आपके अनुरोध पे मैं ये गीत-अनुरोध १९७७
निभाई उनमें से एक है-अनुरोध. इस फिल्म के किशोर के
गाये गीत बेहद लोकप्रिय हुए, विशेषकर “आते जाते खूबसूरत”
और “आपके अनुरोध पे”. आज आपको इस फिल्म का शीर्षक
गीत सुनवाते हैं.
कहते हैं किशोर कुमार की प्रतिभा का सबसे ज्यादा दोहन किया
बर्मन जूनियर ने. ये बर्मन भक्तों के नज़रिए से देखा जाने वाला
सत्य है. लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने भी किशोर से कई गीत गवाए
और वे बेहद लोकप्रिय रहे. उसके अलावा कल्याणजी आनंदजी ने
भी किशोर कुमार से ऐसे गीत गवाए जो लोकप्रिय हुए.
सुनने में अच्छा और लोकप्रिय होना दोनों अलग बातें हो सकती
हैं और नहीं भी. पसंद अपनी अपनी ख्याल अपना अपना. वैसे
एक बात तय है लोकप्रिय वो-जो ज्यादा बजे. और बजेगा तभी
जब लोग उसे ज्यादा सुनेंगे. हर संगीतकार की शैली अलग होती
है और आप किसी संगीतकार विशेष के १००-२०० गीत सुन लें तो
आपको उसकी विशेषताएं पहचान में आनी शुरू हो जायेगी.
प्रस्तुत गीत आनंद बक्षी की लेखनी से निकला है और इसे परदे
पर राजेश खन्ना ही गा रहे हैं.
गीत के बोल:
आप के अनुरोध पर मैं ये गीत सुनाता हूँ
अपने दिल की बातों से आप का दिल बहलाता हूँ
आप के अनुरोध पर मैं ये गीत सुनाता हूँ
मत पूछो औरों के दुःख में ये प्रेम कवि क्यों रोता है
बस चोट किसी को लगती है और दर्द किसी को होता है
दूर कहीं कोइ दर्पण टूटे तड़प के मैं रह जाता हूँ
आप के अनुरोध पर मैं ये गीत सुनाता हूँ
तारीफ़ मैं जिसकी करता हूँ क्या रूप है वो क्या खुशबू है
कुछ बात नहीं ऐसी कोई ये एक सुरों का जादू है
कोयल की एक कूक से सबके दिल में हूक़ उठाता हूँ
आप के अनुरोध पर मैं ये गीत सुनाता हूँ
मैं पहने फिरता हूँ जो वो ज़ंजीरें कैसे बनती हैं
ये भेद बता दूँ गीतों में तसवीरें कैसे बनती हैं
सुन्दर होंठों की लाली से मैं रंग रूप चुराता हूँ
आप के अनुरोध पर मैं ये गीत सुनाता हूँ
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Aapke anurodh pe-Anurodh 1977

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