इतना तो याद है मुझे-महबूब की मेहँदी १९७१
गीत लोकप्रिय होने की एक बड़ी वजह इसकी आकर्षक धुन
है. मसला वही है-इश्क मोहब्बत मगर अंदाज़-ए-बयां जुदा सा
है गीत का.
राजेश खन्ना और लीना चंदावरकर पर फिल्माया गया ये गीत
आनंद बक्षी ने लिखा है और इसकी धुन बनाई है लक्ष्मी प्यारे ने.
गीत गाया है रफ़ी संग लता मंगेशकर ने.
गीत के बोल:
इतना तो याद है मुझे
हो हो ओ ओ ओ ओ
इतना तो याद है मुझे
हाय
इतना तो याद है मुझे
के उनसे मुलाक़ात हुई
इतना तो याद है मुझे
के उनसे मुलाक़ात हुई
बाद में जाने क्या हुआ
हो ओ ओ ओ ओ
बाद में जाने क्या हुआ
हाय
बाद में जाने क्या हुआ
न जाने क्या बात हुई
बाद में जाने क्या हुआ
न जाने क्या बात हुई
इतना तो याद है मुझे
हो ओ ओ ओ ओ ओ
इतना तो याद है मुझे
हाय
इतना तो याद है मुझे
के उनसे मुलाक़ात हुई
बाद में जाने क्या हुआ
हाय
बाद में जाने क्या हुआ
न जाने क्या बात हुई
इतना तो याद है मुझे
हो आ हा हा हो हो हो
वादे वफ़ा के कर के कसमें उठा के
किसी पे दिल लुटा के चला आया
नज़रे मिला के नींद अपनी गवां के
कसक दिल में बसा के चला आया
दिन तो गुजर जाएगा
हो ओ ओ ओ ओ ओ
दिन तो गुजर जाएगा
हाय
दिन तो गुजर जाएगा
क्या होगा जब रात हुई
दिन तो गुजर जाएगा
क्या होगा जब रात हुई
इतना तो याद है मुझे
मारे हया के मैं तो आँखे झुका के
ज़रा दामन बचा के चली आई
परदा हटा के उनकी बातों में आ के
उन्हें सूरत दिखा के चली आई
किस से शिकायत करूँ
हो ओ ओ ओ ओ ओ
किस से शिकायत करूँ
हाय
किस से शिकायत करूँ
शरारत मेरे साथ हुई
किस से शिकायत करूँ
शरारत मेरे साथ हुई
इतना तो याद है मुझे
हो हो ओ हा हा हा हो ओ ओ
थी एक कहानी पहले ये जिंदगानी
उन्हें देखा तो जीना मुझे आया
दिलबर ओ जानी शर्म से पानी पानी
हुई मैं बस पसीना मुझे आया
ऐसे मैं भीग गई
हो ओ ओ ओ ओ ओ
ऐसे मैं भीग गई
हाय
ऐसे मैं भीग गई
जैसे के बरसात हुई
ऐसे मैं भीग गई
जैसे के बरसात हुई
इतना तो याद है मुझे
हो ओ ओ ओ ओ ओ
इतना तो याद है मुझे
हाय
इतना तो याद है मुझे
के उनसे मुलाक़ात हुई
इतना तो याद है मुझे
के उनसे मुलाक़ात हुई
इतना तो याद है मुझे
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
इतना तो याद है मुझे
इतना तो याद है मुझे
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Itna to yaad hai mujhe-Mehboob ki mehndi 1971
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