हर एक जीवन है एक कहानी-बेजुबान १९८२
इसके गीत काफी लोगों को सुनने को मिले। आइये सुना जाए
एक कम सुना हुआ गीत जो रीना राय पर फिल्माया गया है ।
हिंदी फिल्मों में सोते हुए बच्चे को कहानी सुनाना एक फार्मूला
है जो इस फिल्म में भी आज़माया गया है। हालाँकि ये कहानी
बच्चे के लिए बाउंसर साबित हो सकती है। उम्मीद है पहले
अंतरे के बाद बच्चा सो गया होगा।
गीत की विशेषता है इसका एनीमेशन । नायिका इस गीत के
माध्यम से अपनी बीती व्यथा उजागर कर रही है । प्रस्तुत गीत
रवीन्द्र रावल का लिखा हुआ है जिसकी तर्ज़ बनाई है
राम-लक्षमण ने।
गीत के बोल:
हर एक जीवन है एक कहानी
पर ये सच्चाई सबने ना जानी
हर एक जीवन है एक कहानी
पर ये सच्चाई सबने ना जानी
जो पाना है वो खोना है
एक पल हँसना पल रोना है
हर एक जीवन है एक कहानी
पर ये सच्चाई सबने ना जानी
इक निर्धन की इक बिटिया थी
इनकी छोटी सी दुनिया थी
दिन बीत चले बीता बचपन
उस गुड़िया पे आया यौवन
यौवन की मस्ती में
उसको राह भुला दी
पग फिसल गया
वो चीख पड़ी
ऊँचाई से खाई में गिरी
मुरझा गई वो फूलों की डाली
पर ये सच्चाई सबने ना जानी
एक शाहजादा आ पहुंचा वहां
तब जा के बची लड़की की जान
उसे बाहों में ले प्यार दिया
सिंगार दिया घर बार दिया
सपनों की बगिया में
प्यारा फूल खिला था
फिर पल भर में बदली छाई
बरखा बिजुरी आंधी लायी
पल पल दुआएं मांगे दीवानी
पर ये सच्चाई सबने ना जानी
जग के मालिक मेरी है खता
मेरे आपने क्यूँ खाएं सजा
अपने राम से मैं कहूं कैसे बता
झूठा हूँ बेर मैं शबरी का
मुझको तू कोई अब ऐसी राह दिखा दे
ऐसी राह दिखा दे
मेरी माता पे इलज़ाम ना हो
सिन्दूर मेरा बदनाम ना हो
समझे कोई मेरी बेज़ुबानी
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Har ek jeevan hai-Bezubaan 1982
Artist: Reena Roy,

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