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Nov 18, 2017

इंसान मोहब्बत में कुछ काम-नर्तकी १९६३

आशा भोंसले का गाया एक गीत सुनते हैं फिल्म नर्तकी से.
पुराने ज़माने के गीतों की तरह इसमें पंक्तियाँ कई बार गाई
गई हैं. गीत कव्वालीनुमा है और कव्वालियों में पंक्तियाँ कई
कई बार दोहराने की परंपरा है.

शकील के बोल हैं और रवि का संगीत. इस फिल्म से रफ़ी का
गाया एक गीत आप सुन चुके हैं पहले.





गीत के बोल:

इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए

ऐ प्यार के दीवानों दुनिया है क़यामत की
ऐ प्यार के दीवानों दुनिया है क़यामत की
किस्मत पे न रख देना दुनिया जो मोहब्बत की
किस्मत पे न रख देना दुनिया जो मोहब्बत की
किस्मत का भरोसा क्या बिगड़े के संवर जाए
किस्मत का भरोसा क्या बिगड़े के संवर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए

इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए

मायूस भी हैं नज़रें उम्मीद भी है बाकी
मायूस भी हैं नज़रें उम्मीद भी है बाकी
ये कौन सा आलम है अब तू ही बता साकी
ये कौन सा आलम है अब तू ही बता साकी
ये कौन सा आलम है अब तू ही बता साकी
आखिर तेरा दीवाना जाए तो किधर जाए
आखिर तेरा दीवाना जाए तो किधर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए

इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए

छलके हुए अश्कों को मुश्किल नहीं पी लेना
छलके हुए अश्कों को मुश्किल नहीं पी लेना
गम ये है के मोहब्बत में आसान है जी लेना
गम ये है के मोहब्बत में आसान है जी लेना
वो कैसे जिए जिसका गम हद से गुजर जाए
वो कैसे जिए जिसका गम हद से गुजर जाए
या ढूंढ ले साहिल को या डूब के मर जाए

इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
इंसान मोहब्बत में कुछ काम तो कर जाए
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Insaan mohabbat mein kuchh kaam-Nartaki 1963

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Jun 21, 2016

जिंदगी के सफर में अकेले थे हम-नर्तकी १९६३

संगीतकार रवि उर्फ रविशंकर शर्मा का योगदान भी संगीत
जगत को अतुलनीय है. रवि ने यूँ तो सभी गायकों के लिए
अच्छे गीत बनाये मगर रफ़ी के लिए कुछ ज्यादा ही खास
बनाये या यूँ कहें कि रफ़ी ने उन गीतों को खास बना दिया.

दोनों के कोम्बिनेशन वाले गीत सुनो तो ऐसा लगता है जैसे
दोनों के बीच कुछ अटूट रिश्ता हो और ज़बरदस्त अंडरस्टेन्डिंग.
ना यकीन हो तो सुन लिए फिल्म नर्तकी का एक गीत जो
सन १९६३ की फिल्म है. गीत लिखा है शकील बदायूनीं ने
गीत की पन्क्तिओय में सुनील दत्त के भविष्य में आने वाली
एक फिल्म का नाम छिपा है-हमराज़. 

नितिन बोस ने फिल्म का निर्देशन किया जिसमें सुनील दत्त,
नंदा, नाना पलसीकर, ओम प्रकाश और आगा प्रमुख भूमिकाएं
वाले अभिनेता/अभिनेत्रियां हैं. मेरा ऐसा अनुमान है सुनील दत्त
को भी काफी अभिनेत्रियों के साथ काम करने का मौका मिला.
किसी विसेशेष अभिनेत्री के साथ उनकी जोड़ी की कभी चर्चा
नहीं सुनी या पढ़ी.



गीत के बोल:

ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम
मिल गए तुम तो दिल को सहारा मिला
आ गए इक नए रास्ते पर क़दम
जब तुम्हारी नज़र का इशारा मिला

उलझनें थीं ख्यालों पे छाई हुई
गम की मौजें थीं दिल में समायी हुई
उलझनें थीं ख्यालों पे छाई हुई
गम की मौजें थीं दिल में समायी हुई
तुमने जब दिल की कश्ती में रखा सनम
हमको तूफ़ान में भी कनारा मिला

ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम
मिल गए तुम तो दिल को सहारा मिला
ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम

ज़िंदगी को तमन्ना थी हमराज़ की
साज़-ए-दिल की ज़रूरत थी आवाज़ की
ज़िंदगी को तमन्ना थी हमराज़ की
साज़-ए-दिल की ज़रूरत थी आवाज़ की
तुमने जब मुस्कुरा कर पुकारा हमें
ज़िंदगी को खुशी का नज़ारा मिला

ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम
मिल गए तुम तो दिल को सहारा मिला
ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम

अब ज़माने का डर है न दुनिया का ग़म
अपनी तक़दीर पर नाज़ करते हैं हम
अब ज़माने का डर है न दुनिया का ग़म
अपनी तक़दीर पर नाज़ करते हैं हम
आज आँखों को जलवे तुम्हारे मिले
आज हाथों को दामन तुम्हारा मिला

ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम
मिल गए तुम तो दिल को सहारा मिला
आ गए इक नए रास्ते पर क़दम
जब तुम्हारी नज़र का इशारा मिला
ज़िंदगी के सफ़र में अकेले थे हम......................................................................
Zindagi ke safar mein akele the-Nartaki 1963



Artist-Sunil Dutt

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