रे मामा रे मामा-अंदाज़ १९७१
जा सकता है बच्चों को मनाना काफी टेढ़ी खीर है. आजकल के
युग के बच्चे तो खैर आसानी से बहलते नहीं हैं, वो अपनी ही
मर्ज़ी के मालिक हैं.
गीत शम्मी कपूर परदे पर गा रहे हैं और एक बच्ची भी साथ है
जिसका नाम मुझे मालूम नहीं. हसरत का गीत है और रफ़ी ने
इसे गाया है शंकर जयकिशन की धुन पर.
गीत के बोल:
सुन लो सुनाता हूँ तुमको कहानी
रूठो ना हमसे ओ गुड़ियों की रानी
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
ओ सुन लो सुनाता हूँ तुमको कहानी
रूठो ना हमसे ओ गुड़ियों की रानी
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
हम तो गए बाज़ार में लेने को आलू
हम तो गए बाज़ार में लेने को आलू
हम तो गए बाज़ार में लेने को आलू
आलू वालू कुछ न मिला पीछे पड़ा भालू
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
हम तो गए बाज़ार में लेने को लट्टू
हम तो गए बाज़ार में लेने को लट्टू
हम तो गए बाज़ार में लेने को लट्टू
लट्टू वट्टू कुछ न मिला पीछे पड़ा टट्टू
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
सुन लो सुनाता हूँ तुमको कहानी
रूठो ना हमसे ओ गुड़ियों की रानी
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
हम तो गए बाज़ार में लेने को रोटी
हम तो गए बाज़ार में लेने को रोटी
हम तो गए बाज़ार में लेने को रोटी
रोटी वोटी कुछ न मिली पीछे पड़ी मोटी
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
सुन लो सुनाता हूँ तुमको कहानी
रूठो ना हमसे ओ गुड़ियों की रानी
रे मामा रे मामा रे
रे मामा रे मामा रे
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Re mama re mama re-Andaz 1971
Artist: Shammi Kapoor
