Mar 3, 2017

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी-मिस्टर एण्ड मिसेज़ ५५

मेडिकल साइंस की भाषा में जिगर का अर्थ होता है लीवर.
अब शरीर की लेबोरेट्री है और सारे रसायन इसी में तैयार होते
हैं तो जनाब प्रेम रसायन भी यहीं बनता होगा. दिमाग सिर्फ
इशारा करता है कि बनाना है या नहीं.

गीतों में जिगर का जिक्र लाजमी है फिर तो. अब आप दिल
का जिक्र करें या कलेजे का सबकी ज़रूरत पड़ती है इश्क में.
अब इसे लीवर डिस्प्लेसमेंट सोंग कहें तो अतिशयोक्ति तो नहीं
होगी? साहित्य की दृष्टि में नहीं तो आम बोलचाल में तो हो
ही सकती है.


सुनते हैं मजरूह साहब की लिखी एक अनूठी और लोकप्रिय
रचना जिसे हमने सैकड़ों बार सुन कर आनंद उठाया है, एक
बार और सही. संगीत है ओ पी नैयर का और इसे गीता दत्त
संग रफ़ी गा रहे हैं. इसे कहते हैं २४ केरेट रोमांटिक गीत.



गीत के बोल:

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी
अरे जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी

कहीं मारे डर के चूहा तो नहीं हो गया
कहीं मारे डर के चूहा तो नहीं हो गया
कोने कोने देखा ना जाने कहाँ खो गया
कोने कोने देखा ना जाने कहाँ खो गया
यहाँ उसे लाए काहे को बिना काम रे
जल्दी जल्दी ढूँढो के होने लगी शाम रे
यहाँ उसे लाए काहे को बिना काम रे
जल्दी जल्दी ढूँढो के होने लगी शाम रे

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी

कोई उल्फ़त की नज़र ज़रा फेर दे
कोई उल्फ़त की नज़र ज़रा फेर दे
ले ले दो चार आने जिगर मेरा फेर दे
ले ले दो चार आने जिगर मेरा फेर दे
ऐसे नहीं चोरी खुलेगी तकरार से
चलो चलो थाने बताएं जमादार से
ऐसे नहीं चोरी खुलेगी तकरार से
चलो चलो थाने बताएं जमादार से

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी

सच्ची सच्ची कह दो दिखाओ नहीं चाल रे
सच्ची सच्ची कह दो दिखाओ नहीं चाल रे
तूने तो नहीं हैं चुराया मेरा माल रे
तूने तो नहीं हैं चुराया मेरा माल रे
बातें हैं नज़र की नज़र से समझाऊंगी
पहले पड़ो पईयाँ तो फिर बतलाऊंगी
बातें हैं नज़र की नज़र से समझाऊंगी
पहले पड़ो पईयाँ तो फिर बतलाऊंगी

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी
अरे जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी बड़ी अँखियों से डर गया जी
………………………………………………….
Jaane kahan mera jigar gaya ji-Mr. & Mrs. 55

Artists: Johny Walker, Yasmin

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP