हम तो मोहब्बत करेगा-दिल्ली का ठग १९५८
सी ही क्यूँ न हो. ये अगर सोबर तरीके से होगी तो
कैसी होगी इसकी बानगी पेश है इस गीत में जो आज
आपको सुनवा रहे हैं. ये है फिल्म दिल्ली का ठग से
जिसे किशोर कुमार गा रहे हैं. इस फिल्म के गीतकार
हैं मजरूह सुल्तानपुरी और संगीतकार हैं रवि. आज भी
इस गीत को सुनने में वही आनंद आता है जो पहले
आया करता था.
गीत किशोर कुमार और नूतन पर फिल्माया गया है.
जैसा कि अधिकांश खुशनुमा गीतों में होता है कुछ बल
खा के, कुछ गुलाटियाँ खा के और गीत के आखिर में
समुन्दर में दुबकी लगा के सब ठीक हो जाता है और
नायिका के चेहरे पर मुस्कराहट के भाव तैरने लगते हैं.
तो बच्चा लोग बजाओ ताली.......
इस गीत के मुखड़े के कुछ शब्दों को लेकर एक फिल्म
भी बन चुकी है जिसमें गोविंदा हैं. वो फिल्म भी हास्य
से भरपूर है.
गीत के बोल:
हम तो मोहब्बत करेगा
दुनिया से नहीं डरेगा
चाहे ये ज़माने कहे हमको दीवाना
अजी हम तो मोहब्बत करेगा
चुपके से आप तो दिल ले के चले जाते हैं
पीछे-पीछे दीवाने फिर भी चले आते हैं
चुपके से आप तो दिल ले के चले जाते हैं
पीछे-पीछे दीवाने फिर भी चले आते हैं
‘मेरी जूती से’
जूता पोलिश करेगा, लेकिन तुम पे मरेगा
चाहे ये ज़माने कहे हमको दीवाना
अजी हम तो मोहब्बत करेगा...
ठोकर से और भी अरमां ये जवां होते हैं
दुनियाँ में हम जैसे आशिक भी कहाँ होते हैं
ठोकर से और भी अरमां ये जवां होते हैं
दुनियाँ में हम जैसे आशिक भी कहाँ होते हैं
‘अरे वाह रे मजनू’
लैला लैला करेगा, ठंडी आहें भरेगा
चाहे ये ज़माने कहे हमको दीवाना
अजी हम तो मोहब्बत करेगा...
दूर हो हो के अजी यूँ न सताओ हमको
हम जियें कैसे भला ये तो बताओ हमको
दूर हो हो के अजी यूँ न सताओ हमको
हम जियें कैसे भला ये तो बताओ हमको
‘डूब मरो’
डूबेगा नहीं तरेगा, प्यार से नहीं डरेगा
चाहे ये ज़माने कहे हमको दीवाना
अजी हम तो मोहब्बत करेगा
दुनिया से नहीं डरेगा
चाहे ये ज़माने कहे हमको दीवाना
अजी हम तो मोहब्बत करेगा
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Ham to mohabbat karega-Dilli ka thug 1958

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