धड़कने लगे दिल के तारों की-धूल का फूल १९५९
हैं जिनमें से आपने यहाँ केवल एक गीत सुना है. इस
सुनवाने की होड में कई बार कुछ गीत छूट जाते हैं.
नंबर लगते लगते कई साल बीत जाते हैं. इस फिल्म
से पहला गीत आपने इस ब्लॉग पर सन २००९ में सुना
था.
सुनते हैं इस फिल्म से एक युगल गीत आशा भोंसले
और महेंद्र कपूर का गाया हुआ. साहिर के बोल और
एन दत्ता के संगीत से सजी इस फिल्म का निर्देशन
बी अर्र चोपड़ा ने किया था.
गीत के बोल:
धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो
संवर जाए हम बेकरारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो बहारें हँसें
सितारों की उजली कतारें हँसें
जो तुम मुस्कुरा दो नज़ारे हँसें
जवां धड़कनों के इशारे हँसें
जवां धड़कनों के इशारे हँसें
धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो
हवा में के ख़ुशबू की अँगड़ाईयाँ
ये आँखों पे ज़ुल्फ़ों की परछाईयाँ
ये मस्ती के धारे उबलते हुए
ये सीनों में तूफ़ां मचलते हुए
ये सीनों में तूफ़ां मचलते हुए
धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो
ये बोझल घटाएं बरसती हुई
ये बेचैन रूहें तरसती हुई
ये साँसों से शोले निकलते हुए
बदन आँच खा कर पिघलते हुए
बदन आँच खा कर पिघलते हुए
धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
जो तुम मुस्कुरा दो
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Dhadakne lage dil ke taron ki duniya-Dhool ka phool 1959
Artists: Mala Sinha, Rajendra Kumar

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