शिरडी वाले साईंबाबा- अमर अकबर एन्थोनी १९७७
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आपके लिए विशेष तौर पर एक गीत पेश है जो मुझे बेहद
पसंद है और उम्मीद है आपको भी पसंद आएगा. गीत है
फिल्म अमर अकबर एन्थोनी से जो दरअसल एक कव्वाली है.
गीत के बोल:
जमाने में कहाँ टूटी हुई तस्वीर बनती है
तेरी दरबार में बिगड़ी हुई तकदीर बनती है
तारीफ़ तेरी निकली है दिल से
आई है लब पे बन के कव्वाली
शिरडी वाले साईंबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली
लब पे दुआयें, आँखों में आँसू, दिल में उम्मीदें,
पर झोली खाली
ओ मेरी साईं देवा, तेरे सब नाम लेवा
जुदा इन्सान सारे, सभी तुझको हैं प्यारे
सुने फ़रियाद सबकी, तुझे है याद सबकी
बड़ा या कोई छोटा, नहीं मायूस लौटा
अमीरों का सहारा, गरीबों का गुज़ारा
तेरी रहमत का किस्सा बयान, अकबर करे क्या
दो दिन की दुनियाँ, दुनियाँ है गुलशन
सब फूल काँटे, तू सब का माली
खुदा की शान तुझमें, दिखे भगवान तुझमें
तुझे सब मानते है, तेरा घर जानते है
चले आते है दौड़े, जो खुशकिस्मत है थोड़ें
ये हर राही की मंजिल, ये हर कश्ती का साहिल
जिसे सबने निकाला, उसे तूने संभाला
तू बिछड़ों को मिलाए, बुझे दीपक जलाए
ये ग़म की रातें, रातें ये काली
इनको बना दे, ईद और दीवाली
शिरडी वाले साईंबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली
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Shirdi Waale Saibaba-Amar Akbar Anthony 1977
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