हरि दिन तो बीता शाम हुई-किताब १९७७
इसे गुज़रे ज़माने की ख्यात गायिका राजकुमारी ने गाया है.
सन १९७७ का ये गीत शायद राजकुमारी का गाया अंतिम हिंदी
फ़िल्मी गीत है.
गुलज़ार ने गीत लिखा है और पंचम ने इसकी धुन बनाई है.
गीत के बोल:
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
बीता मेरा काल तो बीता कूल पार करा दे
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
मैंने साथ लिया ना कोई दुशाला ना लोई
मैंने साथ लिया ना कोई दुशाला ना लोई
अपने छूटे सपने छूटे आशा और छुड़ा दे
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
दाता तेरे द्वार खड़ी हूँ माँगूँ मुक्ति दान
दाता तेरे द्वार खड़ी हूँ माँगूँ मुक्ति दान
बंधु छूटे बंधन छूटे छोर पार करा दे
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
बीता मेरा काल तो बीता कूल पार करा दे
हरि दिन तो बीता शाम हुई रात पार करा दे
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Hari din to beeta-Kitaab 1977
Artists: Dina Pathak, Mater Raju

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