Nov 9, 2015

सच बता तू मुझपे फ़िदा-सोने की चिड़िया १९५८

हमारा देश किसी समय सोने की चिड़िया कहलाता था.
कई सदियों इसकी तबियत से सफाई हुई अर्थात सोना
चांदनी, हीरे जवाहरात लूटे गए. सब बातें हम इतिहास
की किताबों में पढते आये हैं. सदियों की गुलामी के
बाद देश आज़ाद हुआ. अब सिर्फ कहानियों में ही हमें
सुनने को मिलता है ये शब्द-सोने की चिड़िया. कहने
को प्लेटिनम सबसे महंगा धातु है मगर कीमत और
कद्र सोने की ही सबसे ज्यादा है और रहेगी.

इस नाम से अलबत्ता एक फिल्म ज़रूर बनी है सन १९५८
में. नयी पीढ़ियों को हम सोने की चिड़िया दिखा सकते
हैं जो फिल्म के रूप में उपलब्ध है. सोने की चिड़िया
नाम से एक चिड़िया रुपहले परदे पर सन १९४८ में
भी अवतरित हुई थी मगर उसके दर्शन दुर्लभ हैं.

गीत तलत महमूद और नूतन पर फिल्माया गया है.
आपको शायद मालूम होगा तलत महमूद ने शुरू के
दौर में अपना अभिनेता बनने का शौक भी पूरा किया
था. ये बात और है जनता का शौक थोडा जुदा था
उनके शौक से. एक तरीके से अच्छा ही रहा क्यूंकि
उनकी आवाज़ में हमें शायद बढ़िया नगमे सुनने को
नहीं मिलते अगर वे एक सफल अभिनेता बन गए होते.




गीत के बोल:


सच बता तू मुझपे फ़िदा
अरे सच बता तू मुझपे फ़िदा
मार गयी तेरी बांकी अदा
यूँ हुआ और ऐसे हुआ
सच बता तू मुझपे फ़िदा
सच बता तू मुझपे फ़िदा
मार गयी तेरी बांकी अदा
यूँ हुआ और ऐसे हुआ
सच बता तू मुझपे फ़िदा

नाजनीन मैं ही नहीं
है यहाँ लाखों हसीं
नाजनीन मैं ही नहीं
है यहाँ लाखों हसीं
मुझसे ही तुझे प्यार क्यूँ हुआ
दिल पे नज़रों का वार क्यूँ हुआ
मुझसे ही तुझे प्यार क्यूँ हुआ
दिल पे नज़रों का वार क्यूँ हुआ
मार गयी तेरी बांकी अदा
यूँ हुआ और ऐसे हुआ
सच बता तू मुझपे फ़िदा
अरे क्यूँ हुआ और कैसे हुआ
मार गयी तेरी बांकी अदा

चंद सी सूरत तेरी
मोहनी मूरत तेरी
चंद सी सूरत तेरी
मोहनी मूरत तेरी
तेरी धुन मुझे बेसबब नहीं
और जलवों में ये गज़ब नहीं
तेरी धुन मुझे बेसबब नहीं
और जलवों में ये गज़ब नहीं
सच बता तू मुझपे फ़िदा
अरे क्यूँ हुआ और कैसे हुआ
मार गयी तेरी बांकी अदा
यूँ हुआ और ऐसे हुआ
सच बता तू मुझपे फ़िदा

शुक्रिया ए मेहरबान
मिल गए मुझे दो जहां
शुक्रिया ए मेहरबान
मिल गए मुझे दो जहां
ये सहारा भी कम नहीं मुझे
आज दुनिया का गम नहीं मुझे
ये सहारा भी कम नहीं मुझे
आज दुनिया का गम नहीं मुझे

मार गयी तेरी बांकी अदा
यूँ हुआ और ऐसे हुआ
सच बता तू मुझपे फ़िदा
अरे क्यूँ हुआ और कैसे हुआ
मार गयी तेरी बांकी अदा
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Sach bata too mujhpe fida-Sone ki chidiya 1958

Artists-Talat Mehmood, Nutan

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