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Feb 6, 2017

चंदा की छांव में-परछाई १९५२

सन १९५२ की फिल्म परछाई से एक गीत सुनते
हैं. ये ऐसी फिल्म है जिसमें वी शांताराम के साथ
जयश्री और संध्या दोनों मौजूद हैं बतौर नायिका.

गीत जयश्री पर फिल्माया गया है जिसे लता गा
रही हैं. नूर लखनवी के बोल हैं और सी रामचंद्र
का संगीत. सुनहरे दौर का यह  गीत जिसमें चंदा
की छांव का जिक्र है रात को सुनने में ज्यादा
सुहाना लगता है. म्यूजिक मेड सिंपल इस फंडे
पर चलने वाले सी रामचंद्र संगीत की सभी विधाओं
में दक्ष होने के बावजूद सरल धुनों को ही ज्यादा
तरजीह दिया करते थे. ऐसे गीत जिन्हें आसानी से
गुनगुनाया जा सके.



गीत के बोल:

चंदा की छांव में ठण्डी ठण्डी हवाओं में
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा
चंदा की छांव में ठण्डी ठण्डी हवाओं में
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा

भँवरों का बोलना फूलों का डोलना
ओ ओ ओ ओ ओ फूलों का डोलना
भँवरों का बोलना फूलों का डोलना
ओ ओ ओ ओ ओ फूलों का डोलना
आज मुझे भा रहा
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा

चंदा की छांव में ठण्डी ठण्डी हवाओं में
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा

दिल और जिगर के बीच हो ओ ओ ओ
मेरी आँख और नज़र के बीच हो
दिल और जिगर के बीच हो ओ ओ ओ
मेरी आँख और नज़र के बीच हो
है कोई समा रहा
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा

चंदा की छांव में ठण्डी ठण्डी हवाओं में
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा


छुप छुप के मेरे पास हो ओ ओ ओ
इक प्रेम की ले के आस हो
छुप छुप के मेरे पास हो ओ ओ ओ
इक प्रेम की ले के आस हो
वो कोई आ रहा
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा

चंदा की छांव में ठण्डी ठण्डी हवाओं में
ओ कोई गा रहा
ओ ओ ओ ओ ओ कोई गा रहा
………………………………………………
Chanda ki chhanv mein-Parchhain 1952

Artist: Jayshri

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