उनको ये शिकायत है-अदालत १९५८
गाये कुछ नायब गीत हैं फिल्म में. गीतकार राजेंद्र कृष्ण
और मदन मोहन के सौजन्य से हमें लम्बे समय तक सुनी
जाने वाली अनेक रचनाएँ मिली हैं. मदनमोहन की विशेषता
थी कि वे बोलों के मूड के हिसाब से उसके लिए धुन तैयार
कर देते थे.
गीत के बोल:
उनको ये शिकायत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
उनको ये शिकायत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
अपनी तो ये आदत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
उनको ये शिकायत है
मजबूर बहुत करता है ये दिल तो ज़ुबां को
ये दिल तो ज़ुबां को
मजबूर बहुत करता है ये दिल तो ज़ुबां को
ये दिल तो ज़ुबां को
कुछ ऐसी ही हालत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
उनको ये शिकायत है
कहने को बहुत कुछ था अगर कहने पे आते
अगर कहने पे आते
कहने को बहुत कुछ था अगर कहने पे आते
अगर कहने पे आते
दुनिया की इनायत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
उनको ये शिकायत है
कुछ कहने पे तूफान उठा लेती है दुनिया
उठा लेती है दुनिया
कुछ कहने पे तूफान उठा लेती है दुनिया
उठा लेती है दुनिया
अब इसपे कयामत है के हम कुछ नहीं कहते
उनको ये शिकायत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
अपनी तो ये आदत है के हम कुछ नहीं कहते
कुछ नहीं कहते
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Unko ye shikayat hai-Adalat 1958

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