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Jul 13, 2018

हमें मार चला ये ख़्याल ये गम-आरजू १९५०

एक कहावत है-न घर के न घाट के. घाट का अर्थ
घर से बाहर की दुनिया से है. घाट का अर्थ पनघट
हात और नैन मटक्का से तो कतई नहीं है. हिंदी
फिल्मों के कंटेक्स्ट में घाट और पनघट का मतलब
कोई गोरी मटकी भर के पानी लाती है. गोरी ही
लाती है काली नहीं. युवा ही लाती है, प्रौढ़ नहीं.
एक शब्द के अनेक अर्थ होते हैं. अपनी सुविधा का
अर्थ समझने की स्वतंत्रता सबको है जब तक कवि
सन्दर्भ सहित भावार्थ ना समझाए.

सुनते हैं अनिल बिश्वास का गाया हुआ आरज़ू का
ये चर्चित गीत. इसे हास्य अभिनेता गोप परदे पर
गा रहे हैं. गोप के अभिनय के पहलू हमें १९५६ की
फिल्म चोरी चोरी में दिखाई दिए. वे एक संजीदा
कलाकार थे.

मजरूह सुल्तानपुरी के बोल हैं और अनिल बिश्वास
का संगीत. गीत में हास्य का पुट है मगर ये बहुत
उम्दा संगीत का टुकड़ा है.


गीत के बोल:

हमें मार चला ये ख़्याल ये गम
न इधर के रहे न उधर के रहे
किसी और का हो गया कोई तो हम
न इधर के रहे न उधर के रहे

हम ज़हर तो खा लेते उन बिन
ख़ंजर भी चला लेते लेकिन
न हो उनको ख़बर तो हाय सितम
न इधर के रहे न उधर के रहे
न इधर के रहे न उधर के रहे
न हो उनको ख़बर तो हाय सितम
न इधर के रहे न उधर के रहे

है ये प्यार का फंदा गर्दन में
जीते न बने मरते न बने
हाँ जीते न बने मरते न बने
यूँ ही बीच गले में अटका है दम
न इधर के रहे न उधर के रहे
न इधर के रहे न उधर के रहे
यूँ ही बीच गले में अटका है दम
न इधर के रहे न उधर के रहे

हमें मार चला ये ख़्याल ये गम
न इधर के रहे न उधर के रहे
हमें मार चला ये ख़्याल ये गम
……………………………………….
Hamen maar chala ye khyal ye gham-Arzoo 1950

Artist: Gope

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Apr 30, 2017

दिल दे दिया है, जान तुम्हें देंगे-मस्ती २००४

सन २००४ में एक छोटे नाम वाली फिल्म मस्ती से एक प्रसिद्ध
गीत सुनते हैं. इसे लिखा है समीर ने और इसकी धुन बनाने के
साथ गाने का काम किया है आनंद राज आनंद ने. संगीतकार
आनंद राज आनंद अपने समकालीन नाक और दूसरी जगह से
गाने वाले संगीतकारों से बहुत बेहतर गाते हैं. उन्होंने शायद इसे
फुल टाइम करिरियर की तरह कभी नहीं सोचा अन्यथा वे आज
के नामचीन गायकों की सूची में शामिल मिलते. ये मेरा अनुमान
है, ऐसा संभव हो सकता था.

संगीतकार का कद गायक से हमेशा बड़ा होता है और रहेगा मगर
लोकप्रियता गायक के हिस्से में ही ज्यादा आती है. फिल्म मस्ती
के प्रमुख कलाकार हैं विवेक ओबेरॉय, तारा शर्मा, अमृता राव,
आफताब शिवदासानी, रितेश देशमुख हैं. 



गीत के बोल:

दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
हाँ दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम
दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम

हो रब दी कसम यारा रब दी कसम
दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम
दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम

रुख ज़िन्दगी ने मोड़ लिया कैसा
हमने सोचा नहीं था कभी ऐसा
रुख ज़िन्दगी ने मोड़ लिया कैसा
हमने सोचा नहीं था कभी ऐसा
आता नहीं यकीन  क्या से क्या हो गया
किस तरह मैं तुमसे बेवफा हो गया
इन्साफ कर दो  मुझे माफ़ कर दो
इतना ही कर दो करम

दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम

आवारगी में बन गया दीवाना
मैंने क्यूँ सादगी को नहीं जाना
आवारगी में बन गया दीवाना
मैंने क्यूँ सादगी को नहीं जाना
चाहत यही है कि  इस कदर प्यार दूं
क़दमों में तेरे मैं  दो जहां वार दूं
चैन मेरा ले लो  ख़ुशी मेरी ले लो
दे दो मुझे दे दो सारे ग़म

दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम

मेरे अश्क कह रहे मेरी कहानी
इन्हें समझो न तुम सिर्फ पानी
मेरे अश्क कह रहे मेरी कहानी
इन्हें समझो न तुम सिर्फ पानी
रो रो के आंसुओं के दाग धुल जायेंगे
इन में वफ़ा के रंग  आज घुल जायेंगे
पास तुम रहोगी  भूल अब न होगी
करूंगा न तुमपे सितम

दिल दे दिया है  जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम

हो रब दी कसम यारा  रब दी कसम
दिल दे दिया है जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम
दिल दे दिया है जान तुम्हें देंगे
दगा नहीं करेंगे सनम
……………………………………………………….
Dil de diya hai jaan tumhen denge-Masti 2004

Artists: Vivek Oberoi, Amrita Rao

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Feb 1, 2017

देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के-वारदात १९८१

हेमंत कुमार के बाद बप्पी लहरी एक ऐसे संगीतकार हैं
जिन्होंने नियमित रूप से ढेर सारे गीत गाये फिल्मों में.
गेट और भी संगीतकारों ने गाये मगर गिनती के. सबसे
उल्लेखनीय नाम अगर संख्या के मामले में इनके बाद
किसी का है तो वो है उषा खन्ना का. आर डी बर्मन और
उनके पिता एस डी बर्मन का नंबर संख्या के हिसाब से
इनके बाद है. एस डी बर्मन ने कई गैर फ़िल्मी गीत भी
गाये हैं. पुराने ज़माने में चलें तो पंकज मालिक इसी
श्रेणी के संगीतकार रहे. खुद भी शानदार गीत गाते थे.

किशोर कुमार ने भी फिल्मों में संगीत दिया है और इस
लिहाज से सबसे ज्यादा गीत गाने वाले संगीतकार वे ही
कहलायेंगे. अगर ऐसा है तो लता मंगेशकर ने भी संगीत
दिया है कुछ मराठी फिल्मों में. इस हिसाब से सबसे ज्यादा
गीत गाने वाली संगीतकार लता कहलाएंगी.

हम नियमित संगीतकारों की बात कर रहे हैं यहाँ. बप्पी
ने बहुत से गायक कलाकारों को गाने के मौके दिए और
उनसे हिट गीत गवाए. आज सुनते हैं उनका गाया हुआ
एक गीत वारदात फिल्म से.




गीत के बोल:

देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हाँ तुम में है बात कोई औरों से हट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के
हाँ तुम में है बात कोई औरों से हट के
आज तुमसे मुलाकात हो गई
दिल में जो थी वही बात हो गई
किसी से दिल लगा लिया
हे हे हे हे हे हे

देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हाँ तुम में है बात कोई औरों से हट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

होता यही सभी का सपना
मिले कोई जो बन जाये अपना
होता यही सभी का सपना
मिले कोई जो बन जाये अपना
कहने को तो दुनिया है अपनी
तुम जो नहीं हो तो कुछ भी नहीं
नज़र में तुम समां गए
हे हे हे हे हे हे


देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हाँ तुम में है बात कोई औरों से हट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला

न जाने है वो कौन सा नशा
बिना पिए मैं तो बहकने लगा
न जाने है वो कौन सा नशा
बिना पिए मैं तो बहकने लगा
हो गई भूल मुझे माफ करना
हाथ लग जाए तो भी चुप रहना
मैं होश में नहीं रहा
हे हे हे हे हे हे

देखा है मैंने तुम्हें फिर से पलट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हाँ तुम में है बात कोई औरों से हट के
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आज तुमसे मुलाकात हो गई
दिल में जो थी वही बात हो गई
किसी से दिल लगा लिया
......................................................................
Dekha hai maine tumhen fir se-Wardat 1981

Artist: Mithun Chakraborty. Leena Das

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Sep 11, 2016

जाना ओ मेरी जाना-सनम तेरी कसम १९८२

सिनेमा हॉल में फिल्म देखना सुखद अनुभव भी हो सकता है
और दुखद अनुभव भी. ये सिनेमा हॉल के अंदर के माहौल के
बारे में बात हो रही है. कभी खटमलों और मच्छरों से भरे हॉल
का हाल ये होता है-खटमल कहते हैं-हम तुम्हें बैठने नहीं देंगे
और मच्छर मजाल है आपको उठने की अनुमति प्रदान कर दें.

एक छोटे शहर के एक सेमी-प्राचीन से थियेटर में सन १९८२ की
फिल्म सनम तेरी कसम देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था. फिल्म
में संवाद के साथ साथ दर्शकों की फ्री कमेंट्री उपलब्ध थी. आपको
उस कमेंट्री का केवल एक अंश सुनवा रहा हूँ आज.

आज जो गाना आपको सुनवा रहे हैं उस गीत को सुनते ही एक
टूथपेस्ट याद आ जाता है. हुआ यूँ जैसे ही मीनाका या बिनाका
जो भी स्वर निकलता हो गीत में, उसके साथ ही दर्शक दीर्घा से
आवाज़ आई-बिनाका उसके आधे सेकण्ड के भीतर ही एक दूसरी
आवाज़ आई-कोलगेट. कु कुर कुकुर के साथ ही पक-पक-पकाक
जैसी आवाजें भी सुनाई दीं जैसे मुर्गे-मुर्गी का कोई खेल चल रहा
हो.

गौरतलब है उस समय इस फिल्म के कारण कमल हासन का
एक अजीब सा क्रेज मैंने युवाओं के बीच देखा. हालांकि ये फिल्म
रीना रॉय के महिमामंडन के लिए बनाई गयी ज्यादा प्रतीत होती
है. इस फिल्म की निर्मात्री उनकी बहन बरखा रॉय हैं. फिल्म के
निर्देशक नरेन्द्र बेदी हैं जिन्होंने जवानी दीवानी जैसी फिल्म का
निर्देशन भी किया था इस फिल्म से ठीक १० साल पहले. संयोग
कहें फिल्म जवानी दीवानी के गीत बेहद चर्चित हुए और उसी
तरह फिल्म सनम तेरी कसम के गीत भी. दोनों में पंचम का
संगीत है. ये कोम्बिनेशन वैसे तो कई और फिल्मों में आया मगर
फ़िल्में नहीं चलीं-दिल दीवाना(१९७४), बेनाम(१९७४), महाचोर(१९७६)
औए कच्चे हीरे(१९८२)

नरेन्द्र के निर्देशन में बनी खोटे सिक्के आम जनता को लगता है
फिरोज़ खान की बनाई फिल्म है, मगर नहीं, इसके निर्माता हैं
एन डी कोठारी. फिल्म में फिरोज़ खान की भूमिका अहम है और
उनके साथ हिंदी सिनेमा के कई ख्यात विलन भी हैं. इस फिल्म
का एक प्रेरणादायी गीत काफी चर्चित हुआ-जीवन में तू डरना नहीं.
फिल्म में ज्यादा गीत नहीं हैं और इसके अलावा के जो दो गीत
हैं वे प्रसिद्धि को तरसते रहे. किशोर कुमार का गाया वो एक गीत
फिल्म में कई हिस्सों में बजता है और जनता इस गीत से काफी
प्रभावित हुयी इसके बोलों और आकर्षक धुन की वजह से.

फिरोज खान क्लिंट ईस्टवुड के निभाए गए विशेष किस्म के चरित्र
से काफी प्रभावित से लगते रहे कई फिल्मों में. कच्चे हीरे(१९८२)
इसी कड़ी की एक और फिल्म है जो बॉक्स ऑफिस पर धराशायी
हो गयी. इसका निर्माण नेत्रपाल सिंह ने किया था. संगीत इसमें
भी पंचम का है और खोटे सिक्के के किशोर के गीत जैसे एक और
गीत को रचने की आधी अधूरी कोशिश की गयी-हारे ना इंसान. ये
गीत सुनने में तो अच्छा है मगर उसमे १९७४ के गीत वाली बात
नहीं है.

सनम तेरी कसम पर बात जारी रहेगी, पहले सुनते हैं आज का गीत
जिसे लिखा है गुलशन बावरा ने. फिल्म के सभी गीत जोरदार हैं
और आज भी लोकप्रिय हैं, विशेषकर किशोर का गाया शीर्षक गीत.
प्रस्तुत गीत आर डी बर्मन ने खुद गाया है और इसमें जो सांस
वाली कसरत उन्होंने की है वो अब तक मुझे १९८२ के बाद से किसी
गायक की आवाज़ में सुनाई नहीं दी. गायिकाओं में ज़रूर एक हैं
जो ऐसा करने में सक्षम हैं-सुनिधि चौहान.





गीत के बोल:

मीनाका ??/ बिनाका ??
कु कुर कु कुर कु कु
हे हे हे हे हे हे

जाना ओ मेरी जाना
अरे मैं हूँ तेरे ख्वाबों का राजा
अरे लैला, ओ मेरी लैला
अरे आ जा मेरी बाहों में आजा

नाज़नीं गुलबदन आँखें हैं मायखाना
देख तो प्यार से ऐसा क्या तड़पाना
अरे,  ओ हो ओ हो ओ हो ओ हो

अरे जाना ओ मेरी जाना
अरे मैं हूँ तेरे ख्वाबों का राजा
अरे लैला ओ मेरी लैला
अरे आ जा मेरी बाहों में आ जा

झूम के आ ज़रा पहलू में दिलजानी
बीत ही जाये ना तन्हा ये जवानी
अरे झूम के आ ज़रा पहलू में दिलजानी
बीत ही जाये ना तन्हा ये जवानी
आ हा आ हा आ हा आ

जाना ओ मेरी जाना
अरे मैं हूँ तेरे ख्वाबों का राजा
अरे लैला ओ मेरी लैला
अरे आ जा मेरी बाहों में आ जा

कु कुरु कु कु
हे बाबा
कु कुरु कु

और भी गुस्से में खिले तू हसीना
सोच ले मेरे बिना तेरा क्या है जीना बाबा
अरे और भी गुस्से में खिले तू हसीना
सोच ले मेरे बिना तेरा क्या है जीना
ओ हो ओ हो ओ हो ओ हो
अरे जाना ओ मेरी जाना
अरे मैं हूँ तेरे ख्वाबों का राजा
अरे लैला ओ मेरी लैला
अरे आ जा मेरी बाहों में आ जा
अरे जाना ओ मेरी जाना
अरे मैं हूँ तेरे ख्वाबों का राजा
अरे लैला ओ मेरी लैला
अरे आ जा मेरी बाहों में आ जा
....................................................................
Jaana o meri jaana-Sanam teri kasam 1982

Artists: Reena Roy, Kamal Hasan, Guddi Maruti

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Aug 29, 2016

कल क्या होगा किसको पता-कसमे वादे १९७८

आपको सुनवाते हैं फिल्म कसमे वादे से एक प्रेरणादायक गीत.
इस धुमचक गीत को गाया है संगीतकार ने स्वयं. रणधीर कपूर
फिल्म में युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं. ये काम उन्होंने
फिल्म जवानी दीवानी में बखूबी किया था जब वे युवा दिखाई
देते थे.

गीत गुलशन बावरा ने लिखा है जिन्होंने इस फिल्म के लिए
अच्छे गीत लिखे हैं. फिल्म का शीर्षक गीत बेहद लोकप्रिय है.

इस बहुसितारा फिल्म में अमिताभ बच्चन, राखी और नीतू सिंह
भी मौजूद हैं. गीत अपने समय काफी बजा करता था. शुरू में
फिल्म का सबसे ज्यादा बजने वाला गीत यही था.




गीत के बोल:

अभी जिंदगी का ले लो मजा
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा


हे दिलवालों दुनिया की ऐसी तैसी
हर पल अपना है दिन कैसा रात कैसी
हे ऐश करो नाचो गाओ खाओ पियो
हे अरे जीना है तो मस्ती में रह के जियो
अर्र रप्पा अर्र रप्पा अर्र रप्पा अर्र रप्पा

हे हे हे हे हे हे हे हे
ला ला ला ला ला ला ला ला
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा

हे हे हे हे हम जहाँ हल्ला गुल्ला होगा वहाँ
हम से ये दुनिया है दुनिया से हम नहीं
हे जब तक है दम में है दम प्यारे
हे तब तक काहे का है गम प्यारे
अर्र रप्पा अर्र रप्पा अर्र रप्पा अर्र रप्पा

हे हे हे हे हे हे हे हे
ला ला ला ला ला ला ला ला
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा
कल क्या होगा किसको पता
अभी जिंदगी का ले लो मजा
..........................................................
Kal kaya hoga kis ko pata-Kasme Vaade 1979

Artist: Randhir Kapoor

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Aug 27, 2016

गुम सुम सा ये जहाँ-दुनिया झुकती है १९६०

कहते हैं दुनिया झुकती है झुकाने वाला चाहिए. इरादे मजबूत हों
और हौसले बुलंद हों तो सब संभव है. इस नाम से एक फिल्म
आई थी सन १९६० में. इस फिल्म का कथानक शायद इन्हीं शब्दों
के इर्द गिर्द घूमता है.

एक ज़माना था जब हमारे भी फेवरेट सिंगर सिंग्रेस हुआ करते थे.
जब संगीत के खजाने को खंगालना शुरू किया तो पसंद बदलती
गयी, यूँ कहें पसंद में उदारता आना शुरू हो गई. कोई एक विशेष
गायक की मैं तारीफ करून और दूसरों को नज़र अंदाज़ कर दूं
संभव नहीं है.

आज आपको एक गीत सुनवा रहा हूँ, जिसे मैं ना जाने कितने साल
से सुनता आ रहा हूँ और आज भी इसे सुनने की इच्छा मन में
बनी रहती है. हेमंत कुमार और गीता दत्त का गाया युगल गीत

गीत राजेंद्र कृष्ण का है और इसका संगीत हेमंत कुमार ने तैयार
किया है.

गीत फिल्माया है गया सदा-मुस्कुराती श्यामा सुनील दत्त पर. फिल्म
उद्योग में ज़रूरत से ज्यादा मुस्कुराने वाली अभिनेत्रियां बहुत कम
हुयी हैं उनमें से एक हैं श्यामा.





गीत के बोल:

गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये हवा
एक साथ आज दो दिल धड़केंगे दिलरुबा
गुम सुम सा ये जहाँ, ये रात ये समा

एक साथ आज दो दिल धड़केंगे दिलरुबा
गुम सुम सा ये जहाँ ये रात ये हवा


देखो वो चाँद बदली की ओट में छुपने लगा
ये नील गगन भी प्यार के आगे झुकने लगा
देखो वो चाँद बदली की ओट में छुपने लगा
ये नील गगन भी प्यार के आगे झुकने लगा
इतनी हसीन
इतनी शरीर
है चाँद की ये अदा
गुम सुम सा ये जहाँ ये रात ये हवा

उल्फ़त में चूर दुनिया से दूर हम आ ही गये
मंज़िल के पास अब तो हुज़ूर हम आ ही गये
उल्फ़त में चूर दुनिया से दूर हम आ ही गये
मंज़िल के पास अब तो हुज़ूर हम आ ही गये
चाहत के फूल
देखें न धूल
डाली से न हो जुदा

गुम सुम सा ये जहाँ ये रात ये हवा
एक साथ आज दो दिल धड़केंगे दिलरुबा
गुम सुम सा ये जहाँ ये रात ये हवा
…………………………………………………………
Gumsum sa ye jahan-Duniya jhukti hai 1960


Artists:Sunil Dutt, Shyama

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Aug 15, 2016

जागे हैं अब सारे लोग...आज़ादी-बोस द फॉरगोटन हीरो २००५

आजादी की वर्षगाँठ के सुअवसर पर सुनते हैं एक देशभक्ति गीत
फिल्म नेताजी सुभाष चंद्र बोस द फॉरगोटन हीरो से. जावेद अख्तर
के लिखे गीत को संगीत से संवारा है ए आर रहमान ने. यह गीत
ए आर रहमान ने ही गाया है.

श्याम बेनेगल निर्देशित फिल्म में सचिन खेडेकर नामक अभिनेता
ने नेताजी की भूमिका निभाई है. 




गीत के बोल:

जागे हैं अब सारे लोग तेरे देख वतन
गूंजे हैं नारों से अब ये ज़मीन और ये गगन
कल तक मैं तनहा था सूने थे सब रास्ते
कल तक मैं तनहा था पर अब है साथ मेरे
लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन

आज़ादी पाएंगे आज़ादी लायेंगे
आज़ादी छायेगी
आज़ादी आएगी आएगी

जागे हैं अब सारे लोग तेरे देख वतन
गूंजे हैं नारों से अब ये ज़मीन और ये गगन
कल तक मैं तनहा था सूने थे सब रास्ते
कल तक मैं तनहा था पर अब है
साथ मेरे लाखों दिलों की धड़कन
देख वतन

हम चाहें आज़ादी
हम मांगें आज़ादी
आज़ादी छायेगी
आज़ादी आएगी आएगी
......................................................................
Jaage hain ab saare log-Bose The forgotten hero 2005

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Jul 30, 2016

बेकरार कर के हमें यूँ-बीस साल बाद १९६२

बीस साल बाद फिल्म का नाम है. ये इतना घिसा हुआ अर्थात
बजा हुआ रोमांटिक गीत है कि आपको आज से बीस साल बाद
भी सुनाई दे जायेगा. हेमंत कुमार के गाये गीतों में जो सबसे
ज्यादा सुने गए गीत हैं उनमें से एक है ये.

परदे पर विश्वजीत वहीदा रहमान के लिए इस गीत को गा रहे
हैं. गीत शकील बदायूनीं ने लिखा है और धुन हेमंत कुमार की
बनाई हुई है.




गीत के बोल:

बेक़रार कर के हमें यूँ न जाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये
बेक़रार कर के हमें यूँ न जाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

देखिये वो काली काली बदलियाँ
ज़ुल्फ़ की घटा चुरा न ले कहीं
चोरी चोरी आके शोख बिजलियाँ
आपकी अदा चुरा न ले कहीं
यूँ क़दम अकेले न आगे बढ़ाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

देखिये गुलाब की वो डालियाँ
बढ़ के चूम ले न आप के क़दम
देखिये गुलाब की वो डालियाँ
बढ़ के चूम ले न आप के क़दम
खोए खोए भँवरे भी हैं बाग़ में
कोई आपको बना न ले सनम
बहकी बहकी नज़रों से खुद को बचाइये
आपको हमारी कसम लौट आइये 

ज़िन्दगी के रास्ते अजीब हैं
इनमें इस तरह चला न कीजिये
खैर है इसी में आपकी हुज़ूर
अपना कोई साथी ढूँढ लीजिये
सुन के दिल की बात ना मुस्कुराइये
आपको हमारी कसम लौट आइये
................................................
Bekaraar kar ke hamen-Bees saal baad 1962


Artists: Biswajeet, Waheeda Rehman

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Jul 24, 2016

ये हँसता हुआ कारवां-एक झलक १९५७

हेमंत कुमार के गीतों की सूची पर नज़र डाली एक दिन
तो देखा उन्होंने काफी सारे गीतकारों के साथ काम किया.
एस एच बिहारी भी उनमें से एक हैं. एस एच बिहारी ने
नैयर के लिए सबसे ज्यादा गीत लिखे. 

हेमंत कुमार की हिंदी फिल्मों से ज्यादा लंबी सूची है उनकी
बंगला फिल्मों की. अगर आप उनके सभी कार्यों का योग
करें तो पाएंगे वे काफी व्यस्त किस्म के व्यक्ति थे. सक्रियता
ही शायद उनकी ऊर्जा की एक बड़ी वजह थी.

आज आपको एक झलक फिल्म से युगल गीत सुनवाते हैं
जो हेमंत कुमार के साथ आशा भोंसले ने गाया है. ये गीत
कुछ कुछ बातचीत और गीत के मिश्रण जैसा है. आजकल
ऐसे गीत खूब बनते हैं. 



गीत के बोल:

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
हाँ
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
वाह वाह
ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
हाँ हाँ
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
अच्छा
ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
मुहब्बत की दुनिया हो ग़म से बेगाना
रहे न किसी का भी डर
अजी डर कैसा

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
चलिये

बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
हसीन चाँदनी हो नदी के किनरे
क्या बात है?
बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
हसीन चाँदनी हो नदी के किनारे
न आये जहाँ भूल कर बद्नसीबी
बनाये वहीं अपना घर
ना ना ना

ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
...............................................................................
Ye hansta hua karwan-Ek jhalak 1957

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Jul 2, 2016

ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं-फिर हेरा फेरी २००६

आपने फिल्म वक्त का जोहराज़बीं वाला गीत सुना थे पहले.
आज सुनेंगे फिल्म फिर हेरा फेरी से जोहराज़बीं वाला गीत.
फिल्म का निर्देशन नीरज बोरा ने किया है जिन्होंने इसकी
कहानी भी लिखी है. जब कहानी लिखने वाला ही निर्देशन
करे तो आसान हो जाता है कि वो क्या दिखाना चाहता है
ये सुनिश्चित हो जाए. फिल्म में सर्कस के कुछ दृश्यों को
भी शामिल किया गया है जो सर्कस की दम तोडती कला के
लिए अच्छा है. कुछ समय बाद के लोगों को शायद सर्कस
देखने को ही न मिले. एक समय ये मनोरंजन का अच्छा
साधन हुआ करता था और इसका जनता बेसब्री से इंतज़ार
किया करती थी.

गीत सुनते हैं जिसे समीर ने लिखा है और इसे गाया है
हिमेश रेशमिया ने जिन्होंने इसे संगीतबद्ध भी किया है.





गीत के बोल:

ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं
ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं
फुरकत-ऐ-गम मिटा जा
इश्क दा जाम दिखा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं
ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं
फुरकत-ऐ-गम मिटा जा
इश्क दा जाम दिखा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ घुसा जा
साथ साथ निभा जा

मुझे शाम सवेरे तेरी याद आती है
बेताबियाँ जिया को बड़ा तड़पाती हैं
दीदार बिना मैं ना रह पाऊंगा
मैं तुझसे दूरी ना सह पाऊँगा
फुरकत-ऐ-गम मिटा जा
इश्क दा जाम दिखा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं

मिलने का वादा कहीं टूट ना जाए
उम्मीदों का धागा कहीं टूट ना जाए
तेरा प्यार अगर जो मुझको मिल जाए
मेरे अरमानों को ज़रा चैन आ जाए
फुरकत-ऐ-गम मिटा जा
इश्क दा जाम दिखा जा
जुम्मे रात रात है आ जा
साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
जुम्मे रात रात है आ जा
साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
ऐ मेरी मेरी जोहराज़बीं
फुरकत-ऐ-गम मिटा जा
इश्क दा जाम दिखा जा
जुम्मे रात रात है
आ जा साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
जुम्मे रात रात है आ जा
साथ साथ निभा जा
साथ साथ निभा जा
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Ae meri meri zohrazabeen-Phir herapheri 2006

Artists-Paresh Rawal, Akshya Kumar, Sunil Shetty, Bipasha Basu, Rimi Sen, Johny Lever

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May 2, 2016

शाम देखो ढल रही है-अनजान है कोई १९६९

सुनिए उषा खन्ना और रफ़ी का गाया युगल गीत जिसे लिखा
है मनोहर खन्ना ने और इसकी धुन बनाई है उषा खन्ना ने.
उषा खन्ना ने रफ़ी के लिए कई नायब गीत बनाये हैं. कुछ एक
युगल गीत भी उन्होंने रफ़ी के साथ गाये हैं.

फिल्म है अनजान है कोई जो सन १९६९ की फिल्म है. आनंद
फिल्म्स बैनर तले बनी फिल्म का निर्देशन किया बाबूभाई मिस्त्री
ने. फिल्म में फिरोज खान, अरुणा ईरानी, नलिनी, हेलन, तिवारी,
मोहन चोटी, जयश्री टी,नूरजहाँ इत्यादि कलाकार हैं. इससे पहले
सन १९६७ की फिल्म सरदार जिसका निर्देशन मिस्त्री ने किया था
उषा खन्ना की सेवाएं लीं संगीत विभाग में. बाबूभाई मिस्त्री पीरियड,
पौराणिक और ऐतिहासिक फ़िल्में बनाने के लिए विख्यात थे.
मिस्त्री निर्देशित फ़िल्में-बेदर्द ज़माना क्या जाने और पारसमणि
का संगीत आपने सुना ही होगा.




गीत के बोल:

शाम देखो ढल रही है
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी

शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है

है शाम के आँचल मैं, मस्ती है भीगी भीगी
है शाम के आँचल मैं, मस्ती है भीगी भीगी
और दे रही है धड़कन, आवाज़ धीमी धीमी
आवाज़ धीमी धीमी
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है

ये नील कमल सी आँखें, है काजल बिन कजरारी
ये नील कमल सी आँखें, है काजल बिन कजरारी
हाय रात से बोझल पलकें ये सुन्दर प्यारी प्यारी
ये सुन्दर प्यारी प्यारी
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी

शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
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Shaam dekho dhal rahi hai-Anjaan hai koi 1969

Artists-Feroz Khan, Nalini

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Mar 14, 2016

समुन्दर में नहा के-पुकार १९८३

मुझसे दो तीन संगीत प्रेमियों ने पूछा-आप छोटी पोस्ट
क्यूँ लिखा करते हैं. सबसे पहले तो मैंने प्रति-प्रश्न किया
आप पाठक हैं या लेखक. उन तीनों में से एक लेखक था.
उस लेखक ने २ हिंदी फिल्मों पर किताबें लिखीं थीं और
तीसरी कतार में थी.

आइये जीनत अमान का एक गीत सुनें. जीनत अमान को
फ़िल्मी नायिका की छबि बदलने का श्रेय जाता है. छबि के
अलावा उन्होंने फैशन में भी बदलाव करा दिया. पारंपरिक
साडी पहने घरेलू सी दिखने वाली हिंदी फ़िल्मी नायिका को
उन्होंने नयी छबि दिखला दी.

अभिनेत्री रेखा द्वारा लिखी हुई जीनत अमान की संक्षिप्त जीवनी
मे एक सटीक टिप्पणी की हुई है जीनत अमान के बारे में
-"जीनत अमान ने सिनेमा में नारी के चित्रण में आमूल-चूल
परिवर्तन करा दिए ". ये बात काफ़ी हद तक सही है। इसके
अलावा भी कुछ है जिसका जिक्र हमें अवश्य करना चाहिए।
वो है फैशन में बदलाव. ५० के दशक की बड़ी बड़ी आँखों
वाली सुंदरी नलिनी जयवंत को हिंदी सिनेमा की पहली फैशन
क्वीन कहा जाता है तो जीनत हैं दूसरी फैशन क्वीन. इस बात
पर कुछ लोग असहमत हो सकते हैं और शर्मीला टैगोर का
नाम ले सकते हैं. नलिनी की तरह ही जीनत अमान भी अपनी
स्क्रीन प्रेसेंस के लिए जानी जाती थीं. ये बात अलग है नलिनी
का भीने जीनत से बेहतर हुआ करता था.

उसके अलावा बॉलीवुड में बदलाव लाने वाली अभिनेत्रियाँ बहुत
कम हैं। यूँ कहें अभिनेत्रियों को मौका कम मिला और नायिका
प्रधान फ़िल्में कम बनीं-मदर इण्डिया जैसी.  नई पीड़ी से
प्रिटी जिंटा एक नाम है जिसने बॉलीवुड में अलग ही अपनी
पहचान बनाई. आई पी एल में भी उन्होंने प्रसिद्धि पायी जितनी
कि जुही चावला या शिल्प शेट्टी को नहीं मिली. 

अगर आपको पोस्ट पसंद आई है तो अपनी टिप्पणी अवश्य
छोड़ें.

गीत है फिल्म पुकार से जिसमें वे अमिताभ बच्चन की नायिका
हैं. प्रस्तुत गीत में नायिका के सौंदर्य का वर्णन है. गीत गुलशन
बावरा ने लिखा है और इसकी तर्ज़ बनाई है राहुल देव बर्मन ने
जिन्होंने इसे गाया भी है. गीत काफी चर्चित हुआ था अपने समय
में. फिल्म के निर्देशक रमेश बहल हैं.



गीत के बोल:

ऐ जूली, जूली
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो
लगा है प्यार का वो रंग
अरे लगा है प्यार का वो रंग
के रंगीन हो गयी हो हो हो हो हो
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो

देखा तुझको तो दिल में आया देखता ही रहूँ
भीगे भीगे बदन को तेरे खिलता कमल कहूँ
देखा तुझको तो दिल में आया देखता ही रहूँ
भीगे भीगे बदन को तेरे खिलता कमल कहूँ
मेरी नज़र की तुम भी
अरे मेरी नज़र की तुम भी
शौक़ीन हो गयी हो हो हो हो हो
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो

हँसती हो तो दिल की धडकन हो जाए और जवान
चलती हो लहर के तो दिल में उठे तूफ़ान
हँसती हो तो दिल की धडकन हो जाए और जवान
चलती हो लहर के तो दिल में उठे तूफ़ान
पहले थी बेहतर अब तो
अरे पहले थी बेहतर अब तो
बेहतरीन हो गयी हो हो हो हो हो
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो
लगा है प्यार का वो रंग
अरे लगा है प्यार का वो रंग
के रंगीन हो गयी हो हो हो हो हो
समुन्दर में नहा के और भी नमकीन हो गयी हो
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Samundar mein naha ke-Pukar 1983

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