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Mar 5, 2020

ओ साथी ओ साथी-हनीमून १९७३

हनीमून एक ऐसा त्योहार है जो आम आदमी के जीवन
में एक बार आता है. इसे त्यौहार कहते मैंने ३-४ लोगों
को सुना और उनके उदगार लगभग एक सरीखे थे. कुछ
कहते हैं मनी है तो हनी है. जितनी ज्यादा मनी लगाओगे
उतना आनंद मिलेगा. हिल स्टेशन पर जाओ या किसी दूसरे
ग्रह पर हनीमून तो हनीमून ही रहेगा.

हनीमून को कई सयाने मनी-खून भी कहते हैं. ऐसे लोग
अक्सर घर में ही ऐसे कार्यक्रम कर लिया करते हैं और पैसे
बचा लेते हैं, या गए भी तो नज़दीक की किसी छोटी पहाड़ी
पर. क्या पहाड़ी ज़रूरी है इस कार्यक्रम के लिए. धरती पर
सारी चीज़ें गुरुत्व (ग्रेविटी)के सिद्धांत का पालन करती है.
एक भौतिकशास्त्री ने भौतिकता के इस पहलू पर बड़ा ही
अच्छा वक्तव्य दिया-भावनाएं हो या झरने का पानी सब
ऊपर से नीचे आता है. पहाड़ की चोटी पर चढ कर पत्थर
भी लुडकाओ तो वो नीचे ज़मीन की तरफ़ आता है. आदमी
जितना जल्दी भ्रमजाल से निकल के उतर आये उतना ही
अच्छा. आगे ना पीछे लुड़कना तो है ही.

फिल्म हनीमून से एक गीत सुनते हैं रफ़ी का गाया हुआ.
इसके बोल योगेश ने लिखे हैं और संगीत उषा खन्ना ने
तैयार किया है. एक ज़माने में ये गाना खूब सुना गया है.
इसकी वजह इसके बोल हैं.



गीत के बोल:

दिन हैं ये बहार के फूल चुन ले प्यार के
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो
दिन हैं ये बहार के फूल चुन ले प्यार के
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो

तेरे हँसते होंठों से बिछड़े तेरे गीत क्यूँ
बरसे सावन प्यार का तरसे तेरी प्रीत क्यूँ
बीत ना जाये कहीं प्यार का सावन यूँ ही
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो

शायद कहता है तुझसे सहमा सहमा दिल तेरा
तेरी गुजरी जिंदगी थामे ना आँचल तेरा
प्यार जो करते हैं वो यूँ नहीं डरते हैं वो
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो

दुल्हन बन कर जिंदगी चलती तेरे साथ है
बढ़ कर बाहें थाम ले रुकने की क्या बात है
आज क्यूँ है दूरियां क्यूँ हैं ये मजबूरियां
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो

होना था जो वो हो गया साथी अब ना सोच तू
कह कर मन के भेद ये हल्का कर ले बोझ तू
ये ख़ामोशी तोड़ के ये उदासी छोड़ के
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो

दिन हैं ये बहार के फूल चुन ले प्यार के
ओ साथी ओ साथी हो ओ साथी ओ साथी हो
……………………………………………..
O sathi o sathi-Honeymoon 1973

Artists: Anil Dhawan, Leena Chandavarkar

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Jan 26, 2020

ओ शहीदों तुमपे-दिल परदेसी हो गया २००३

आज २६ जनवरी के अवसर पर सुनते हैं एक देशभक्ति
गीत जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और याद
किया गया है उनके शौर्य के लिए. उन्हें धन्यवाद दिया
गया है उनके अमूल्य योगदान के लिए.

गीत सोनू निगम ने गाया है और इसे आशुतोष राणा पर
फिल्माया गया है गीतकार सावन कुमार और संगीतकार हैं
उषा खन्ना. इस गीत में सावन कुमार ने सावन शब्द का
प्रयोग कर लिया है.




गीत के बोल:

ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना करो गुमराह
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना उठा ना उठा
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

फिर जो छेड़ी फिर जो छेड़ी
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
…………………………………………………..
O shaheedon tumpe-Dil pardesi ho gaya 2003

Artist: Ashutosh Rana

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Dec 19, 2019

मुबारकां मुबारकां-दिल परदेसी हो गया २००३

फिल्म दिल परदेसी हो गया से एक और गीत सुनते हैं.
पूरी पिक्चर में हीरोईन का स्माइल प्लीझ कार्यक्रम दिख
रहा है जिसके बारे में हम आपको बतला ही चुके हैं पहले.

टूथपेस्ट बनाने वाली कम्पनियाँ फ़िल्में शायद कम देखती
हैं, अक्सर उनके विज्ञापनों में मॉडल ज्यादा नज़र आती हैं
अभिनेत्रियों के बजाये. कुछ समय पहले जब नमक वाला
विज्ञापन आया था तब ज़रूर एक दो अभिनेत्रियां दिखीं थीं.

सुनते हैं सावन कुमार का लिखा गीत जिसे सुनिधि चौहान
ने गाया है उषा खन्ना की धुन पर.





गीत के बोल:

आज मेरे अंगना मेरा प्यार आया रे
आज मेरे अंगना मेरा प्यार आया रे
दिल ने जिसको चाहा वो दिलदार आया रे
मेरा सोणा सजन हाय सोणा सजन
ओ मेरा सोणा सजन घर आया
मेरा सोणा सजन घर आया
ईद हो गयी मेरी मुझे चाँद नज़र आ गया
मुबारकां मुबारकां मुबारकां मुबारकां
मुबारकां मुबारकां मुबारकां मुबारकां
हो मेरा सोणा सजन घर आया
………………………………………………
Mubarakaan mubarakaan-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Saloni Aswani

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Dec 18, 2019

दिल परदेसी हो गया-शीर्षक गीत २००३

पूरी फिल्म में कोलगेट स्माइल बरकरार रखना आसान
काम नहीं है. अगर पहले दृश्य में १०० ग्राम की मुस्कान
थी तो १०० ग्राम ही पूरी फिल्म में सभी जगह रख पाना
कोई हंसी खेल नहीं है.

सुनते हैं २००३ की फिल्म दिल परदेसी हो गया से इसका
टाइटल गीत. सोनू निगम और अलका याग्निक ने इसे
गाया है, सावन कुमार के बोलों और उषा खन्ना की धुन
पर. कलाकार हैं कपिल झावेरी और सलोनी असवानी. इस
गीत में आपको मुश्ताक खान भी दिखाई दे जायेंगे.

मुस्कुराने के मामले में गुज़रे ज़माने की नायिका श्यामा
को महारत हासिल थी. जहां थोड़े की ज़रूरत रहती वहाँ
वो ज्यादा मात्रा में मुस्कुराया करती थीं.




गीत के बोल:

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

इस दिल को ये कैसा एहसास है
लगता है क्यूँ ऐसा तू कहीं पास है
तेरी खुशबू हवाओं में बिखरी हुई
लगती है ये शाम कुछ ख़ास है
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

आँचल तेरा ख्यालों पे यूँ छा गया
रात में ही सवेरा नज़र आ गया
तेरी झांझर की गूंजी ये सदायें सनम
प्यार चुपके से सावन बरसा गया
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल पारदेसी हो गया
आ आ आ आ आ

मोहब्बत है मेरा नाम नाम नाम
इश्क़ है मेरा काम काम काम
मेरी अदा क़ुर्बानी पर लोग करें बदनाम
बदनाम हूँ हूँ
दम है तो दामन उठा
दम है तो दामन उठा
वर्ना मैं चली सलाम सलाम सालम
हाय धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
…………………………………………….
Dil pardesi ho gaya-Titlesong 2003

Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Nov 25, 2019

आज हमने आपके लिये-दिल परदेसी हो गया २००३

सुनते हैं एक ब्रेकफास्ट सॉंग. कुछ अलग हट के गीत
है ये. इसे गाया है सुदेश भोंसले और पिंकी-प्रीती की
जोड़ी वाली प्रीती ने.

गीतकार एक बार फिर से सावन कुमार हैं और संगीतकार
उषा खन्ना. इसे अमरीश पुरी और सलोनी असवानी पर
फिल्माया गया है. अमरीश पुरी एक शेफ़ की भूमिका
में दिखलाई दे रहे हैं.




गीत के बोल:

गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग गुड मॉर्निंग
वेरी वेरी गुड वेरी गुड मॉर्निंग
आज हमने आपके लिए
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
दावत है हमको कबूल कहिये क्या क्या बनाया है

चलिए तशरीफ़ तो रखिये
चलिए चलिए तशरीफ़ तो रखिये
मोहब्बत की कुर्सी पर
थैंक यू 
ब्रेकफास्ट सजाया है
खुशियों के टेबल पर
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ये प्यार की प्लेट है जिसमें ताज़ा ताज़ा ऑमलेट है
टोस्ट पे लगाया है मक्खन जज्बातों का
एहतराम करते हैं हम आपके ज़ज्बातों का
आज हमने आपके लिए स्पेशल ब्रेकफास्ट बनाया है
शुक्रिया आपका हुज़ूर एहसान फ़रमाया है

ममता के इस गिलास में गरम गरम है दूध
हाउ स्वीट
चैन-ओ-अमन के जार में फ्रेश फ्रेश है जूस
कुदरत के बागों से हम फ्रूट्स ले कर आये हैं
गुलशन से वफाओं के हम फूल चुन कर लाये हैं
ये करम है अल्लाह का और आपकी दुवाओं का
बिस्मिल्लाह कीजिये अजी बिस्मिल्लाह कीजिये
………………………………………………..
Aaj hamne aapke liye-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Amrish Puri, Saloni Aswani

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Nov 3, 2019

छम छम नाचूंगी-दिल परदेसी हो गया २००३

हार्ट बिकेम नॉन रेसिडेंट फिल्म से अगला गाना पेश
है. ये एक युगल गीत है जिसे उदित नारायण और
अलका याग्निक ने गाया है.

गीतकार और संगीतकार वही है जो इस फिल्म के
पिछले गीत के लिए थे. नायक और नायिका भी वही हैं.



गीत के बोल:

बरसात हो और रात हो तन्हाई हो
तेरा साथ हो हो ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तेरा आँचल हो लड़का पागल हो
नैनों वाले तीरों से दीवाना तेरा घायल हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

एक हसीं आईना हो तेरी सूरत हो
मैं तेरा सनम दीदार करूं
एक हसीं आईना हो तेरी सूरत हो
मैं तेरा सनम दीदार करूं
मैं तुझको छू लूं महसूस करूं
और नयी अदा से प्यार करूं
तू शर्माई मैं छेड़ूँ तुझे
बाहों में जानम मैं भर लूं तुझे
ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

डू डू डू डू डू ऐ हे हे आ हा आ

एक शमा जली हो दो चेहरे हों
एक तेरा हो एक मेरा हो
एक शमा जली हो दो चेहरे हों
एक तेरा हो एक मेरा हो
धडकन की सदाएं साँसों की गर्मी
कुछ तेरी हों कुछ मेरी हों
दो साये मिलें एक हो जाएँ
प्यार में दोनों खो जाएँ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी

बरसात हो और रात हो तन्हाई हो तेरा साथ हो
तेरा आँचल हो लड़का पागल हो
नैनों वाले तीरों से दीवाना तेरा घायल हो
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
जी तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
हाँ तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
रे तो छम छम नाचूंगी मैं छम छम नाचूंगी
…………………………………………………
Chham chaam nachoongi-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Nov 2, 2019

तू कौन कहाँ से आई है-दिल परदेसी हो गया २००३

निर्माता निर्देशक सावन कुमार को बेवफा-सौतन जैसे
शब्दों से ज्यादा पहचाना जाता है. अब वो परदेसी शब्द
वाली फिल्म बनायें तो जनता का अचंभित होना लाजमी
है. एक और अचम्भे की बात उषा खन्ना का सन २००३
में भी सक्रीय होना है. गुज़रे ज़माने या यूँ कहें बॉलीवुड
में संगीत के गोल्डन पीरियड में अपना कैरियर शुरू
करने वाली उषा खन्ना ने काफी लंबे अरसे तक अपनी
उपस्थिति को बनाये रखा.

सन २००३ में एक फिल्म नए कलाकारों के साथ आई
जिसमें कपिल झवेरी और सलोनी असवानी ने प्रमुख
भूमिकाएं निभाईं.

गीत सावन कुमार ने लिखा है और इसे उदित नारायण
ने गाया है. फिल्म की हीरोईन के चेहरे में सनम बेवफा
फिल्म की नायिका की झलक मिलती है.

सोनी  वीवो को धन्यवाद इस वीडियो के लिए. अगर हमारी
पोस्ट पसंद/नापसंद आई हो तो कमेन्ट करें. 




गीत के बोल:

ये ताजगी ये नाज़ुकी ये सादगी
तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

तेरी आँखें बातें करती हैं
जैसे लहरें मचलती हैं
क्या गुज़र हुआ है गुलशन से
या फूलों से नहा कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

अमृत का रस होंठों में भरा
क्या पाकीज़ा है नाम तेरा
धडकन की तरह से चलती है
क्या दिल बन कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

इस जहां में किसकी अमानत है
तू किसके दिल की मोहब्बत है
है कौन नसीबों वाला जिसकी
तू दुल्हन बन कर आई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है

तू कौन कहाँ से आई है
ये हुस्न कहाँ से लाई है
तेरा नूर नहीं इंसानों सा
क्या खुदा से मिल कर आई है
क्या खुदा से मिल कर आई है
………………………………………………………………..
Too kaun kahan se-Dil pardesi ho gaya 2003

Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Oct 29, 2019

मेरी महबूबा आज मेरे घर-फरेब १९६८

दीपों का पर्व है और कम से कम सात दिन तो इसकी
रौनक रहेगी ही. एक गीत सुनते हैं जिसकी पहली पंक्ति
में दीप शब्द आया है. किसके जीवन में दीवाली कब आ
जाए नहीं कहा जा सकता. दीवाली से अर्थ बड़ा खुशी का
मौका भी होता है.

मन्ना दे और भूपेंद्र का गाया गीत है ये फिल्म फरेब से
जिसे असद भोपाली ने लिखा है. इसकी धुन तैयार की है
उषा खन्ना ने.

देसी लॉरेल और हार्डी बने दो कलाकार और किसी फेयरी
टेल में से निकली हसीना जैसी एक नायिका इस गीत पर
फ्री स्टाइल नृत्य का आनंद ले रहे हैं. जुमलों और श्रेणी
के हिसाब से ये ‘मेरी महबूबा हिट्स’ के अंतर्गत आता है.
ठीक है ना अमरीका वासी भारतीय भाइयों और बहनों.




गीत के बोल:

अरे हाँ
जलाओं दीप चरागाँ करो ज़माने में
बहार आई है मेरे गरीबखाने में
समझे मेरे लाल

मेरी महबूबा
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
ओ मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
अरे नोटों के हार इसको पहना दो यार
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

चाहता हूँ मैं इसको दिल-ओ-जान से
चाहता हूँ मैं
चाहता हूँ मैं इसको दिल-ओ-जान से
इसकी खातिर मैं दुनिया से टकराऊँगा हाँ
देखने वाले मुंह तकते रह जायेंगे
इस हसीना को मैं ले के उड़ जाऊँगा
इस हसीना को मैं ले के उड़ जाऊँगा
प्यार ले के मेरी हमसफ़र आई
ओ प्याज ले के मेरी हमसफ़र आई
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

शादी होगी हमारी बड़ी धूम से
शादी होगी
शादी होगी हमारी बड़ी धूम से
बैंड बाजे बजेंगे मज़ा आएगा
ओ जब भी गुजरेंगे हम बन के दूल्हा दुल्हन
शहर में एक हंगामा हो जायेगा
शहर में एक हंगामा हो जायेगा
आज बरसों के उम्मीद भर आई
हो आज बरसों के उम्मीद भर आई
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

लग न जाए किसी मनचले की नज़र
लग न जाए
लग न जाए किसी मनचले की नज़र
मैं रखूंगा इसे दो जहाँ से परे
चाँद पर होगा बंगला मेरे चाँद का
इस ज़मीन से अलग आसमान से परे
इस ज़मीन से अलग आसमान से परे
मेरी मंजिल मुझे अब नज़र आई
हो मेरी मंजिल मुझे अब नज़र आई
अरे नोटों के हार इसको पहना दो यार
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
हो मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
……………………………………………..
Meri mehbooba aaj mere ghar-Fareb 1968

Artists: Maloom nai

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Oct 20, 2019

ऐ जिंदगी के साथी-फरेब १९६८

बेला बोस पर फिल्माया गया एक गीत सुनते हैं फिल्म
अभिनेत्री बेला बोस को सहायक भूमिकाएं ज्यादा मिलीं.
इसमें वो नायिका हैं. है न चौंकाने वाला गीत. देव कुमार
जिन्हें अक्सर आपने खलनायक बने देखा होगा इसमें
वे जेंटलमैन बने बैठे प्यानो बजा रहे हैं.

फरेब से. गीत के बोल बढ़िया हैं, इस गीत को लिखा है
असद भोपाली ने और इसकी धुन उषा खन्ना ने तैयार
की है. गीत गाया है सुमन कल्याणपुर ने.




गीत के बोल:

ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
मेरी साँसों में महकना मेरा दिल बन के धड़कना
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

धीमी धीमी आग दहकते गालों की
हलकी हलकी छांव सुनहरे बालों की
धीमी धीमी आग दहकते गालों की
हलकी हलकी छांव सुनहरे बालों की
तेरे लिए है लेकिन कहना ना तू किसी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

पहली पहली प्यार ने ली है अंगडाई
पहली पहली बार मिली है तन्हाई
पहली पहली प्यार ने ली है अंगडाई
पहली पहली बार मिली है तन्हाई
अब तो गले से लगा ले तड़प ना दूर ही से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

दिल की नाज़ुक बात जुबां तक आ पहुंची
बढते बढते बात कहाँ तक आ पहुंची
दिल की नाज़ुक बात जुबां तक आ पहुंची
बढते बढते बात कहाँ तक आ पहुंची
डरती नहीं हैं मोहब्बत दुनिया की बेरुखी से

ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
मेरी साँसों में महकना मेरा दिल बन के धड़कना
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
…………………………………………………
Ae zindagi ke sathi-Fareb 1968

Artists: Bela Bose, Dev Kumar

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Oct 12, 2019

मेरे प्यासे मन की बहार-हनीमून १९७३

सन १९७३ की फिल्म हनीमून में कुछ कर्णप्रिय गीत हैं
जिन्हें हमने अभी तक इधर नहीं सुना है. अनिल धवन
और लीना चंदावरकर अभिनीत इस फिल्म के गीत लिखे
हैं योगेश ने. संगीत उषा खन्ना ने तैयार किया है.

फिल्म के निर्देशक हिरेन नाग हैं. सबसे पहले मैंने फिल्म
के क्रेडिट्स ही देखने की कोशिश करी-कहीं सावन कुमार
ने तो इस फिल्म का निर्माण निर्देशन नहीं किया ?

फिल्म का निर्माण ताराचंद बडजात्या ने किया है जो कि
साफ़ सुथरी पारिवारिक फ़िल्में बनाने के लिए विख्यात हैं.



गीत के बोल:
हा हा हा हो हो हो
मेरे प्यासे मन की बहार कब से था तुम्हारा इंतज़ार
तुम आये तो आया करार हो मेरे प्यार
मेरे प्यासे मन की बहार कब से था तुम्हारा इंतज़ार
तुम आये तो आया करार हो मेरे प्यार

समां कितना प्यारा है हाँ सनम हाँ सनम हाँ सनम
समां से भी प्यारा है क्या सनम क्या सनम क्या सनम
तुम्हारा फूल सा ये चेहरा दिलनशीं
छोडो हम जो भी हैं तुम भी तो कम नहीं
मेरे प्यासे मन की बहार कब से था तुम्हारा इंतज़ार
तुम आये तो आया करार हो मेरे प्यार

ये दिल गुनगुनाता है क्या सनम क्या सनम क्या सनम
मेरे गीत गाता है हाँ सनम हाँ सनम हाँ सनम
तो छोडो ये अदा गले तो मिलने दो
जल्दी है ऐसी क्या ये दिन तो ढलने दो
मेरे प्यासे मन की बहार कब से था तुम्हारा इंतज़ार
तुम आये तो आया करार हो मेरे प्यार

यूं ही दूर रहना हैं ना सनम ना सनम ना सनम
कहूँ जो भी कहना है हाँ सनम हाँ सनम हाँ सनम
तेरी बाहों में हैं मेरे दोनों जहां
कहने को हम हैं दो लेकिन है एक जान
मेरे प्यासे मन की बहार कब से था तुम्हारा इंतज़ार
तुम आये तो आया करार हो मेरे प्यार
…………………………………………………………………
Mere pyase man ki bahar-Honeymoon 1973

Artists: Anil Dhawan, Leena Chandavarkar

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Aug 29, 2019

वैसे तो ज़माने में-बेवफा से वफ़ा १९९२

अगर किसी फिल्म के नाम में ये शब्द आते हैं-सौतन, बेवफा
इत्यादि तो जनता कयास लगा लेती थी-सावन कुमार की फिल्म
है. आज के समय में तो ये भी मालूम करना मुश्किल होता है
कि फिल्म बनाने वाला एन आर आई है या एन आर ए है.
(NRA-Non resident American)

सावन कुमार भी समय के साथ चलने वाले फिल्मकार रहे हैं.
सन १९९२ की फिल्म में उन्होने विवेक मुशरान और नगमा को
बतौर हीरो हीरोईन लिया. फिल्म के निर्माता भी वही हैं. ऐसा
साहस करने वाले फिल्म मेकर कम हुए हैं फिल्म जगत में
जिनका निर्माण और निर्देशन दोनों पर बराबर का दखल रहा
हो.

गीत सावन कुमार ने लिखा है और धुन बनाई है उषा खन्ना
ने. गीत गाया है आशा भोंसले ने. सावन कुमार अपने गीतों
में सावन शब्द डालने के लिए प्रसिद्ध रहे हैं मगर इस गीत
में वो शब्द नहीं है.

गीत नगमा की कुची-कू से शुरू होता है, अब ये निर्देशक ने
करने को बोला या नायिका ने अपने मन से किया मालूम नहीं.
विवेक मुशरान भी एक मासूम से हीरो हुए हैं. सीधे साधे से
दिखने वाले और आकर्षक हंसी के स्वामी विवेक ९० के दशक
के बाद फिल्मों में नहीं दिखाई दिए.



गीत के बोल:

वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं

दिल के दरवाज़े पर दस्तक तो कई बार हुई
दिल के दरवाज़े पर दस्तक तो कई बार हुई
दिल-ए-नादान दिल मेहमान जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं

दिल की हसरत है सितारों से कोई मांग भरे
दिल की हसरत है सितारों से कोई मांग भरे
ऐसे साजन तो हज़ारों में जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
वैसे तो ज़माने में बड़े लोग मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
बस प्यार के काबिल तो जी हमें आप मिले हैं
जी हमें आप मिले हैं
हाँ हमें आप मिले हैं
जी हमें बाप मिले हैं
जी हमें आप मिले हैं
.................................................................
Waise to zamane mein-Bewafa se wafa 1992

Artists: Nagma, Vivek Mushran

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Jun 13, 2018

कराची नहीं जावांगी-दिल परदेसी हो गया २००३

दिल परदेसी हो गया से एक गीत सुनिधि चौहान की
आवाज़ में.

हर मुद्दे पर गीत बनाना ज़रूरी है हिंदी फिल्म में.
यहाँ नहीं जाना, वहाँ नहीं जाना, टेम्पो में जाना, बस
में जाना, पिलेन में जाना, क्या यही बचा है गीतों के
लिए. और भी बहुत कुछ है जो हमने ढंग से एक्सप्लोर
नहीं किया है.

गीत सावन कुमार का है और संगीत उषा खन्ना का.




गीत के बोल:

पिण्डी चली जावांगी उई हुई
लाहौर चली जावांगी उई हुई
पिण्डी चली जावांगी लाहौर चली जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यार चली जावांगी
कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
ओये कराची क्यूँ नहीं जायेंगी कुड़िये
कराची मैं गई तो वहाँ फड्डा हो जायेगा
रे बलवा हो जायेगा चक्कू चल जायेंगे
छुरियां चल जाएंगी तलवारें खिंच जायेंगी

कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी

कराची के छोरे
छोरे छोरे छोरे छोरे
कराची के छोरे बड़े मनचले हैं
आशिक मिजाजी में सबसे पहले हैं
आप अगर नहले वो नहले पे दहले हैं
नहले पे दहले
इस्लामाबाद जावांगी मुल्तान चली जावांगी
इस्लामाबाद जावांगी मुल्तान चली जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यार चली जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
उई हुई

तारिक़ रोड पर कुछ मिल गए दीवाने
दीवाने दीवाने दीवाने
तारिक़ रोड पर कुछ मिल गए दीवाने
पीछे पीछे आ गए बात करने के बहाने
छेड़खानी कर के लगे मुझको सताने
सताने सताने सताने
जिसकी तरफ देखो लगे गली में बुलाने
मैंने जरा डांटा तो सबने कट्टा निकाला
इतने में देखा मैंने एक पुलिस वाला
पुलिस को बुलाया जान अपनी बचाने
वह भी लगा राग मुझे प्यार का सुनाने
ओ तुझे कार ले जावांगा अपनी बेगम बनावांगा
एक किरकेट टीम की
चौका छक्का चौका छक्का
हो एक किरकेट टीम की अम्मा बनावांगा
रे एक किरकेट टीम की अम्मा बनावांगा
मीरपुर जावांगी शिकारपुर जावांगी
मीरपुर जावांगी शिकारपुर जावांगी
जित्थे वी ले जायेगा यारा चली जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी

कराची नहीं
कराची मैं गई तो वहां फड्डा हो जायेगा
रे बलवा हो जायेगा चक्कू चल जायेंगे
छुरियां चल जाएंगी तलवारे खिंच जाएगी
कराची नहीं
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
कराची नहीं जावांगी कराची नहीं जावांगी
उई हुई उई हुई
...............................................
Karachi nahin jawangi-Dil pardesi ho gaya 2003

Artist: Saloni Aswani

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May 21, 2018

कसम है तुझे…पीने से पिलाने से-दीदार १९७०

तरह तरह की कसमें. किसी के नाम की कसम, किसी के जाम
की कसम. इधर तो मैखाने की कसम दिलाई जा रही है. फिल्म
का नाम है दीदार जो सन १९७० की एक फिल्म है. वर्मा मलिक
ने इसे लिखा था और उषा खन्ना ने धुन बनाई. गायक कलाकार
हैं किशोर कुमार और उषा खन्ना.

आपको पिछले साल दीदार से किशोर कुमार का गाया एक रूमानी
गीत सुनवाया था. ऐसा लगता है गीत किसी श्वेत श्याम युग की
फिल्म के लिया तैयार किया गया था जिसे सन १९७० की फिल्म
के लिए इस्तेमाल कर लिया गया. किशोर का एकल गीत ज़रूर
नयी रिकॉर्डिंग है मगर प्रस्तुत गीत १९६५ या ६६ के आसपास की
इजाद सुनाई देती है.



गीत के बोल:


क़सम है तुझे महफ़िल की
मैं नाचूँ तू पी मैं नाचूँ तू हिक
बिलि बिलि वप्पा व वप्पा
बिलि बिलि वप्पा व वप्पा
बिलि बिलि वप्पा व वप्पा
बिलि बिलि वप्पा व वप्पा

पीने से पिलाने से पैमाने से मयख़ाने से
बेगाने से ज़माने से तू बच बचा तू बच बचा
पीने से पिलाने से पैमाने से मयख़ाने से
बेगाने से ज़माने से तू बच बचा तू बच बचा

हे जवानी में कभी किस कभी किस
हे हे हो हो हे हे
जवानी में कभी किसी से आँख न लड़ा
आँख लड़ जाए तो भी दिल ना मिला, हे
दिल मिल जाए भी तो शोर न मचा
मीठे-मीठे वादों पे तू सबको नचा
क्यूँ ?
क्यूँ क्या
यहाँ दिल भी बुरा है दिलदार भी बुरा
इकरार भी बुरा है इनकार भी बुरा
इनकार भी बुरा
पीने से
पिलाने से
पैमाने से
मयख़ाने से
बेगाने से ज़माने से तू बच बचा
तू बच बचा
बिलि बिलि बप्पा ब बप्पा
बिलि बिलि बप्पा ब बप्पा
बिलि बिलि बप्पा ब बप्पा

अरे दिल दे कोई तो कोई तो कोई तो
हे हे हो हो हे
अरे दिल दे कोई तो दिल तोड़ दो बेशक़
आँख जो मिलाये आँखें फोड़ दो बेशक़ हू हू
फूल ना खिले तो टहनी मोड़ दो बेशक़
बुरी दुनिया है इसे छोड़ दो बेशक़
किसलिए ?
किसलिए क्या
नेक नाम भी बुरा बदनाम भी बुरा
आग़ाज़ भी बुरा है अंजाम भी बुरा
अंजाम भी बुरा

पीने से पिलाने से पैमाने से मयख़ाने से
बेगाने से ज़माने से तू बच बचा
तू बच बचा
.........................................................................
Peene se pilane se-Deedar 1970

Artists:

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Mar 14, 2018

मेरी जान बचना-फैसला १९६५

एक गीत सुनते हैं महेंद्र कपूर और चितलकर की आवाजों में.
गीत असद भोपाली का है और संगीत उषा खन्ना का. श्रेणियों
में एक श्रेणी वो भी है-एक संगीतकार दूसरे संगीतकार के संगीत
निर्देशन में गाता हुआ.

ये कारनामा स्वयं उषा खन्ना ने काफी किया है और उनके
गाये कई गीत ऐसे हैं जो दूसरे संगीत निर्देशकों द्वारा तैयार
किये गए हैं.

फिल्म का नाम है फैसला जो सन १९६५ की एक फिल्म है.
गीत में एक अजीबोगरीब कार में जुगल किशोर के साथ
जगदीप सवारी करते दिखलाई दे रहे हैं.




गीत के बोल:

ओ मेरी जान बचना
ओ मेरी जान ओ मुन्ना हट
बाद-ए-बहारी आई शाही सवारी आई
गाडी हमारी आई हो हो
ओ बाबू हट जाना ओ जाना ओ जाना
हट जाना
ओ मेरी जान चलना
ओ मेरी जान ओ साहिबा
बाद-ए-बहारी आई शाही सवारी आई
गाडी हमारी आई हो हो

अरे बाप रे पंक्चर
स्क्रू जैक जल्दी लाओ
.................................................................
Meri jaan bachna-Faisla 1965

Artists: Jugal Kishore, Jagdeep

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Feb 22, 2018

बोलो बोलो कुछ तो बोलो-दिल दे के देखो १९५९

कुछ गीत ऐसे हैं जिनके मुखड़े एक जैसे हैं. ये गीत है
फिल्म दिल दे के देखो से जिसे  मजरूह सुल्तानपुरी ने
लिखा है. आपको याद हो गर, ऋषि कपूर वाली फिल्म
ज़माने को दिखाना है का एक गीत भी ऐसे ही मुखड़े
वाला है. दिल दे के देखो फिल्म के हीरो ऋषि कपूर के
चाचा हैं.

प्रकृति में कई चीज़ों की आवाजें मिलती जुलती हैं. इस
गाने की शुरूआती बीट्स से आपको कोयले का इंजन
याद आ सकता है. गीत रफ़ी ने गाया है उषा खन्ना
की धुन पर. उषा खन्ना की बतौर स्वतंत्र संगीतकार
ये पहली हिंदी फिल्म थी. गीत में अनूठी बात ये है
कि मुखड़े की दूसरी पंक्ति हर अंतरे के बाद बदल जाती
है. ये इसकी ख़ूबसूरती है.



गीत के बोल:

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

काहे को नज़र घबराई सी है
महफ़िल भी है तनहाई भी है
काहे को नज़र घबराई सी है
महफ़िल भी है तनहाई भी है
छुपे छुपे तुम रुके रुके हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
ठोकर लगे ना संभालो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

कहाँ चले जी ज़रा हाल सुनो
किसी दिलवाले का सवाल सुनो
कहाँ चले जी ज़रा हाल सुनो
किसी दिलवाले का सवाल सुनो
वहाँ खड़े तुम यहाँ खड़े हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
अब तो निगाहें मिला लो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या

आपकी अदाओं का हिसाब नहीं
लाखों में हमारा भी जवाब नहीं
आपकी अदाओं का हिसाब नहीं
लाखों में हमारा भी जवाब नहीं
कम नहीं तुम कम नहीं हम सोचो ज़रा

बोलो बोलो कुछ तो बोलो
दिल न तोड़ो गुस्सा छोड़ो
ऐसे ना आँचल छुडा लो सनम
प्यार हो तो कह दो यस
प्यार नहीं तो कह दो नो
फिर जो हो हो सो हो हो हो
फिर जो हो हो सो हो हाय
प्यार हो तो कह दो या
...................................................................
Bolo bolo kuchh to-Dil deke dekho 1959

Artists: Shammi Kapoor, Asha Parekh

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Jan 10, 2018

गा दीवाने झूम के-फ्लेट नंबर ९ १९६१

फिल्म का नाम कुछ सस्पेंस क्रीयेट करता है. अब
ये क्या है इसके लिए फिल्म देखें. फ्री के ब्लॉग पर
इससे ज्यादा जानकारी दे पाना संभव नहीं है आज के
समय में.

मुकेश का गाया ये लोकप्रिय गीत है जिसे मजरूह ने
लिखा है. संगीतकार हैं उषा खन्ना.




गीत के बोल:

गा दीवाने झूम के
रात की ज़ुल्फ़ें चूम के
दिल भी है दिलदार भी है
मौसम भी है प्यार भी है

कल तक दुनिया और थी
पर आज ज़माना और है
दिल की कहानी और है
आँखों का फ़साना और है
डूब नशे में छेड़ मज़े में
तू कोई नग़मा मस्ताना

गा दीवाने ज़ूम के
रात की ज़ुल्फ़ें चूम के
दिल भी है दिलदार भी है
मौसम भी है प्यार भी है

कौन ये आया झूमता
मस्ती में क़दम हैं चूर से
देख रहे हैं ये समा
मुड़ मुड़ के सितारे दूर से
हुस्न चला है इश्क़ से मिलने
लेकर दिल का नज़राना

गा दीवाने झूम के
रात की ज़ुल्फ़ें चूम के
दिल भी है दिलदार भी है
मौसम भी है प्यार भी है
...............................................
Gaa deewane jhoom ke-Flat No. 9 1961

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Jan 5, 2018

करिश्मा देखो नज़ारा देखो-तन्हाई १९७२

फिल्म तन्हाई से आपने किशोर का गाया वो गीत सुन लिया
है जो ज्यादा लोकप्रिय है इस फिल्म के सभी गीतों में. अब
उन गीतों में से एक सुनते हैं जिन्हें कम सुना गया है.

आशा भोंसले ने इसे गाया है. गीत और संगीत उषा खन्ना का
है जैसा कि उपलब्ध विवरणों से पता चलता है. उषा खन्ना के
पिताजी तो गीत लिखा करते ही थे मगर उषा खन्ना ने ये कब
शुरू किया इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है. वैसे एक
जगह इस गीत के गीतकार का नाम असद भोपाली भी लिखा
मिलता है. नेट पर जो कुकुरमुत्ते जैसी कॉपी पेस्ट साइटें उग आई
है पिछले दस सालों में उन सभी की जय हो.




गीत के बोल:

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

अभी गीत वो छेड़ूंगी जिसे लोग सुनें जाएँ
अब देखना क्या होगा कहीं होश न उड़ जाएँ
वही नाम बताऊंगी वही काम दिखाऊंगी
जो तुमको पसंद आये

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

तुम्हें जिससे मोहब्बत है abhi होगा वो बाहों में
कोई दोस्त कोई ढूश्मन मेरी सब हैं निगाहों में
किस बात का रोना है अभी फैसला होना है
तुम्हें कौन ye समझाए

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

ये खेल है दुनिया का कहीं प्यार कहीं धोखा
किस्मत को जो करना है वो आज अभी होगा
ज़रा रहना संभल के जी कहीं आगे चल के जी
बाज़ी ना पलट जाये

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो
………………………………………………………..
Karishma dekho nazara dekho-Tanhai 1972

Artist: Laxmi Chhaya, Shotgun Sinha, Rehana Sultan

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Sep 1, 2017

मधुबन ख़ुशबू देता है-साजन बिना सुहागन १९७८

सन १९७८ का एक लोकप्रिय हिट गीत सुनते हैं. फिल्म का नाम है
साजन बिना सुहागन. सावन कुमार टाक फिल्म के निर्माता हैं.
सावन कुमार ने कई गीत भी लिखे हैं. कहा जाता है उनके गीतों में
सावन शब्द ज़रूर आता है.

प्रस्तुत गीत के लेखक इन्दीवर हैं मगर इस गीत में भी सावन
शब्द आता है और रिपीट हुआ है कई बार. उषा खन्ना का संगीत है
और येसुदास की आवाज़. फिल्म में ये गीत तीन बार प्रकट होता है.





गीत के बोल:

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है

सूरज न बन पाए तो  बन के दीपक जलता चल
सूरज न बन पाए तो  बन के दीपक जलता चल
फूल मिलें या अँगारे  सच की राहों पे चलता चल
सच की राहों पे चलता चल
प्यार दिलों को देता है  अश्कों को दामन देता है
जीना उसका जीना है जो औरों को जीवन देता है

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है

चलती है लहरा के पवन  के साँस सभी की चलती रहे
चलती है लहरा के पवन  के साँस सभी की चलती रहे
लोगों ने त्याग दिये जीवन  के प्रीत दिलों में पलती रहे
के प्रीत दिलों में पलती रहे
दिल वो दिल है जो औरों को  अपनी धड़कन देता है
जीना उसका जीना है  जो औरों को जीवन देता है

मधुबन ख़ुशबू देता है सागर सावन देता है
मधुबन ख़ुशबू देता है
.................................................................
Madhuban khushboo deta hai-Sajanbina suhagan 1978

Artists: Padmini Kolhapure, Rajendra Kumar, Nutan

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Aug 31, 2017

हाय तबस्सुम तेरा-निशान १९६५

सन १९६५ की फिल्म निशान में संजीव कुमार और नाज़िमा की
जोड़ी है. संजीव कुमार की बतौर मुख्य नायक ये पहली फिल्म थी.
इस फिल्म से रफ़ी का गाया जो गीत आप सुन चुके हैं उसका अब
आशा वाला तर्जुमा सुनते हैं.

इसे भी जावेद अनवर ने लिखा है और धुन तैयार की है उषा खन्ना
ने.



गीत के बोल:

हाय तबस्सुम तेरा
हाय तबस्सुम तेरा
धूप खिल गई रात में
या बिजली गिरी बरसात में
हाय तबस्सुम तेरा
हाय तबस्सुम तेरा


हँसना तेरा दिलनशीं था
धोखा था फिर भी हसीं था
हँसना तेरा दिलनशीं था
समझी नज़र जिसको सहर
था एक झूठा सवेरा

हाय तबस्सुम तेरा
धूप खिल गई रात में
या बिजली गिरी बरसात में
हाय तबस्सुम तेरा
हाय तबस्सुम तेरा

आँखों में है वो ज़माना
धुंधला सा वो एक फ़साना
आँखों में है वो ज़माना
अब वो हँसी है गैर की
जिसपे कभी हक़ था मेरा

हाय तबस्सुम तेरा
धूप खिल गई रात में
या बिजली गिरी बरसात में
हाय तबस्सुम तेरा
हाय तबस्सुम तेरा
...................................................................
Haye tabassum tera(Asha)-Nishaan 1965

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Aug 14, 2017

चाँद को क्या मालूम-लाल बंगला १९६६

फिल्म लाल बंगला से आपको रफ़ी का गाया हुआ एक गीत
सुनवाया था पहले. अब सुनते हैं इस फिल्म का सर्वाधिक
लोकप्रिय गीत जिसे मुकेश ने गाया है. उषा खन्ना जैसा कि
हम पहले आपको बता चुके हैं, एक हतप्रभ, चम्तकृत करने
वाली संगीत निर्देशक हैं. वो कब कौनसा हिट गीत बना दें ये
आम जनता के लिए पहेली सा होता था.

उन्होंने काफी सारे लोकप्रिय गीतों का सर्जन किया है. प्रस्तुत
गीत में घोड़े की टाप वाली ताल का प्रयोग हुआ है. कुछ लोग
ऐसे मानते हैं कि ये ओ पी नैयर की स्टाइल वाला है, मेरा
विचार थोडा भिन्न है इस मामले में.

उषा खन्ना के गीतों में वाद्य यंत्रों की जमावट श्वेत श्याम युग
में कल्याणजी आनंदजी वाले अंदाज़ से मेल खाती थी. शत
प्रतिशत तो नहीं मगर काई सारे गीतों में. कुछ एक गीतों में वे
ओ पी नैयर जैसा सुनाई देतीं.

प्रस्तुत गीत गुलशन बावरा ने लिखा है. इसे फिल्म के निर्देशक
जुगल किशोर और जयंती नामक नायिका पर फिल्माया गया
है. नायिका के चहरे के भाव गीत के पहले हिस्से में परिपक्व
व्यक्ति जैसे हैं, गीत के मध्य में मंद बुद्धि बच्चों जैसे दिखलाई
दे रहे हैं और गीत के अंत में किसी ठीक ठाक अभिनय करने
वाली हीरोईन जैसे. निर्देशक ने उससे इतनी कसरत क्यूँ करवाई
ये समझ के बाहर है.



गीत के बोल:

चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

दूर से देखे और ललचाये
प्यास नज़र की बढ़ती जाये बढ़ती जाये
बदली क्या जाने है पागल
किसके मन का मोर                
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

साथ चले तो साथ निभाना
मेरे साथी भूल ना जाना भूल ना जाना
मैने तुम्हारे हाथ में दे दी
अपनी जीवन डोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
...........................................................
Chand ko kya maloom-Lal Bangla 1965

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