्रिटिकली ऐक्लैम करवाने वालों ने.

कंगना राणावत कब कंगना रानाउत कहलाई जाने लगीं और
उसके बाद कब वे कंगना रनौत कही जाने लगीं इस पर भी
एक फिल्म बनाई जा सकती है. ये मीडिया बतलाया करता
है जैसे वो फाईनल को कब फिनाले कहने लगे, कब उसे
फिनाइल कहने लगे कहा नहीं जा सकता. ऐसे फालतू मुद्दों
पर शायद मीडिया को ध्यान देने की ज़रूरत नहीं होती. वो
तो दिल्ली और उसके आसपास की ख़बरें विज्ञापन के छौंक
में मिला कर दर्शक को ये बतलाना चाहता है कि दिल्ली और
एन सी आर ही असली भारत है.

छोडिये, हमने तो ‘सवाल खड़ा कर दिया’ जो कि मीडिया का
अति प्रिय तकिया कलाम है. हम तो बस गीत सुनते हैं जिसमें
हमें आमिर खान की फिल्म जो जीता वही सिकंदर के गीत
पहला नशा की सी महक आती है वैसे ही जैसे आप आज के युग
के किसी भी स्नैक का पैकेट ले लें जिस पर मसाला लिखा हो,
आँख बंद कर लें तो आपको शायद ही मालूम हो कि आप चिप्स
खा रहे हैं,  नूडल्स या फिर विलायती जौ से बना कोई व्यंजन.


अन्विता दत्त गुप्तन के लिखे गीत के लिए तर्ज़ बनाई है अमित त्रिवेदी
ने और इसे मोहन कन्नन गा रहे हैं. पुणे के अग्नि बैंड का हिस्सा है
मोहन.



गीत के बोल:

ढूंढे हर इक सांस में
डुबकियों के बाद में
हर भंवर के पास किनारे
बह रहे जो साथ में
जो हमारे खास थे
कर गये अपनी बात किनारे

गर माझी सारे साथ में
गैर हो भी जायें
तो खुद ही तो पतवार बन
पार होंगे हम
जो छोटी सी हर इक नहर
सागर बन भी जाये
कोई तिनका ले के हाथ में
ढूंढ लेंगे हम किनारे
किनारे किनारे

खुद ही तो हैं हम किनारे
कैसे होंगे कम किनारे
हैं जहाँ हैं हम किनारे
खुद ही तो हैं हम
हाँ खुद ही तो हैं हम

औरों से क्या
खुद ही से पूछ लेंगे राहें
यहीं कहीं मौज़ों में ही
ढूंढ लेंगे हम
बूँदों से ही तो है वहीं
बांध लेंगे लहरें
पैरों तले जो भी मिले
बाँध लेंगे हम
किनारे किनारे किनारे
..........................................................................
Dhoondhe hare k saans…kinare-Queen 2014

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Sep 30, 2015

लन्दन ठुमकदा-क्वीन २०१४

पिछले साल से इस साल तक बजने वाला एक लोकप्रिय गीत.
एक वजह तो है इसे देखने की-इस गीत में लड्डू और जलेबी
बनते देख सकते हैं आप. शादी का मौका है और उसके पहले
वाला नाच और गाना. हर्षोल्लास वाला गीत है ये. फील गुड है
जी, हैं जी! तो सुनते हैं फिल्म क्वीन का ये गीत जिसमें मुझे
केवल एक नायिका ही पहचान में आ रही हैं-कंगना राणावत.

पहली पंक्ति के वन टू टू का मतलब है-एक से दो होना. लड़की
की शादी होने वाली है इसलिए ये लाइन है गीत में. हाई हील
की चप्पल या सैंडल से होने वाली टुक टुक की आवाज़. गिट
पिट का मतलब ना समझ में आने वाला अंग्रेजी प्रलाप. घंटी
बिग बेन दी का मतलब बिग बेन टावर पर लगी हुई घंटी. इस
गीत में ट्राफलगार का भी जिक्र है जो लन्दन का एक पर्यटक
स्थल है. इतिहास में आपने इस जगह का नाम ज़रूर सुना होगा
जहाँ एक प्रसिद्द युद्ध लड़ा गया था. 

गीत लिखा है अन्विता दत्त गुप्तन ने जिन्होंने फिल्म बचना ऐ
हसीनों के गीत लिखे थे, आपको गर याद हो. वो सन २००८
की फिल्म थी. गीत गया है लभ जुनेजा, आरती कक्कड और
सोनू कक्कड ने.



गीत के बोल: 

तू हो गयी वन टू टू, ओ कुड़िये व्हाट टू डू
ओ हो गयी मुंडे दी, तू तुरु तुरु तुरु
पतंगा वर्गी तू ऐन्वई उड़ दी
ओ हो गयी मुंडे दी, तू तुरु तुरु तुरु
हिला दे चल दी टुक टुक तू करदी
मेक अप तू करदी यार
अंग्रेजी पढ दी, घिट पिट तू करदी
जिम्मे क्वीन साडी विक्टोरिया
तू घंटी बिग बेन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
ओ जद्दो नच्चे पेहन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
तू घंटी बिग बेन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
ओ जद्दो नच्चे पेहन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
हाए हाए हाय, आ हा आ हा आ हा

लट्ठे दी चादर उसपे हनीमून कर माहिया
आवो सामने, आवो सामने तेरा की साइज़ हैं वे डस माहिया
मलमल दा कुर्दा दिख दा हैं सब कुछ क्लियर माहिया
तेरे सामने, तेरे सामने लगदा हैं छोटा पलंग माहिया

ओ सियापा, ओए होए होए डेथ ही हो गयी
लाउडस्पीकर ते, मैडोना बजदी
हो लइके वर जींद, एथे उथे केहन्दी
अरे फेल करदे कबूतर वर्गी
ओ नेम्मा फिर दी गुटरगू कर दी
गुलाबी शेर डा, रंग हैं फिरंगी
राखी टी साँव के आर
सानु ते लगता, सौ साल तो चंगी
जगा कोई नहीं हैं बढ़िया
तू घंटी बिग बेन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
ओ जद्दो नच्चे पेहन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
तू घंटी बिग बेन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा
ओ जद्दो नच्चे पेहन दी, पूरा लन्दन ठुमकदा

सर पे गिलास्सी रख लन्दन ठुमकदा
पंजाबी स्टाइल विच लन्दन ठुमकदा
लस्सी दा गिलास विच लन्दन ठुमकदा
ठुमकदा ठुमकदा  लन्दन ठुमकदा
ठुमकदा ठुमकदा ओए वाह जी वाह
तुनकदा तुनकदा तुम्बा तुनकदा
तुनकदा तुनकदा
ओए ओए ओए ओए ओए ओए बुर्र ओए शावा
ओए ओए ओए ओए ओए ओए ओए ओए ओए
ओए ओए ओए बल्ले
………………………………………………………………………………
London Thumakda-Queen 2014

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