आ जा री चाँदनी-चाँद १९५९
की है. ऐसा होना भी चाहिए क्यूंकि इतनी सारी आवाजों
का प्रभाव थोडा अलग पढता है, वजन आ जाता है गीत
में. अब ये बात और है अगर कोरस को प्रभावी ढंग से
ना प्रयोग किया जाए तो वजन दूसरे किस्म का बन
जाता है.
सुनते हैं फिल्म चाँद से लता मंगेशकर का गाया हुआ एक
गीत जिसे मीना कुमारी पर फिल्माया गया है. शैलेन्द्र के
लिखे गीत के लिए संगीत दिया है हेमंत कुमार ने.
इसे सुन के ना जाने क्यूँ दो गाने और याद आते हैं मगर
उनके बोल ध्यान में नहीं आ पा रहे. इस बार पिस्ता थोडा
महंगा हो गया है और हमने खाना बंद कर दिया है. पाठक
थोड़ी ठक ठक कर के बतलायें वो कौन से गीत हैं.
गीत के बोल:
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमने नैन बिछाये
आ जा
बैठे लगन लगाए
आ जा
अब तो रहा न जाये
आ जा
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमने नैन बिछाये
आ जा
बैठे लगन लगाए
आ जा
अब तो रहा न जाये
आ जा
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
जब जब मौसम ले अंगड़ाई
जब जब मौसम ले अंगड़ाई
बिजली चमकी बदली छाई
बिजली चमकी बदली छाई
राम ही जाने क्या है बात
नींद न आये सारी रात
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमने नैन बिछाये
आ जा
बैठे लगन लगाए
आ जा
अब तो रहा न जाये
आ जा
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमको पलछिन साँझ सकारे
हमको पलछिन साँझ सकारे
छुप छुप जाने कौन पुकारे
छुप छुप जाने कौन पुकारे
कर के सपनों में पहचान
ऐसे न आया बेईमान
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमने नैन बिछाये
आ जा
बैठे लगन लगाए
आ जा
अब तो रहा न जाये
आ जा
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
इक रुत आए इक रुत जाये
इक रुत आए इक रुत जाये
बाली उमर बड़ा दुख पाये
बाली उमर बड़ा दुख पाये
न हमको नींद न उनको चैन
नागिन बन गई काली रैन
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
हमने नैन बिछाये
आ जा
बैठे लगन लगाए
आ जा
अब तो रहा न जाये
आ जा
आ जा री चाँदनी
आ जा री चाँदनी हमारी गली
चाँद ले के आ जा
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Aa ja ri chandni-Chand 1959
Artist: Meena Kumari
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