खई के पान बनारस वाला-डॉन १९७८
एक गीत है अनजान का लिखा हुआ फिल्म डॉन से. लोक गीतों
से हमारी फिल्मों का पुराना नाता रहा है और ये बना रहेगा.
फिल्म डॉन सफल फिल्मों में गिनी जाती है मगर इस फिल्म का
सबसे चर्चित हिस्सा कोई है तो वो यही गीत है. इस फिल्म में
अमिताभ बच्चन दोहरी भूमिका में हैं. ये एक ऐसा दौर था जब
अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्मों में कल्याणजी आनंदजी का
संगीत होता और एक न एक गीत किशोर कुमार का ऐसा होता
जो ज़बरदस्त हिट होता.
फिल्म डॉन के सभी गीत चर्चित रहे हैं और इसका युगल गीत
तो हमें आज भी सुनने को मिल जाता है.
गीत के बोल:
अरे भंग का रंग जमा हो चकाचक
फिर लो पान चबाय
आ हा
अरे ऐसा झटका लगे जिया पे
पुनर्जनम होई जाय
ओ खई के पान बनारस वाला
ओ खई के पान बनारस वाला
खुल जाए बंद अकल का ताला
खई के पान बनारस वाला
खुल जाए बंद अकल का ताला
फिर तो ऐसा करे कमाल
सीधी कर दे सबकी चाल
ओ छोरा गंगा किनारे वाला
ओ छोरा गंगा किनारे वाला
खई के पान बनारस वाला
खुल जाए बंद अकल का ताला
फिर तो ऐसा करे कमाल
सीधी कर दे सबकी चाल
ओ छोरा गंगा किनारे वाला
ओ छोरा गंगा किनारे वाला
अरे राम दुहाई कैसे चक्कर में पड़ गया हाय हाय हाय
कहाँ टाँग फ़ँसाई मैं तो सूली पे चढ़ गया हाय हाय
कैसा सीधा सादा मैं कैसा भोला भाला हाँ हाँ
अरे कैसा सीधा सादा मैं कैसा भोला भाला
जाने कौन घड़ी में पड़ गया पढ़े-लिखों से पाला
मीठी छूरी से मीठी छूरी से हुआ हलाल
छोरा गंगा किनारे वाला
छोरा गंगा किनारे वाला
एक कन्या कुँवारी हमरी सूरत पे मर गई हाय हाय हाय
एक मीठी कटारी हमरे दिल में उतर गई हाय हाय
कैसी गोरी गोरी ओ तीखी तीखी छोरी वाह वाह
अरे कैसी गोरी गोरी ओ तीखी तीखी छोरी
करके जोरा-जोरी कर गई हमरे दिल की चोरी
ओ मिली छोरी तो मिली छोरी तो हुआ निहाल
छोरा गंगा किनारे वाला
छोरा गंगा किनारे वाला
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Khai ke paan banaras wala-Don 1978
Artists: Amitabh Bachchan, Zeenat Aman

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