अजनबी तुम जाने पहचाने २-हम सब उस्ताद हैं १९६५
फिल्म हम सब उस्ताद हैं से. लता वाला वर्ज़न आप सुन
चुके हैं पहले. ये वर्ज़न थोडा दर्द भरा है. पार्टी में नायिका
नायक को पहचान नहीं रही अतः नायक ये गा रहा है.
असद भोपाली की रचना है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
उजाले वाली महफ़िल से गीत गाते गाते नायक गली के
अंधेरों में कहीं गुम हो जाता है.
गीत के बोल:
अजनबी
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
तुमने कभी प्यार किया था किसी राही से
तुमने कभी प्यार किया था किसी राही से
तुमने कभी वादा किया था किसी साथी से
ना वो प्यार रहा ना वो बात रही
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी
दिल में रहे और हमारा दिल तोड़ दिया
दिल में रहे और हमारा दिल तोड़ दिया
साथ चले मोड़ पे आ के हमें छोड़ दिया
तुम हो कहीं और हम कहीं
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी
………………………………………………………………..
Ajnagi tum jaane pehchane(Kishore)-Hum sab ustad hain 1965
Artists: Kishore Kumar, Amita, Sheikh Mukhtar
