Dec 30, 2016

साजन साजन पुकारूँ(रफ़ी)-साजन १९६९

कहानी रोचक है फिल्म साजन(१९६९) की. नई फिल्म गजनी
में भी इस फार्मूले का उपयोग हुआ है अलग फ्लेवर में. कोई
चीज़ जब आपको ३-४ फिल्मों में दिखाई दे तो उसे फार्मूला
कहा जाने लगता है. फार्मूले और फोर्मेट कई तरह के होते हैं.
फोर्मेट पर ज्यादा चर्चा नहीं होती है.

मनोज कुमार और आशा पारेख पर फिल्माया गया खुशनुमा
गीत सुनिए जिसे आनंद बक्षी ने लिखा है. संगीतकार वही हैं
जिन्होंने इस फिल्म के बाकी दूसरे गीत भी कम्पोज किये हैं.

गांधीजी के तीन बंदरों के प्रतीक इस गीत में आपको दिख
जायेंगे अगर आप इस गीत को अंत तक देखेंगे.



गीत के बोल:

साजन साजन
साजन साजन पुकारूँ गलियों में
साजन साजन पुकारूँ गलियों में
कभी फूलों में ढूँढूँ कभी कलियों में
साजन साजन पुकारूँ गलियों में
साजन साजन आ हा
के साजन साजन पुकारूँ गलियों में

ऐसे रूठा है बेदर्दी कहा ना माने
ऐसे रूठा है बेदर्दी कहा ना माने
मेरे जी की मेरी जाँ की क़दर ना जाने
मैं उसी ज़ुल्मी के नैना मस्ताने
कभी फूलों में ढूँढूँ
फूलों में ढूँढूँ कभी कलियों में

साजन साजन पुकारूँ गलियों में
साजन साजन आ हा
के साजन साजन पुकारूँ गलियों में

मुझसे कहती है पर्वत पे काली घटा छा-छा के
मुझसे कहती है पर्वत पे काली घटा छा-छा के
हो रामा हँसती है पूरब से हवा आ आ के
वो छुपा है दिल में और मैं जा जा के
कभी फूलों में ढूँढूँ हा
फूलों में ढूँढूँ कभी कलियों में

साजन साजन पुकारूँ गलियों में
साजन साजन आ हा
के साजन साजन पुकारूँ गलियों में
............................................................
Saajan saajan pukaroon galiyon mein-Saajan 1969

Artists: Manij Kumar, Asha Parekh

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP