Showing posts with label Rashid Khan. Show all posts
Showing posts with label Rashid Khan. Show all posts

Mar 11, 2015

दीवाना कर रहा है तेरा रूप-राज़ ३ २०१२

पिछले दिनों इतने शोरगुल वाले गीत सुने कि कान बजने लग गए.
एक गीत फिर भी ऐसा मिल गया जो कम तीखा था. ये है फिल्म
राज़ ३ से जिसे जावेद अली ने गाया है रशीद खान के बोलों और
संगीत पर. इनका नाम पढ़ कर मुझे पुराने ज़माने के प्रेम धवन
और रवींद्र जैन याद आ गए जो अपने गीत भी लिखा करते थे
संगीत देने के अलावा.

गीत कर्णप्रिय है, इसमें शाब्दिक पहाड़-घाटियाँ नहीं हैं, फ़िज़ूल उपमाएं
इडलियां भी नहीं हैं. सीधा सरल सा गीत है. परदे पर जो कलाकार
हिले हैं इस गीत में उनके नाम हैं-इमरान हाशमी और ईशा गुप्ता.

जावेद अली की आवाज़ सुन कर पाकिस्तानी गायक सज्जाद अली की
याद आ जाती है. इस गीत को सुन कर किसी पुराने गीत की याद सी
आ रही है, वो क्या है, बाद में बताएँगे आपको.



गीत के बोल:

तेरी बाहों में मिली ऐसी राहत सी मुझे
हो गयी जाने-ऐ-जहाँ तेरी आदत सी मुझे
देखूं मैं जब तुझको तो तब मेरा दिन ये ढले
दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ
दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ

दर्द का आलम है हर दम तेरे बिन ओ मेरे हमदम
आँखों में दिखती हैं मायूसियाँ
जहां भी जाऊं तेरे बिन बड़ी मुश्किल से गुज़रे दिन
चुभती हैं दिल को तेरी खामोशियाँ
राज़ गहरा जो है तेरा डर है कैसा तू है मेरा
आ आ आ आ आ आ आ.

दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ

दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ


धुल गए दिल के सारे गम खुशी से ऑंखें हैं ये नाम
जिंदगी में तू मेरी जब से आ गया
दिल का अरमान बना है तू मेरी पहचान बना है तू
साँसों में रूह बन के तू समा गया
जान भी तेरी दिल भी तेरा तुझसे है मेरा सवेरा 
ओ ओ ओ ओ ओ ओ

दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ

दीवाना कर रहा है तेरा रूप सुनहरा
मुसलसल खल रहा है मुझको अब ये सेहरा
बता अब जाएँ तो जाएँ कहाँ
....................................................
Deewana Karr aha Hai-Raaz 3 2013

Artists:  Emran Hashmi, Esha Gupta,

Read more...

Feb 7, 2015

कभी आईने पे लिखा तुझे- हेट स्टोरी २ २०१४

हमें बात की थी ऊंची पट्टी पर गाने वाले और एक जैसे
सुनाई देने वाले गायकों की. उसके साथ ही ये भी चर्चा की
थी-मूल हमेशा बढ़िया सुनाई देता है. आज एक गीत सुनते
हैं ऊंची पट्टी पर गाने वालों की पहली पीढ़ी के गायक का.
इनका नाम है कृष्णकुमार कुन्नथ जिन्हें हम के. के. के नाम
से जानते हैं. इनकी आवाज़ हमेश दूसरों से अलग रही क्यूंकि
इन्हें आवाज़ बना के गाने की ज़रूरत नहीं पढ़ती. इनकी
आवाज़ की अलबत्ता बहुत से नए गायक नक़ल करते सुनाई
देते हैं. इस चक्कर में ओरिजनल गायक यानि इन्हें गीत कम
मिलते हैं गाने को ये बहुत अफसोसजनक बात है.

इतनी भीड़ होने के बावजूद वो इस गाने के ज़रिये अपनी
उपस्थिति का अहसास करा चुके हैं. तनवीर गाजी के बोलों को
सुरों में ढाला है राशिद खान ने. फिल्म का नाम है हेट स्टोरी २.
ये २०१४ की फिल्म है. फिल्म में जय भानुशाली और सुरवीन
चावला प्रमुख भूमिकाओं में हैं.




गीत के बोल:

कभी आईने पे लिखा तुझे
कभी आँसुओं से मिटा दिया
कभी खत समझ के पढ़ा तुझे
कभी डायरी में छुपा दिया
एक पल भी तू मुझसे होता नहीं है जुदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...

तेरी तमन्ना आँखो में ले के
परछाइयों का पीछा किया हाँ
हर अजनबी से तेरा पता मैं
दीवानों की तरह (मैं) पूछा किया
तुझ बिन यूं लगता है, दिल है कहीं गुमशुदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...

तू ये ना जाने, कैसे तेरे बिन
रोया है पल पल ये दिल मेरा हाँ
आँसूं किसी ने पोंछे ना मेरे
तो याद आया आंचल तेरा
तन्हाई में अक्सर सुनता हूँ तेरी सदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...
...................................................
Kabhi Aayine Pe Likha Tujhe-Hate Story 2

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP