तुझको रखे राम...दे दाता के नाम-आँखें १९६८
फिल्म आँखें का लोकप्रिय गीत जिसे भिखारियों ने
भी बरसों गाया अपनी आजीविका के लिए.जिसके
जो काम का होता है वो उसे अपना लेता है और
इस गाने की केवल दो पंक्तियाँ ही भिखारियों ने
पकड़ीं.
गीत में आगे जो सन्देश हैं वो जनता के समझ
नहीं आते हैं. कवि, गीतकार, समाज सुधारक कह
कह के थक मर गये मगर नतीजा वही ढाक के
तीन पात. धर्म की व्याख्या और समझ में तो
डाल-डाल पात पात का सिलसिला निरंतर चालू है.
विश्वास और मूर्खता के बीच बड़ी बारीक दीवार
होती है. तार्किक दृष्टि सभी के पास नहीं होती और
जो कान, नाक, दिमाग में घुसा उसे सत्य मानने
की परंपरा जारी है. अनपढ़ तो क्या कई पढ़े लिखे
भी आपको एक ही प्रकार का ढोल पीटते मिलेंगे.
गीत के बोल:
दे दे दे दे अल्लाह के नाम पे दे दे
इंटरनेशनल फ़कीर आये हैं
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
दे दाता के नाम तुझको अल्लाह रखे
ओये दे दाता के नाम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
अरे दीनार नहीं तो डॉलर चलेगा
अरे कमीज़ नहीं तो कमीज़ का कॉलर चलेगा
लेकिन दे दे इंटरनेशनल फ़कीर को
शेख ब्राह्मण मुल्ला पांडे सब हैं इक माटी के भांडे
शेख ब्राह्मण मुल्ला पांडे सब हैं इक माटी के भांडे
वेद वही कुरान वही है
वेद वही कुरान वही है
राम वही है रहमान वही है
किसी का दामन थाम तुझको अल्लाह रखे
किसी का दामन थाम तुझको अल्लाह रखे
ओ दे दाता के नाम तुझको अल्लाह रखे
ओ तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
अरे कहाँ छुप गया है तू कठोर
देख तेरे चाहने वाले दर दर भटक रहे हैं
छाले पड़ गये हैं पाँव में
गोरे उसके काले उसके ओ पूरब पश्चिम वाले उसके
गोरे उसके काले उसके पूरब पश्चिम वाले उसके
सब में उसी का नूर समाया
सब में उसी का नूर समाया
कौन है अपना कौन पराया
सबको कर प्रणाम तुझको अल्लाह रखे
हो सबको कर प्रणाम तुझको अल्लाह रखे
दे दाता के नाम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
मैं परदेसन राह ना जानूं
मैं परदेसन राह ना जानूं बढते गम की थाह ना जानूं
मैं परदेसन
मैं परदेसन राह ना जाऊं बढते गम की थाह ना जानूं
लोग पराये देस बेगाना
लोग पराये देस बेगाना
कहीं मिला ना तेरा ठिकाना
सुबह से हो गई शाम तुझको अल्लाह रखे
ओ सुबह से हो गई शाम तुझको अल्लाह रखे
दे दाता के नाम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
तुझको रखे राम तुझको अल्लाह रखे
……………………………………………………..
Tujhko rakhe Ram..de data ke naam-Aankhen 1968

0 comments:
Post a Comment