January 12, 2018

तंग मैं आ गया हूँ जवानी से-अंगारे १९७५

चार दिन की चांदनी है जवानी. ज़िंदगी के लिए भी लिखने वालों ने
चार दिन ही का जिक्र किया है-चार दिन की ज़िंदगी. आनंद बक्षी ने
शायद जीवन के फलसफे पर काफी गीत लिखे हैं.

एक अनूठे कोम्बिनेशन वाला अर्थात चित्रगुप्त के संगीत वाला और
आनंद बक्षी के बोलों वाला गीत सुनते हैं सन १९७५ की फिल्म
अंगारे से. आशा भोंसले और किशोर कुमार ने इसे गाया है. फिल्म
में ये गीत धीरज कुमार और अलका पर फिल्माया गया है. ये भी एक
अनूठा कोम्बिनेशन ही कहा जायेगा, है ना किशोर कुमार के भक्तों ?



गीत के बोल:

तंग तंग
तंग मैं आ गया हूँ जवानी से
तंग मैं आ गया हूँ जवानी से
पास आओ ज़रा
आओ ज़रा मेहरबानी से
तंग मैं आ गई इस कहानी से
तंग मैं आ गई इस कहानी से
दूर जाओ ज़रा
जाओ ज़रा मेहरबानी से
तंग मैं आ गई इस कहानी से

आग लगा के दिल में समा के
देखो ऐसे न हँसो तीर चला के
अरे आग लगा के दिल में समा के
देखो ऐसे न हँसो तीर चला के

सुनो समझो मेरी बात जी हाँ
ज़रा दिल पे रख दो हाथ जी
आग बुझती नहीं दिल की पानी से

तंग मैं आ गई इस कहानी से
तंग मैं आ गई इस कहानी से

दर्द लिया है दिल जो दिया है
तुमने अपना ख़ुद ये हाल किया है
दर्द लिया है दिल जो दिया है
तुमने अपना ख़ुद ये हाल किया है
मेरा झूठा तुम नाम ना लो
बहानों से तुम मत काम लो
हाथ न थाम लो बेईमानी से

तंग मैं आ गया हूँ जवानी से
तंग मैं आ गया हूँ जवानी से

हाथ पकड़ लो मान भी जाओ
बातों-बातों में सनम रूठ गए हो
हाथ पकड़ लो मान भी जाओ जी
बातों-बातों में सनम रूठ गए हो
मेरे दिल की दुनिया खिल गई
हाँ मुझे दुनिया सारी मील गई
और माँगूँ मैं क्या ज़िन्दगानी से

पास आओ ज़रा मेहरबानी से
पास आओ ज़रा मेहरबानी से
……………………………………………..
Tang main aa gaya hoon jawani se-Angaare 1975

Artists: Dheeraj Kumar, Alka

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