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Mar 27, 2018

तू भूला जिसे-एयरलिफ्ट २०१६

नए ज़माने की फिल्म एयरलिफ्ट से एक गीत सुनते हैं जिसे
के के ने गाया है. कुमार के लिखे गीत की धुन तैयार की है
अमाल मलिक ने.

देशभक्ति का जज्बा जगाने वाला गीत है ये. इसे अक्षय कुमार
पर फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

तू भूला जिसे
तुझको वो याद करता रहा
तू जीता रहा
तेरे लिए वो मरता रहा
तेरे दर्द की आहट सुनी
लो आ गया सब छोड़ के
तेरी राह में लेकर ख़ुशी
वो है खड़ा हर मोड़ पे
सब छोड़ के
तू भूला जिसे
तुझको वो याद करता रहा

तेरी फिकर में गुज़रता रहा
लम्हा दर लम्हा
तेरे साथ दुनिया थी
वो रहा तन्हा का तन्हा
तेरी फिकर में गुज़रता रहा
लम्हा दर लम्हा
तेरे साथ दुनिया थी
वो रहा तन्हा का तन्हा
आंसू मिले देखा था जो
पलकों को भी निचोड़ के
तेरी राह में लेकर ख़ुशी
वो है खड़ा हर मोड़ पे
सब छोड़ के

वन्दे मातरम वन्दे मातरम
वन्दे मातरम वन्दे मातरम
.............................................................
Too bhoola jise-Airlift 2016

Artist: Akshay Kumar

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Jul 21, 2017

ओ हमदम सुनियो रे-साथिया २००२

पांच गायकों का गाया एक छोटा सा गीत सुनते हैं फिल्म
साथिया से. इसे संगीतकार रहमान के साथ के के, शान,
कुणाल गांजावाला और प्रवीण मणि ने गाया है. इसमें से
केवल आखिरी नाम वाले गायक का नाम अनसुना सा है.

रहमान नए नए गायकों से गीत गवा लेते हैं. इसी बहाने
कई प्रतिभाओं को मौका मिल जाता है. नए ज़माने में ये
ट्रेंड उन्हीं के नाम है. आजकल इस ट्रेंड का अनुसरण हो
रहा है. इस गीत को गुलज़ार ने लिखा है.




गीत के बोल:

ओ हमदम
ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे

धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ पास बुलाएगा

ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
....................................................................
O hamdam soniyo re-Saathiya 2002

Artist: Vivek Oberoi

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Jun 13, 2017

स्ट्राबेरी आँखें सोचती क्या हैं-सपने १९९७

९० के दशक की एक फिल्म से गीत सुनते हैं आज.
गीत थोडा अलग-हट-के है. इस अलग-हट-के से
मुझे याद आया कोई फिल्म इस जुमले पर अभी
तक नहीं बनी है.

खाने पीने की चीज़ों से मानव शरीर के अंगों की
तुलना कोई नयी बात नहीं है. कई गीतों में तो
जानवरों से भी तुलना कर दी गई है अंगों की.

सृजन शब्द का अर्थ जो है वो सभी चीज़ों के लिए
समान ही है चाहे ओ कोई वस्तु हो या फ़िल्मी गीत.
आज आपको सृजन कला का एक उत्कृष्ट नमूना
सुनवाते हैं फिल्म सपने से. डार्विन की थ्योरी अनुसार
मानव के पूर्वज बन्दर थे, उन्हें इस गीत में याद
कर लिया गया है. गीत के के और कविता पौडवाल
ने गाया है. फन सोंग है अतः इसमें ज्यादा दिमाग
और लोजिक लगाने की गुंजाईश नहीं है.



गीत के बोल:

स्ट्राबेरी आँखें सोचती क्या हैं
लड़की तुम हो महलों में हो पली
वो आइस क्रीम हो जो है फ्रिज में रखी
तुमने जो भी कहा वो हमेशा हुआ
तुम्हें हर चीज़ मिली मरसिडीज़ मिली
फिर भी आँखों में है कोई ग़म क्यों छुपा
फिर भी तुम खुश नहीं बोलो है बात क्या

ऐ नो रिएक्शन
वोल्यूम डबल करूं
स्ट्राबेरी आँखें सोचती क्या हैं
लड़की तुम हो महलों में हो पली
वो आइस क्रीम हो जो है फ्रिज में रखी
तुमने जो भी कहा वो हमेशा हुआ
तुम्हें हर चीज़ मिली मरसिडीज़ मिली
फिर भी आँखों में है कोई ग़म क्यों छुपा
फिर भी तुम खुश नहीं बोलो है बात क्या

तुम दिल की हर इक बात पे क्यों इतनी हो बेज़ार
तुम प्यार के सब ख़्वाबों को भी कहती हो बेकार
पगली कहीं हो तो नहीं
लाऊँ मैं क्या कोई दवा

कोई पगली वगली नहीं मैं सुनो
दवा मुझको न दो इलाज अपना करो
मेरे दादा परदादा भी पागल न थे
न कोई पागलपन मुझमे है
पाऊँ कैसे खुशी अपने ही प्यार में
जब के है दुःख भरा सारे संसार में
मुझको ऐसी खुशी से नहीं वास्ता
मेरा तो है अलग रास्ता
प्यार सबसे करें
है ये सपना मेरा
जो भी दुनिया में है
हो वो अपना मेरा
थाम जो हाथ में
वो बने हथकड़ी
शादी क्यों मैं करूं
क्या मुझे है पड़ी

ऐ शादी नहीं करेगी तो कुछ और
ट्राई करना पड़ेगा
रूट चेंज

आँखों में हैं हीरे चमकते
चेहरे पर हैं चाँद दमकते
गालों में हैं फूल महकते
होंठों में हैं कलियाँ गुलाबी
दिल को बना दें जैसे शराबी
नाक थोड़ी ओवरसाइज़ है मैडम
कोई बात नहीं प्लास्टिक सर्जरी करा देंगे

ऐ दाढ़ी वाले इधर आ
सुबह उठ कर आईने में
कभी अपना चेहरा देखा है
हाँ देखा है
क्या देखा
मेरा हैंडसम चेहरा
नहीं ज़ू से निकला हुआ एक बन्दर

मेरी तो नाक जैसी है तू अपना सर दिखा
लगता है तेरे सर में है भूसा भरा हुआ
किसे पता किसे खबर तू आदमी है के बन्दर
…………………………………………….
Strawberry aankhen-Sapnay 1997

Artists: Prabhu Deva, Kajol, Arvind Swamy

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Jun 5, 2017

दिल ने बहुत रोका-मैं प्रेम की दीवानी हूँ २००३

कहते हैं दुनिया भर घूम के आदमी फिर आपनी जड़ों की तरफ
यानि कि बेसिक्स की तरफ लौटता है. बॉलीवुड में कुछ सालों
से अ आ इ ई ओ औ उ उ वाले गीत काफी बन रहे हैं.

सुनते हैं सन २००३ की फिल्म से एक गीत देव कोहली का लिखा
और अन्नू मलिक के संगीत निर्देशन में बना. इसे चित्रा और के के
ने गाया है.





गीत के बोल:

आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
दिल ने बहुत रोका मैने बहुत टोका
हे हे हे हे ऐ
दिल ने बहुत रोका मैने बहुत टोका
प्यार ना माना मेरा प्यार ना माना
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ
दिल को क्यों रोका ख़ुद को क्यों टोका
दिल को क्यों रोका ख़ुद को क्यों टोका
प्यार ना माना तेरा प्यार ना माना
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
चली आई चली आई चली आई
चली आई चली आई चली आई
आई आई आई आई चली आई चली आई

आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
ये ये ये ये ये ये ये
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ

तेरी ख़ुशी है मेरी ख़ुशी तेरी हँसी है मेरी
जो तेरी पसन्द वो मेरी पसन्द अब हो गयी हूँ मैं तेरी
तेरी ख़ुशी है मेरी ख़ुशी तेरी हँसी है मेरी
जो तेरी पसन्द वो मेरी पसन्द अब हो गयी हूँ मैं तेरी
देखूँ मैं रस्ता तेरा ही रस्ता और कोई मुझे ना जँचता आ जा ना जा
तेरी ज़िन्दगी में
मेरी-मेरी ज़िन्दगी में
तेरी-तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई

आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ

जो तू सोचे वो मैं सोचूँ और नहीं कुछ सोचा
सपना जो तेरा सपना है मेरा मैं सच करने आ पहुँचा
जो तू सोचे वो मैं सोचूँ और नहीं कुछ सोचा
सपना जो तेरा सपना है मेरा मैं सच करने आ पहुँचा
देखूँ मैं रस्ता तेरा ही रस्ता और कोई मुझे ना जँचता
आ जा ना जा
तेरी ज़िन्दगी में
मेरी-मेरी ज़िन्दगी में
दिल ने बहुत रोका मैने बहुत टोका
प्यार ना माना मेरा प्यार ना माना
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
तेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
मेरी ज़िन्दगी में चली आई चली आई
चली आई चली आई चली आई
आई आई आई आई चली आई चली आई
चली आई चली आई चली आई
आई आई आई आई चली आई चली आई

आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ ओ
आ ई ए आ आ
................................................................
Dil ne bahut roka-Main prem ki deewwni hoon 2003

Artists: Hritik Roshan, Kareena Kapoor

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May 8, 2017

कोई कहे कहता रहे-दिल चाहता है २००१

मेलोडी कब क्वीन थी और कब किंग ये अनुमान लगाना कठिन
काम है. हर दौर में सुनने लायक गीत तो बनेंगे ही, चाहे कम बनें
या ज्यादा. चलन वाला संगीत उसी नई पीढ़ी को ज्यादा भाता
है जो इसे सुन रही होती है उस समय. बाकी की पीढियां बस
तुलना करने और गुणवत्ता पर ध्यान लगाती हैं. इस गुणवत्ता का
सबका अलग अलग पैमाना होता है.

सुनते हैं सन २००१ की फिल्म दिल चाहता है से एक गीत जिसे
शंकर महादेवन, के के और शान ने गाया है. जावेद अख्तर के बोल
हैं और संगीत शंकर एहसान लॉय का.




गीत के बोल:

कोई कहे कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
हम लोगों की ठोकर में है ये ज़माना
जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हो गायेंगे हम अपने दिलों का तराना
बिगड़े दुनिया बिगड़ने भी दो
झगड़े दुनिया झगड़ने भी दो
लड़े जो दुनिया लड़ने भी दो
तुम अपनी धुन में गाओ
दुनिया रूठे रूठने दो
बंधन टूटे टूटने दो
कोई छूटे छूटने दो
ना घबराओ
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

आँखों में हैं बिजलियाँ साँसों में तूफ़ान हैं
डर क्या है और हार क्या हम इस से अनजान हैं
हमारे लिए ही तो हैं आसमान और ज़मीन
सितारे भी हम तोड़ लेंगे हमें है यकीन
अम्बर से है आगे हमारा ठिकाना
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

सपनों का जो देस है हाँ हम वहीं हैं पले
थोड़े से दिलफेंक हैं थोड़े से हैं मनचले
जहाँ भी गए अपना जादू दिखाते रहे
मोहब्बत हसीनों को अक्सर सिखाते रहे
आए हमें दिल और नींदें चुराना
हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना

कोई कहे कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
कोई कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
हो हम लोगों की ठोकर में है ये ज़माना
हो जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हूँ जब साज़ है आवाज़ है फिर किसलिए हिचकिचाना
हो गायेंगे हम अपने दिलों का तराना

हो हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना
हाँ हम हैं नए अंदाज़ क्यूँ हो पुराना
.............................................................
Koi kahe kehta rahe-Dil chahta hai 2001

Artists: Aamir Khan, Saif Ali Khan, Akshay Khanna

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Aug 24, 2016

आशाएँ खिलें दिल की-इक़बाल २००६

नए ज़माने की फिल्म से एक आशावादी गीत सुनते हैं.
ये है फिल्म इकबाल से जिसे के के और क्लिंटन सेरेजो
ने गाया है. श्रेयस तलपड़े और नसीरूदीन शाह पर इसे
फिल्माया गया है.

गीत लिखा है इरफ़ान सिद्दीकी ने और इसे संगीत में बाँधा
है सलीम सुलेमान ने.



गीत के बोल:

आशाएं आशाएं आशाएं
आशाएं आशाएं आशाएं

कुछ पाने की हो आस आस
कुछ अरमां हो जो ख़ास ख़ास
आशाएं आशाएं आशाएं

हर कोशिश में हो वार वार
करे दरियाओं को आर पार
आशाएं आशाएं आशाएं

तूफानों को चीर के
मंजिलों को छीन ले
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

उड़ जाए ले के ख़ुशी
अपने संग तुझको वहाँ
जन्नत से मुलाक़ात हो
पूरी हो तेरी हर दुआ

आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी

आशाएं आशाएं आशाएं

गुज़रे ऐसी हर रात रात
हो ख्वाहिशों से बात बात
आशाएं आशाएं आशाएं
ले कर सूरज से आग आग
गाये जा अपना राग राग
आशाएं आशाएं आशाएं
कुछ ऐसा करके दिखा
खुद खुश हो जाए खुदा

आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी
आशाएँ खिले दिल की
उम्मीदें हँसे दिल की
अब मुश्किल नहीं कुछ भी
नहीं कुछ भी

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आशाएं....उम्मीदें
……………………………………………………
Ashayen khilen dil ki-Iqbal 2006

Artists: Shreyas Talpade, Naseeruddin Shah, Shweta Prasad, Pratiksha Lonkar

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Aug 10, 2016

यारा रे यारा रे-रॉय २०१५

फिल्म रॉय की गाने काफी चर्चित हुए और युवा पीढ़ी के द्वारा
पसंद किये गए. सूरज डूबा है यारों जिम, कसरत की दुकान
में काफी बजते हुए मिलते हैं. आजकल की पीढ़ी फास्ट बीत
वाले गीतों पर बल्ले-शल्ले बनाना पसंद करती है.

रॉय फिल्म से अभी तक आपको अंकित तिवारी के संगीत वाले
दो गीत, मीत ब्रोस अनजान का एक और अमाल मालिक का
एक गीत सुनवाया है. आज सुनते हैं संदीप नाथ का लिखा हुआ
और के के का गाया हुआ अंकित तिवारी के संगीत निर्देशन में
बना गीत.




गीत के बोल:

अजनबी कहे के अपना कहे
अब क्या कहे क्या ना कहे
अजनबी कहे के अपना कहे
अब क्या कहे क्या ना कहे

इशारे भी चुप हैं ज़ुबां ख़ामोश है
सदा गुमसुम सी है तन्हा आगोश है
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे

तू छूट कर क्यों छूटा नहीं
कुछ तो जुदा है अभी
मैं टूट कर क्यूँ टूटा नहीं
जीने में है तू कहीं
इशारे भी चुप हैं ज़ुबां ख़ामोश है
सदा गुमसुम सी है तन्हा आगोश है
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे

है हर घड़ी वो तिश्नगी
जो एक पल भी ना बुझी
है ज़िन्दगी चलती हुई
पर ये ज़िन्दगी ही नहीं
इशारे भी चुप हैं ज़ुबां ख़ामोश है
सदा गुमसुम सी है तन्हा आगोश है
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे
यारा रे यारा रे
क्यों फासलों में भी तू यारा रे
........................................................
Yaara re yaara re-Roy 2015

Artists: Arjun Rampal, Ranveer Kapoor, Jacqueline Fernandez

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Jul 26, 2016

तुझ संग लगी-स्पेशल २६ २०१३

शब्दों के और बोलों के अर्थ समझना कभी कभी टेढ़ी खीर
या आडा हलवा साबित होता है. इस गीत की दो तीन पंक्तियाँ
अगर सरसरी तौर पर सुनेंगे तो समझ नहीं आएगा क्या लगी
कौन लगी, किसको लगी, क्यूँ लगी और कैसे लगी.

हम मान लेते हैं लगी को दिल्लगी, लगन लगी इत्यादि के
संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत किया गया है. गीत इरशाद कामिल का
है. इसे दर्शनवादी गीत कहा जाए या रोमांटिक?

गीत गा रहे हैं के के के संग संगीतकार एम् एम् क्रीम. फिल्म
स्पेशल २६ से लिया गया है आपको सुनाने के लिए.



गीत के बोल:

रब रूठे या जग छूटे
जां रूठे या ज़हन ये छूटे
यार मेरे ऐतबार मेरे
पर तुझ संग लगी
तुझ संग लगी
लगी  ना छूटे
तुझ संग लगी

मांग लिया है सब कुछ मैंने
मांग लिया है जब तुझको
प्यार वफ़ा का काशी काबा
मान लिया है अब तुझको
ये भी पता है सच तू ही है
लोग हैं सारे बस झूठे
यार मेरे ऐतबार मेरे

ख़ाक बना दे अब तू चाहे
पाक बना दे चाहे तू
उफ़ ना करूँगा भूले से भी
अब मैं हवाले तेरे हूँ
हो ईद सा होगा वो पल जब तू
प्यार से मेरा सब लुटे
यार मेरे ऐतबार मेरे
..............................................................
Tujh sang lagi-Special 26

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Jul 1, 2016

सोणिये–हार्टलेस २०१४

पहले के गाने मुखड़ों से पहचाने जाते थे. आज के गाने
की-वर्ड से जाने जाते हैं. ये की वर्ड कहीं भी हो सकता है
गीत में. है ना सर खपाऊ कसरत. पिछले कुछ समय में
कबीरा शब्द ३-४ गीतों में सुनने को मिला. अब कौन सा
कबीरा है ये जानने के लिए आपको गीत मजबूरन सुनना
ही पढता है.

ऐसा ही इस गीत के साथ हुआ. इसे खोजने में मैंने सोणिये
शब्द वाले ५ गीत सुन लिए.

गीत लिखा है सीमा सैनी ने और इसकी तर्ज़ बनाई है नए
संगीतकार गौरव दगांवकर ने. गायक बस पहचाने से हैं इसके
के के. उर्फ कृष्ण कुमार कुन्नथ.



गीत के बोल:

ऐ खुदा बता ज़रा मुझे क्या हुआ
पहली बार ऐसे गुमशुदा
दिल मेरा हो गया
दर-ब-दर ढूंढे उसे अब ये नज़र
मैं भी ना जानूं के किस कदर
दिल मेरा खो गया
जबसे देखा तुझे ये अरमां सभी रौशन हुये
एक बारी आbजा तू दिल मिला जा
ज़रा खुदा के लिये

सोणिये अब ये दीवाना दिल
बिन तेरे कैसे जिये
सोणिये साँसें भी चलती हैं
अब तो बस तेरे लिये
सोणिये सोणिये सोणिये


कैसी आफत है ये जो चाहत सताये
दिन रात आहें भरूँ
बिन तेरे अब तो साँसें भी ना ये भाये
तू बता दे मैं क्या करूं
चाहे जान ले ले तू दर्द दे दे तू
हम तो तेरे हुए
दुनिया भुला दूँ खुद को मिटा दूँ
मैं अब तो तेरे लिये
सोणिये अब ये दीवाना दिल
बिन तेरे कैसे जिये
सोणिये सोणिये सोणिये

तुमसे बढ़कर ना कोई है इस जहां में
सरेआम कहता हूँ मैं
दूर लोगों से दूर दुनिया जहां से
तेरे दिल में रहता हूँ मैं
खुद को मैं तुझमें आ कैद कर लूँ
निशां ना मेरा मिले
चाहे आज़मा ले अपना बना ले
मिटा दे सभी फासले
सोणिये अब ये दीवाना दिल
बिन तेरे कैसे जिये
सोणिये सोणिये सोणिये
.........................................................................
Soniye-Heartless 2014

Artists-Ahyayan Suman, Ariana Ayam

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Jun 14, 2016

वो पिया आये ना-आशिकी २ २०१३

इस ब्लॉग के बहुत से पाठक नई पीढ़ी के नौजवान भी हैं अतः
उनकी पसंद का ध्यान भी रखना पढता है. बीच बीच में हम
आपको नई फिल्म के गीत भी सुनवाते हैं. सुनते हैं आशिकी २
से एक और गीत जिसे के. के. संग तुलसी कुमार ने गाया है.

बोल एक बार फिर से इरशाद कामिल के हैं और संगीत तैयार
किया है जीत गांगुली ने. फिल्म के ज़रूरी नहीं कि सारे गीत हिट
हो जाएँ. इस गीत का फिल्मांकन अच्छा है. फिल्म का निर्देशन
मोहित सूरी ने किया है जो अभिनय के मामले में कैसे भी रहे
हों, निर्देशन उससे बेहतर करते हैं.



गीत के बोल:

तेरी ख़ता है मेरे जिया
तेरी ख़ता है मेरे जिया
उनपे भरोसा क्यूँ तूने किया

सब झूठे-झूठे वादे थे उनके
चल पीछे-पीछे आया तू जिनके
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

अब सभी उन ख़्वाबों की तू डगर छोड़ दे
अब सभी उन ख़्वाबों को खुद ही तोड़ दे
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

हर खता की होती है कोई ना कोई सज़ा
ग़म लिखे हो किस्मत में तो बन ही जाती वजह
अब सभी ग़म अश्कों में सिमट से गए
अब सभी आँसू पलकों से लिपट से गए
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

सच लगा था जो बेवजह हमको वो भरम हो गया है
भोर आने थे जिस फ़साने में वो ख़तम हो गया
भूले हम  भूले वो  कैसे सब कहें बात ये
अब चलो हम धीरे-धीरे विहल से गए
अब चलो हम जैसे भी हो संभल से गए
वो पिया आये ना
वो पिया आये ना
पिया आये ना  वो पिया आये ना

तेरी ख़ता है मेरे जिया
तेरी ख़ता है मेरे जिया
उनपे भरोसा क्यूँ तूने किया
………………………………………………………….
Wo piya aaye na-Aashiqui 2 2013

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May 17, 2016

तूने मारी एंट्रियां-गुंडे २०१४

एक मस्ती वाला गीत चार गायकों की आवाजों में. इसमें
बप्पी के अलावा विशाल दादलानी, के के और नीति मोहन
की आवाजें हैं. बोल लिखे हैं इरशाद कामिल ने जिन्होंने
अपनी वरसेटिलिटी बॉलीवुड में साबित कर दी है. इसकी
धुन बनायीं है सोहेल सेन ने.

आनंद उठायें इस गीत का. ज्यादा विवरण इसके लिए देने
की ज़रूरत नहीं है. रणवीर सिंह, अर्जुन कपूर और प्रियंका
चोपड़ा आपको गीत में नज़र आ जायेंगे.



गीत के बोल:

तूने मारी एंट्रियां रे
दिल में बजी घंटियाँ रे
तन तन तन तन तन तन तन
तूने मारी एंट्रियां रे
दिल में बजी घंटियाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन
दिल की सुन कमेंट्रियां रे
प्यार की गारंटीयाँ रे

दिल में बजी घंटियाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन
अरे ताड़ा ताड़ी करना
ना अब नहीं सुधारना
फूटने लगा है, अरे चाहतों का झरना
दिल की ना मरम्मतें हों
ना कोई वारंटीयाँ रे
टन टन टन टन टन टन टन टन

सीटी वीटी, आँखें वांखें, ना यूं मारो
फैंको ना चाहत के दाने
हाँ, मजनू-राँझे सारे झूठे हैं यहाँ पे
झूठे हैं दिल के फसाने
हो.. चाहे तो, ले ले तू
वफा की आज कसमें-वसमें
हो.. ना हूँ मैं, ना है दिल
ज़रा भी देख अपने बस में
पीछे मेरी आशिक़ों की
पूरी पूरी कंट्रीयाँ रे
मैंने मारी एंट्रियां रे...

हाँ मीठी मीठी बातें
करके आना चाहे
भीड़ से नज़दीक प्यारे
हाँ भोले पंछी तू ना समझे के मैं क्या हूँ
शोलों को समझे तू तारे
हो.. जो भी है, जैसी है
मेरी है जान मैंने माना
हो.. जो भी हो, जैसे हो
मैंने है यार तुझको पाना
सेंटी हो के बातें भी
तू कर रहा है सेंटियाँ रे
मैंने मारी एंट्रियां रे...
...........................................................................
Toone maari entriyan-Gunday 2014

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Apr 15, 2016

दिल आज कल मेरी सुनता-पुरानी जीन्स २०१४

फिल्म पुरानी जींस में पुराने जींस ढूँढने की कोशिश कर सकते
हैं आप. हम कितने भी विलायती हो जाएँ अगर अपनी जड़ों से
कभी अलग नहीं हो पाएंगे. धन्यवाद नयी पीढ़ी के निर्माता
निर्देशकों का, वे कुछ सामान देसी अवश्य छोड़ते हैं फिल्मों में
जिसे जूने पुराने दर्शक पसंद कर सकें.

प्रस्तुत गीत में “दिल हैज गोन आउट ऑफ कंट्रोल”  वाला भाव
है. दिल एक कीवर्ड ही गीतों का. जब आपको कोई शब्द न सूझ
रहा हो तो दिल शब्द का सहारा ले लें. वैसे भी सयाने कहते हैं
दिल की सुनें. गीत प्रशांत इंगोले का लिखा हुआ है जिसकी
धुन बनायीं है राम संपत ने और इसे के के ने गाया है जिनका
पूरा नाम है कृष्ण कुमार कुन्नथ. के के के गाये उम्दा गीतों में
से एक मान सकते हैं आप इसे.



गीत के बोल:

दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
दिल आज कल पास रहता नहीं
ये तुझसे ही मिलने को चाहे
ये तेरी ही करता है बातें
क्या तुम हो, क्या तुम हो वही
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं

तेरी आँखों के रस्ते ये चले जाता है
जो बुलाऊँ मैं कभी, लौट आता नहीं
बेखबर ये ज़माने से टकराता है
बेधड़क मुझसे कहता है, मैं हूँ यूँ ही
ये तुझसे ही मिल के हुआ है
जो तेरी नज़र ने छुआ है
क्या तुम हो, क्या तुम हो वही
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं

है हुनर एक नया इसको तुझसे मिला
मुस्कुरा के ये मिलता है सबसे अभी
आधी रातों में मुझको ये देता उठा
मुझसे पूछे ये रातें क्यूं कटते नहीं
ये तुझसे ही मिलने को चाहे
ये तेरी ही करता है बातें
क्या तुम हो, क्या तुम हो वही

दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
ये तुझसे ही मिलने को चाहे
ये तेरी ही करता है बातें
क्या तुम हो, क्या तुम हो वही
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
दिल आज कल मेरी सुनता नहीं
.................................................................
Dil aaj kal meri suntan nahin-Purani Jeans 2014

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Feb 14, 2016

दस बहाने करके ले गया दिल-दस २००५

२००० के बाद ‘दस’ नाम से दो चीज़ें देखने को मिली-एक तो
Wolkswagen जिसे फोक्सवैगन कहा जाता है, के शोरूम के आगे
लिखा-Das Auto-जिसे ‘दस ऑटो’ बोला जाता है, दूसरी चीज़ है
दस नाम की फिल्म जो सन २००५ में अवतरित हुयी. इससे
पहले तक ‘दस’ शब्द केवल गिनती  में सुनाई देता था. हालाँकि
इस फिल्म का अंग्रेजी में नाम लिखा जाता है- DUS.

आज आपको फिल्म दस से एक गीत सुनवाते हैं जिसका मुखडा
ही दस शब्द से शुरू होता है. पंछी जालौनवी ने इस गीत को लिखा
है. इनका नाम मैंने इस गीत से पहले नहीं सुना था. इन्होने फिल्म
के लिए ढेर सारे गीत लिखे हैं. हाँ, फिल्म में संगीतकार केवल
विशाल-शेखर हैं. गीत गाया है शान और के के ने.

फिल्म में ढेर सारे हीरो-हीरोईनें हैं. मल्टी-स्टारर फ़िल्में देखने वालों
के लिए तोहफा है ये फिल्म.



गीत के बोल:

हियर नाऊ हियर नाऊ
एवरीबडी पुट यौर हैंड्स अप इन द एयर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
से हियर नाऊ हियर नाऊ
उसकी आँखों में बातें, बातों में जादू
जादू में खो गये हम, हो गये बेकाबू
आई लुक्ड एट यू यू लुक्ड एट मी
और हो गयी मुश्किल
एंड यू बिकेम माई डेस्टिनी, तू ही मेरी मंजिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

ये दिल तो पहले ऐसा नहीं था
किसने बहकाया ऐसा सपना दिखाया
क्यूँ ये आँखें मेरी देखें उसी को
सोचे बिना ही उसे अपना बनाया क्यूँ
जीना तो मरने से अब है कहीं मुश्किल
खुद को जो खोया तो, वो हो गया हासिल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल

किसने किसी को हँस के बुलाया
बातें बना के कोई जादू सा चलाया था
बस देखा देखी दिल से हुई थी
दुनिया भुला के कोई ऐसे दिल पे छाया था
किसके बिना क्या होगा ये कह सके ना दिल
खुद को ये समझना अब हो गया मुश्किल
दस बहाने कर के ले गये दिल, ले गये दिल
.............................................................................
Das bahane kar ke le-Dus 2005

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Feb 5, 2016

बर्दाश्त नहीं कर सकता-हमराज़ २००२

एक थी सुनील दत्त, राज कुमार, विम्मी वाली हमराज़ जिसके गीत
बेहद लोकप्रिय हुए थे. एक आई सन २००२ की हमराज़ बॉबी देवल, 
अक्षय खन्ना, अमीषा पटेल अभिनीत, जो कि अब्बा-मस्तान द्वारा
निर्देशित थ्रिलर एक फिल्म है. गीतों के बोल सुधाकर शर्मा ने लिखे
हैं और रेशम सा मुलायम संगीत दिया है हिमेश रेशमिया ने. हिमेश
का संगीत कर्णप्रिय है इस फिल्म में.

प्रस्तुत गीत एक युगल गीत है सुनिधि और के के का गाया हुआ.
वाह, क्या जुगलबंदी है ऊंचे सुरों पर गाने वालों की.



गीत के बोल:


बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
तेरे बिन
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
तेरे बिन
ये इश्क विश्क तो यार बड़ा ही कमाल ये पैदा करता है लाखों सवाल
ये इश्क विश्क तो यार बड़ा ही कमाल ये पैदा करता है लाखों सवाल
कहीं ख्वाब ये दिखता है कहीं दर्द ये जगाता है
ये मुश्किलें बढ़ाता है जन्नत भी ये दिखलाता है
जन्नत से दूर जाए कहाँ जाए कहाँ जाए कहाँ
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
तेरे बिन
जो न हो आरजू तो आशिकी है क्या जो सनम मिले तो जिंदगी है क्या
जो न हो आरजू तो आशिकी है क्या जो सनम मिले तो जिंदगी है क्या
ये आशिकी लुभाती है लेकिन बड़ा सताती है
नजदीकियां लाती है कभी दूरियां बढाती है
मिट जाने दो ये दूरियां ये दूरियां ये दूरियां

बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
बर्दाश्त नहीं कर सकता अब दूर नहीं रह सकता एक दिन
तेरे बिन
.............................................................................
Bardasht nahin kar sakta-Humraaz 2002

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Jun 17, 2015

आवारापन बंजारापन-जिस्म २००३

फिल्म जिस्म का यह गीत मुझे प्रथम बार फिल्म देखते वक्त
ही सुनाई दिया था. एक शब्द ने मुझे आकर्षित किया-खला.
इसका प्रयोग बहुत कम होता है और हुआ है इसलिए ये कुछ
नया सा लगा. इस शब्द का अर्थ है-जगह. यहाँ दूसरे अर्थ
शून्य या खालीपन शायद मतलब के नहीं हैं.

एक और वजह है इस गीत को ध्यान से सुनने की. गायक
कृष्ण कुमार कुन्नथ उर्फ के के से इस गीत को आरामदायक
स्केल पर गवाया गया है. अधिकांश गीतों में वे ऊंची पट्टी की
सीमायें तोड़ने को आतुर सुनाई देते हैं. ये सब संगीतकारों की
माया ही तो है, किस से क्या करवा लें, गवा लें.

संगीतकार एम् एम् क्रीम ने एक बढ़िया धुन बनाई है. गीत के
बोल सईद कादरी के हैं.




गीत के बोल:

आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में
आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में
हरदम हर पल बेचैनी है कौन बला है सीने में
इस धरती पर जिस पल सूरज रोज सवेरे उगता है
इस धरती पर जिस पल सूरज रोज सवेरे उगता है
अपने लिए तो ठीक उसी पल रोज़ ढला है सीने में
आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में

जाने यह कैसी आग लगी है इस में धुँआ ना चिंगारी
जाने यह कैसी आग लगी है इस में धुँआ ना चिंगारी
हो ना हो इस बार कहीँ कोई ख़्वाब जला है सीने में
आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में


जिस रस्ते पर तपता सूरज सारी रात नहीं ढलता
जिस रस्ते पर तपता सूरज सारी रात नहीं ढलता
इश्क कि ऎसी राहगुज़र को हमने चुना है सीने में
आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में

कहाँ किस के लिए है मुमकिन सब के लिए एक सा होना
कहाँ किस के लिए है मुमकिन सब के लिए एक सा होना
थोडा सा दिल मेरा बुरा है थोडा भला है सीने में
आवारापन बंजारापन एक खला है सीने में
......................................................
Awarapan Banjarapan-Jism 2003

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Jun 11, 2015

मैं वहाँ जहाँ पे तू है ओ जाना-राज़ २ २००९

आज आपको सुनवाते हैं राज़ २ फिल्म से एक गीत. ये गीत
ऊंचे सुर वाले गायक के के ने गाया है.

फिल्मस्टार इमरान हाशमी को सीरियल किसर कहा जाता है.
ये सुन कर उनको कैसा लगता है मालूम नहीं मगर कई
दर्शकों को ईर्ष्या अवश्य होती है उनकी किस्मत पर. शायद
फिल्म उद्योग के कुछ नायक भी ईर्ष्या के शिकार हों. कुछ
लोगों को ये शिकायत हो सकती है कि उन्हें इमरान जैसे रोल
क्यूँ नहीं मिले. ये ज़रूर है उनके परिवार वाले उनकी इस तरह
के प्रसिद्धि से खुश नहीं हैं. लेकिन, दर्शक उन्हें इसी रूप में
देखना चाहते हैं. वे नहीं होते तो कोई और होता. आज की पीढ़ी
के कई कलाकार उनके पद-चिन्हों पर चल पढ़े हैं.

ये तो समय की बात है. कुछ बॉलीवुड बोल्ड हो चला है और
कुछ हमारे देश का कल्चर. कभी कभी तो ऐसा प्रतीत होता
है ये कल्चर मानो खच्चर का भाई हो. सिम्बलिक है. खच्चर
बीच की प्रजाति का होता है-ना गधा ना घोडा.

राजनीति के साथ साथ कल्चर भी संक्रमण काल के दौर से
गुजर रहा है. वाइरल इन्फेक्शन की तरह ये अपने चरम पर
पहुंचेगा उसके बाद ही कुछ सुधार के लक्षण दिखलाई देना
प्रारंभ होंगे.

गीत कंगना रानावत और इमरान हाशमी पर फिल्माया गया
है. इसे सईद कादरी ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है
राजू सिंह ने. फिल्म के संगीत विभाग में पांच संगीतकारों
ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है.





गीत के बोल:

मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है ओ जाना
हर वक्त तू ही तू है हर सितम तू ही तू है ओ जाना
तू साथ मेरे हमदम चाहे कहीं भी हो ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है ओ जाना

दिन रात सोचता हूँ तुझे इतना प्यार मैं दूं
जो कभी उतर ना पाए तुझे वो खुमार दूं
मुझे ऐसा तू मिला है जैसे कि कोई दुआ है
तुझपे कोई आंच आये तो मैं खुद को भी जला लूं

हर दिन मुझी में तू है हर शब् बुझी में तू है
हर दिन मुझी में तू है हर शब् बुझी में तू है ओ जाना
मैं वहाँ जहाँ पे तू है मेरा इश्क तो जूनून है
ओ जाना ओ जाना

हर पल तुझे सम्भालूँ तेरे सारे गम उठा लूं
मेरा दिल तो यही चाहे तुझे रूह में सजा लूं
तेरा अक्स नूर सा है तू एक सुरूर सा है
दिलकश तेरी अदा का हर लम्हा मैं चुरा लूं
हर दम खुदी में तू है मेरी बेखुदी में तू है
हर दम खुदी में तू है मेरी बेखुदी में तू है
ओ जाना ओ जाना
ओ जाना ओ जाना
....................................................................
Main wahan jahan pe too hai-Raaz 2 2009

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Apr 30, 2015

लबों को लबों पे सजाओ-भूल भुलैया २००७

फिल्म भूल भुलैया से अगली भूल भुलैया, मेरा मतलब है
अगला गीत पेश है. लबों को लबों पर सजाओ-खूबसूरत सा
ख्याल है. इससे पहले हमने आस्था फिल्म के गीत में लबों
को चूमने की बात सुनी थी. दशकों से हिंदी फ़िल्मी गीतों
में लब कांपते रहे, थरथराते रहे, मुस्कुराते रहे, चूमते रहे,
लिपस्टिक लगाते रहे, चमकते रहे और चमकाते रहे.

गीतकार समीर ने मुखडा ध्यान आकृष्ट करने वाला लिखा है.
उसके बाद तो आजकल के गीतों वाला रूटीन का सामान है.
गायकी आतिफ असलम ब्रांड है. गायक के. के. हैं और शायद
उनका गाना गाने का ये अंदाज़ संगीतकार की वजह से है.
गायक वही गाता है जैसा उससे संगीतकार गवाना चाहता है.

रोमांटिक गीत है और नायक के चेहरे पर ऐसे भाव हैं मानो
उसको वायु विकार हो. वो तो नायिका की बदौलत गीत थोडा
देखने लायक बन पड़ा है.  प्रियदर्शन को फिल्म के दृश्यों में
लाईट इफेक्ट में प्रयोग का बहुत शौक है. इस गीत में कम से
कम एक बात बढ़िया है वो ये कि-सफ़ेद चीज़ें भी रोमांटिक हो
सकती हैं-का सन्देश दिया गया है. तिश्नगी शब्द का सीधा अर्थ
है-प्यास. पानी वाली प्यास नहीं बल्कि प्यार की प्यास.

ये पोस्ट विशेष रूप से सोये हुए मित्रों के लिए है.
   

   


गीत के बोल:


लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ
लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ

तोड़ दो खुद को तुम
बाहों में मेरी
बाहों में मेरी 
बाहों में मेरी   बाहों में
बाहों में मेरी 
बाहों में मेरी 
बाहों में मेरी  बाहों में

तेरे एहसासों में
भीगे लम्हातों में 
मुझको डूबा तिश्नगी सी है
तेरी अदाओं से दिलकश खताओं से
इन लम्हों में जिन्दगी सी है
हया को ज़रा भूल जाओ
मेरी ही तरह पेश आओ
खो भी दो खुद को तुम
रातों में मेरी
रातों में मेरी
रातों में मेरी रातों में

लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ

तेरे जज्बातों में
महकी सी साँसों में
ये जो महक संदली सी है
दिल की पनाहों में
बिखरी सी आहों में 
सोने कि ख्वाहिश जगी सी है
चेहरे से चेहरा छुपाओ
सीने की धडकन सुनाओ
देख लो खुद को तुम
आँखों में मेरी
आँखों में मेरी
आँखों में मेरी
आँखों में

लबों को लबों पे सजाओ
क्या हो तुम मुझे अब बताओ
................................................
Labon ko labon pe sajao-Bhool bhulaiya 2007

Artist:  Shiney Ahuja, Vidya Balan,

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Mar 30, 2015

अल्लाह हाफ़िज़- भूल भुलैया २००७

आज आपको सुनवा रहे हैं समीर का लिखा हुआ एक बेहतर
गीत फिल्म भूल भुलैया से. इसे के. के. ने गाया है. ऊंची
पट्टी की गायकी वाले युग के सूत्रधारों में से एक के. के.
अपनी अलग पहचान बनाये रखने में कामयाब हुए हैं कुछ
हद तक. इस युग में जहाँ असल और नक़ल के बीच फर्क
कर पाना कठिन है, अपनी मांग बनाये रखना प्रशंसनीय
कार्य है.

कुछ भी हो, मुखडा सुन के फिल्म सीता और गीता का गीत
याद आता है- ओ साथी चल. सीता और गीता में पंचम
का संगीत है और गायक के. के. पंचम के संगीत के दीवाने
हैं.




गीत के बोल:

ओ राही चल ओ राही चल
ओ राही चल ओ राही चल
जिंदगी का सफर अजनबी अजनबी
साँसों की रहगुज़र अजनबी
न तुझे है खबर न मुझे है खबर
चल रहे मगर हम अजनबी
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़  कह रहा हर पल
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़  कह रहा हर पल

ओ राही चल ओ राही चल
चलते जाना है ओ राही चलते जाना है
चलते जाना है जिंदगी
चलते जाना है ओ राही चलते
जाना है रास्ते हों भले अजनबी
हर नज़ारा हर इशारा नया नया है
कौन जाने हा सवेरा कहाँ
जरा जरा लम्हा लम्हा नया है
कौन जाने है बसेरा कहाँ
हर शहर हर डगर अजनबी अजनबी
हर निशां हर पहर अजनबी
न तुझे है खबर न मुझे है खबर
चल रहे मगर हम अजनबी
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़ कह रहा हर पल
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़  कह रहा हर पल

ओ राही चल ओ राही चल
धुप छाया मौज दरिया जुदा जुदा हैं
कौन जाने है किनारे कहाँ
सारे मौसम सारे अल्ल्हम जुदा जुदा हैं
कौन जाने है गुज़ारा कहाँ
हर घडी हर डगर है अजनबी
हर पहर है हर लहर अजनबी
न तुझे है खबर न मुझे है खबर
चल रहे मगर हम अजनबी
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़ कह रहा हर पल
अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़, अल्लाह हाफ़िज़
अल्लाह हाफ़िज़  कह रहा हर पल
..............................................................
Allah Hafiz-Bhool Bhulaiya 2007

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Feb 7, 2015

कभी आईने पे लिखा तुझे- हेट स्टोरी २ २०१४

हमें बात की थी ऊंची पट्टी पर गाने वाले और एक जैसे
सुनाई देने वाले गायकों की. उसके साथ ही ये भी चर्चा की
थी-मूल हमेशा बढ़िया सुनाई देता है. आज एक गीत सुनते
हैं ऊंची पट्टी पर गाने वालों की पहली पीढ़ी के गायक का.
इनका नाम है कृष्णकुमार कुन्नथ जिन्हें हम के. के. के नाम
से जानते हैं. इनकी आवाज़ हमेश दूसरों से अलग रही क्यूंकि
इन्हें आवाज़ बना के गाने की ज़रूरत नहीं पढ़ती. इनकी
आवाज़ की अलबत्ता बहुत से नए गायक नक़ल करते सुनाई
देते हैं. इस चक्कर में ओरिजनल गायक यानि इन्हें गीत कम
मिलते हैं गाने को ये बहुत अफसोसजनक बात है.

इतनी भीड़ होने के बावजूद वो इस गाने के ज़रिये अपनी
उपस्थिति का अहसास करा चुके हैं. तनवीर गाजी के बोलों को
सुरों में ढाला है राशिद खान ने. फिल्म का नाम है हेट स्टोरी २.
ये २०१४ की फिल्म है. फिल्म में जय भानुशाली और सुरवीन
चावला प्रमुख भूमिकाओं में हैं.




गीत के बोल:

कभी आईने पे लिखा तुझे
कभी आँसुओं से मिटा दिया
कभी खत समझ के पढ़ा तुझे
कभी डायरी में छुपा दिया
एक पल भी तू मुझसे होता नहीं है जुदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...

तेरी तमन्ना आँखो में ले के
परछाइयों का पीछा किया हाँ
हर अजनबी से तेरा पता मैं
दीवानों की तरह (मैं) पूछा किया
तुझ बिन यूं लगता है, दिल है कहीं गुमशुदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...

तू ये ना जाने, कैसे तेरे बिन
रोया है पल पल ये दिल मेरा हाँ
आँसूं किसी ने पोंछे ना मेरे
तो याद आया आंचल तेरा
तन्हाई में अक्सर सुनता हूँ तेरी सदा
ऐ खुदा, ऐ खुदा...
...................................................
Kabhi Aayine Pe Likha Tujhe-Hate Story 2

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Jun 1, 2014

जब भी कोई हसीना देखूं-हेरा फेरी २०००

अक्षय कुमार का एक नृत्य वाला गीत. फिल्म का नाम
है हेरा फेरी. ये सन २००० की फिल्म है. छोटे नाम होते
हैं तो पोस्ट के टैग बनाने में आसानी होती है. गीत के
बोल ज़रूर थोडा मुश्किल होते हैं जब ज़रूरत से ज्यादा
छनन छन और छम छमा छम होती है उसमें. गीत के
बोल हैं –दिल के तार बजे बार बार. इसको सुनते सुनते
आखिरी में छन छन और छम छम के अलावा कुछ और
सुनाई देना बंद हो जाता है. एक ऐसा गीत है जिसमें
आपको देखने के लिए इतना कुछ है, बोलों पर ध्यान
देने की आवश्यकता नहीं महसूस होगी.



गीत के बोल:


जब भी कोई हसीना देखूं
मेरे दिल के तार बजें बार बार
मेरे दिल के तार बजें बार बार
छनन छन छनन,  छनन छन छनन
छनन छन छनन छम छमा छम
छनन छन छनन, छनन छन छनन
छनन छनछनन छम छमा छम
जब भी कोई हसीना देखूं मेरे दिल के तार बजें बार बार
मेरे दिल के तार बजें बार बार
छनन छन छनन , छनन छन छनन
छनन छन छनन छम छमा छम
छनन छन छनन , छनन छन छनन
छनन छन छनन छम छमा छम

छनन छन छनन , छनन छन छनन
छनन छनछननछम छमा छम
मरती हैं मुझपे कुडियां ये सारी
कुछ तो है बात मुझ में कसम से
क्या कहना मेरा मैं और कहूँ क्या
जो पूछना है पूछो सनम से
जब भी कोई हसीना देखूं
मेरे दिल के तार बजें बार बार
मेरे दिल के तार बजें बार बार
छनन छन छनन  छनन छन छनन
छनन छन छनन  छनन छन छनन
छनन छन छनन  छनन छन छनन
छनन छन छनन  छनन छन छनन
छनन छन छनन  छनन छन छनन
छनन छन छनन छन छम छमा छम
क्यूँ मेरे पीछे आतीं है ये सब
मैं भागता हूँ इन सब से बच के
दिल इनका लेता हूँ दिल इनको देता हूँ
धीरे से चोरी से और थोडा हंस के
जब भी कोई हसीना देखूं
मेरे दिल के तार बजें बार बार
मेरे दिल के तार बजें बार बार
छनन छन छनन छनन छन छनन
छनन छन छनन छनन छन छनन
छनन छन छनन छनन छन छनन

……………………………………………………………
Jab bhi koyi hasina dekhoon-Hera Pheri 2000

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