मेरे दिल में आज क्या है-दाग १९७३
कई लोकप्रिय गीत गवाए या यूँ कहें जो गीत गवाए वे बेहद
लोकप्रिय हुए. आज आपको एक और लोकप्रिय गीत सुनवा
रहे हैं जो किशोर का गाया और लक्ष्मी प्यारे का संगीतबद्ध
किया हुआ है. ये है फिल्म दाग से. फिल्म के गीत साहिर
साहब के लिखे हुए हैं. साहिर के गीत हैं तो आला दर्जे के
होंगे ही, ऐसा हम मानते हैं. गौरतलब है चोपड़ा बंधु बी. आर.
और यश साहिर के साथ लंबे समय से जुड़े रहे और ये एक
वजह है फिल्म में साहिर के गीत होना. यश चोपड़ा ने फिल्म
'कभी कभी' के लिए भी साहिर से ही गीत लिखवाए. फिल्म
जंजीर जिसमें आर डी बर्मन का संगीत है उसमें भी साहिर के
लिखे हुए गीत हैं.
लक्ष्मी प्यारे ने मजरूह सुल्तानपुरी के साथ काफी काम किया
शुरूआती दौर में. उनके स्थापित होने में ये भी एक बड़ा कारक
रहा है. गीत की क्वालिटी भी मायने रखती है. आप केवल
खटिया पटिया, चोली-गोली गीतों से अपनी गाडी दूर तक
नहीं ले जा सकते. उत्तम कोटि के गीतकारों की सेवाएं अपने
आप में आशीर्वाद से कम नहीं होतीं. बाद के दौर में उनके
लिए कमान संभाली आनंद बक्षी ने जिन्होंने सभी तरह के
गीत लिखे लक्ष्मी प्यारे के लिए. आनंद बक्षी ने भी कई आला
दर्जे के गीत लिखे उनके लिए.
गीत के बोल:
मेरे दिल में आज क्या है, तू कहे तो मैं बता दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर सवारूँ, तेरी मांग फिर सजा दूँ
मेरे दिल में आज क्या है, तू कहे तो मैं बता दूँ
मुझे देवता बनाकर, तेरी चाहतों ने पूजा
मेरा प्यार कह रहा है, मैं तुझे खुदा बना दूँ
मेरे दिल में आज क्या है, तू कहे तो मैं बता दूँ
कोई ढूंढने भी आये, तो हमे ना ढूंढ पाए
तू मुझे कहीं छूपा दे, मैं तुझे कही छूपा दूँ
मेरे दिल में आज क्या है, तू कहे तो मैं बता दूँ
मेरे बाजुओं में आकर तेरा दर्द चैन पाए
तेरे गेसुओं में छूपकर, मैं जहां के गम भूला दूँ
मेरे दिल में आज क्या है, तू कहे तो मैं बता दूँ
तेरी ज़ुल्फ़ फिर सवारूँ, तेरी मांग फिर सजा दूँ
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Mere dil mein aaj kya hai-Daag 1973

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