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Aug 2, 2017

हमको तुमसे हो गया है प्यार-अमर अकबर ऐंथनी १९७७

अमिताभ की और मिथुन की वे फ़िल्में ज्यादा चलीं जिनमें
नायक गरीब तबके का है. ऐसा मेरा अनुमान है. क्रिटिकली
ऐक्लैम करवाने वालों के विचार भिन्न हो सकते हैं और
होना भी चाहिए. उन्हें समीक्षा लिखने के पैसे जो मिलते हैं.

फ़िल्में सपनों की दुनिया में पहुंचा देती हैं. भले ही थोड़ी
देर को सही खुशनुमा एहसास करवा देती हैं. परदे पर आप
वो सब देख सकते हैं जिनकी आप केवल कल्पना कर
सकते हैं. थोड़ी देर के लिए नायक की जगह अपने आप
को दिमागी रूप से फिट कर लीजिए और लीजिए आनंद.

सुनते हैं फिल्म अमर अकबर ऐंथनी से एक रोमांटिक गीत
जिसमें चार गायक कलाकारों ने अपनी अपनी प्रतिभा का
प्रदर्शन किया है क्यूंकि इसे चार लोगों पर फिल्माया गया
है. आनंद बक्षी का गीत है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.



गीत के बोल:

देख के तुमको दिल डोला है
गॉड प्रोमीस हम सच बोला है
ओ हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें

कभी बोलूँ मैं कभी बोले तू आई लव यू लव यू
लव यू लव यू लव यू लव यू

मैंने तुमपे तुमने मुझपे कर दिया जादू
आई लव यू लव यू लव यू लव यू
अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
राज़ ये हमने अब खोला है
गॉड प्रोमीस हम सच बोला है
ओ हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें

हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें

तेरे संग जीवन की डोर बँधी है
चुप चुप संग डोलूं कैसे मैं ये बोलूं
तेरे संग जीवन की डोर बँधी है
मैं सपनों का सागर तू प्रेम-नदी है
अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
चाँद-चकोरी ज्यूँ दुनिया में
राम क़सम तू रहे जिया में
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें

दिल में दिलबर तू रहता है
ख़ुदा ग़वाह हम सच कहता है
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें

एक तो अकबर का कलाम
उसमें शामिल तेरा नाम
दो लफ़्ज़ों में करता हूँ
मुख़्तसर किस्सा तमाम
मैं शायर हूँ मेरा है वास्ता हसीनों से
तेरी फुरकत में मैं सोया नहीं महीनों से
नहीं करते ये बातें परदानशीनों से
सर-ए-बाज़ार छोड़ो छेड़ महज़बीनों से
हे अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
अब तक छुपाए रखा शोला दबाए रखा
हुस्न हमेशा रूठा रहता है
ख़ुदा ग़वाह हम सच कहता है
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
बोलो तो जिएँ बोलो तो मर जाएँ
हमको तुमसे हो गया है प्यार क्या करें
………………………………………………
Hamko tumse ho gaya hai pyar-Amar Akbar Anthony 1977

Artists: Amitabh, Vinod, Rishi, Neetu, Shabana, Parveen

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Apr 10, 2017

अनहोनी को होनी कर दे-अमर अकबर एन्थनी १९७७

हिंदी सिनेमा इतिहास की सबसे सफल बहुसितारा फिल्मों
में से एक है अमिताभ, विनोद खन्ना और ऋषि कपूर
अभिनीत फिल्म अमर अकबर एन्थनी. इस फिल्म में
तीन हीरोईनें भी हैं-परवीन बाबी, शबाना आज़मी और
नीतू सिंह.

मनमोहन देसाई ने काफी बहुसितारा फ़िल्में बनाईं जिनमें
से एक नसीब भी है. एक समय अमिताभ को ले फ़िल्में
बनाने वालों में मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा प्रमुख
थे. ये सत्तर और ८० के दशक का दौर था.

सुनते हैं फिल्म से शीर्षक गीत जिसे किशोर कुमार के
साथ महेंद्र कपूर और शैलेन्द्र सिंह ने गाया है. आनंद बक्षी
का गीत है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.



गीत के बोल:

अनहोनी को होनी कर दे  होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
अनहोनी को होनी कर दे  होनी को अनहोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी

एक एक से भले  दो दो से भले तीन
दूल्हा दुल्हन साथ नहीं  बाजा है बारात नहीं
कुछ डरने की बात नहीं
ये मिलन की रैना है  कोई ग़म की रात नहीं
यारों हँसो बना रखी है क्यूँ ये सूरत रोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी

एक एक से भले  दो दो से भले तीन
शम्मा के परवानों को इस घर के मेहमानों को
पहचानो अनजानों को
कैसे बात मतलब की समझाऊँ दीवानों को
सपन सलोने ले के आई है ये रात सलोनी
एक जगह जब जमा हों तीनों
अमर अकबर एन्थनी
……………………………………………….
Anhoni ko honi kar den-Amar Akbar Anthony

Artists: Amitabh Bachchan, Vinod Khanna, Rishi Kapoor

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Apr 20, 2015

शिरडी वाले साईंबाबा- अमर अकबर एन्थोनी १९७७

आज बहुत दिनों के बाद एक दिन में पाठक संख्या १००० से
ऊपर पहुंची है. कुल संख्या लिखने तक हुई ११७५ . सभी
पाठकों का धन्यवाद. उनके स्नेह और सहयोग का कद्रदान हूँ
और रहूँगा. गूगल की ब्लॉगर सेवा का तहे-दिल शुक्रिया जिसने
हम जैसे फक्कड़ों को मुफ्त स्थान उपलब्ध करा रखा है अपने
विचार साझा करने के लिए.

आपके लिए विशेष तौर पर एक गीत पेश है जो मुझे बेहद
पसंद है और उम्मीद है आपको भी पसंद आएगा. गीत है
फिल्म अमर अकबर एन्थोनी से जो दरअसल एक कव्वाली है.




गीत के बोल:

जमाने में कहाँ टूटी हुई तस्वीर बनती है
तेरी दरबार में बिगड़ी हुई तकदीर बनती है

तारीफ़ तेरी निकली है दिल से
आई है लब पे बन के कव्वाली

शिरडी वाले साईंबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली
लब पे दुआयें, आँखों में आँसू, दिल में उम्मीदें,
पर झोली खाली

ओ मेरी साईं देवा, तेरे सब नाम लेवा
जुदा इन्सान सारे, सभी तुझको हैं प्यारे
सुने फ़रियाद सबकी, तुझे है याद सबकी
बड़ा या कोई छोटा, नहीं मायूस लौटा
अमीरों का सहारा, गरीबों का गुज़ारा
तेरी रहमत का किस्सा बयान, अकबर करे क्या
दो दिन की दुनियाँ, दुनियाँ है गुलशन
सब फूल काँटे, तू सब का माली

खुदा की शान तुझमें, दिखे भगवान तुझमें
तुझे सब मानते है, तेरा घर जानते है
चले आते है दौड़े, जो खुशकिस्मत है थोड़ें
ये हर राही की मंजिल, ये हर कश्ती का साहिल
जिसे सबने निकाला, उसे तूने संभाला
तू बिछड़ों को मिलाए, बुझे दीपक जलाए
ये ग़म की रातें, रातें ये काली
इनको बना दे, ईद और दीवाली

शिरडी वाले साईंबाबा, आया है तेरे दर पे सवाली
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Shirdi Waale Saibaba-Amar Akbar Anthony 1977

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