ओ मैडम-आशियाना १९५२
एक हल्का फुल्का गीत भी है. मेरे ख्याल से कथानक ऐसे होने
चाहिए जिसमें सभी प्रकार के रंग वाले गीत हों. इससे संतुलन
बना रहता है. ये मेरा अपना विचार है. फिल्म हम मनोरंजन
के लिए देखते हैं. लोजिक के हिसाब से मनोरंजन में दुखी होने
का क्या काम.
खैर छोडिये सिनेमा का माध्यम आती क्या खंडाला सिखलाने के
अलावा और भी कई काम करता है जो इस एक पोस्ट में हम
नहीं समेट सकते.
सुनते हैं शमशाद बेगम और किशोर कुमार का गाया हुआ गीत
जिसे लिखा है राजेंद्र कृष्ण ने और जिसकी धुन तैयार की है
मदन मोहन ने.
गीत के बोल:
ओ मैडम
ओ ओ मैडम
ओ ओ ओ मैडम
हे दो से हो गये एक हम न फ़ाका न ग़म
ओ मैडम
ओ मिस्टर
आ आ आ मिस्टर
दिल का होर्न आज ख़ुशी से बाजे पम-पम
ओ मिस्टर
पापा ख़ुश मामा ख़ुश
पापा ख़ुश मामा ख़ुश
देख के अपनी जोड़ी
वो क्या जाने अपनी शादी की मुद्दत है थोड़ी
कल की किसने देखी प्यारे आज मनाते ग़म
ओ मिस्टर
ओ मैडम
ओ ओ मैडम
हाँ दो से हो गये एक हम न फ़ाका न ग़म
ओ मैडम
ओ मिस्टर
ओ ओ ओ मिस्टर
दिल का होर्न आज ख़ुशी से बाजे पम-पम
ओ मिस्टर
मैरिज की रात है हो ओ ओ ओ कितनी सुहानी
मैरिज की रात है हो ओ ओ ओ कितनी सुहानी
ओ लेकिन मेरी बुलबुल मैरिज है आनी-जानी
आनी जानी जानी आनी यानी यानी जानी जानी
लेकिन मेरी बुलबुल मैरिज है आनी जानी
कौन ये जाने कब पड़ जाये ढाई वाट का बम
ओ मैडम
ओ ओ मैडम
ओ ओ ओ मैडम
होये दो से हो गये एक हम न फ़ाका न ग़म
ओ मैडम
ओ मिस्टर
ओ ओ ओ मिस्टर
दिल का होर्न आज ख़ुशी से बाजे पम-पम
ओ मिस्टर
मैरिज तो है एक गुब्बारा
हे मैरिज तो है एक गुब्बारा
कभी न फूले सारा
मार मार के फूँकें थक जाये मियाँ बेचारा
मार मार के फूँकें थक जाये मियाँ बेचारा
अरे अच्ची है वो बीवी जिसका जल्दी निकले दम
क्यों मैडम
अबे जा मिस्टर
ओ मैडम
दो से हो गये एक हम न फ़ाका न ग़म
ओ मैडम
ओ मिस्टर
ओ ओ ओ मिस्टर
दिल का होर्न आज ख़ुशी से बाजे पम-पम
ओ मिस्टर
ओ मैडम
ओ मिस्टर
ओ ओ मैडम
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O madam-Ashiana 1952
Artists: Ek nayak, ek nayika, Raj Kapoor
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