जब भी जी चाहे नई दुनिया-दाग १९७३
दर्द भरा गीत काफी सुना जाता है आज भी. शर्मिला टैगोर पर
फिल्माया गया गीत आज सुनेंगे और देखेंगे.
साहिर लुधियानवी का लिखा गीत है और इसगीत की तर्ज़ बनाई है
लक्ष्मी प्यारे ने. इस फिल्म के लोकप्रिय गीतों में किशोर का गाया
गीत ‘मेरे दिल में आज क्या है’ भी है. फिल्म की कहानी आधारित
है प्रेम त्रिकोण फार्मूले पर. फिल्म के निर्देशक यश चोपड़ा हैं.
गीत के बोल:
जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग
जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
याद रहता है किसे गुज़रे ज़माने का चलन
याद रहता है किसे
सर्द पड़ जाती है चाहत हार जाती है लगन
अब मोहब्बत भी है क्या इक तिजारत के सिवा
हम ही नादां थे जो ओढ़ा बीती यादों का क़फ़न
वरना जीने के लिए सब कुछ भुला लेते हैं लोग
वरना जीने के लिए सब कुछ भुला लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
जाने वो क्या लोग थे जिनको वफ़ा का पास था
ज़ाने वो क्या लोग थे
दूसरे के दिल पे क्या गुज़रेगी ये एहसास था
अब हैं पत्थर के सनम जिनको एहसास ना हो
वो ज़माना अब कहाँ जो अहले दिल को रास था
अब तो मतलब के लिए नाम-ए-वफ़ा लेते हैं लोग
अब तो मतलब के लिए नाम-ए-वफ़ा लेते हैं लोग
जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते हैं लोग
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Jab bhi jee chahe nayi duniya-Daag 1973
Artist: Sharmila Tagore

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