May 4, 2016

हमें हो गया है प्यार-मेरे हमदम मेरे दोस्त १९६८

विलायती खुशबू वाले गीत श्वेत श्याम युग में भी सुनाई
देते रहे. शंकर जयकिशन और उनके अलावा दूसरे प्रमुख
संगीतकार भी प्रयोग करते रहे इस मामले में. एक गीत
आपने मेरे हमदम मेरे दोस्त से सुना था रफ़ी वाला पहले
जो आज भी काफी लोकप्रिय है.

लक्ष्मी प्यारे शंकर जयकिशन की संगीत शैली से प्रभावित
भी सुनाई दिए कई बार. ये मामला लगभग सन १९७२
तक ही चला उसके बाद शंकर जयकिशन के गाने कम हो
गए और चारों ओर लक्ष्मी प्यारे के ही गीत सुनाई देने लगे.

शंकर जयकिशन का जिक्र करने का ये मतलब नहीं कि एक
अच्छी धुन के लिए लक्ष्मी प्यारे को श्रेय नहीं दिया जाए. ये
गीत अपने समय में युवाओं की जुबां पे चढा हुआ था. उस
समय के छोकरे जो आज डोकरों में तब्दील हो चुके हैं उन
से पूछ के ही देख लीजिए. प्रस्तुत गीत लता मंगेशकर ने
गाया है. शैली कुछ कुछ शंकर जयकिशन वाली ही है.





गीत के बोल:

हमें हो गया है प्यार तुम्हें हो ना हो
हमें हो गया है प्यार तुम्हें हो ना हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो
हो ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो

हमें हो गया है प्यार तुम्हें हो ना हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो
हो ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो

कुछ तो है जो हम यूँ आहें भरते हैं
सबकी आँखें हैं तुमपे इससे हम डरते हैं
कुछ तो है जो हम यूँ आहें भरते हैं
सबकी आँखें हैं तुमपे इससे हम डरते हैं
तुम्हीं को देखा करते हैं के जाने-जान कसम से हम
हमें हो गया है प्यार तुम्हें हो ना हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो

चाहत में दूरी है किसको रास आई
साँसों में तलवारें सी लेती हैं अंगडाई
चाहत में दूरी है किसको रास आई
साँसों में तलवारें सी लेती हैं अंगडाई
सितम है आज तन्हाई के जाने-जान कसम से हाँ
हमें हो गया है प्यार तुम्हें हो ना हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो
ऐतबार दिलबर यार तुम्हें हो न हो
……………………………………………….
Hamen ho gaya hai pyar-Mere hamdam mere dost 1968

Artist: Mumtaz, Dharmendra

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