Aug 18, 2019

अपने सैयां से नैना लड़ईबे-अर्धांगिनी १९५९

वसंत देसाई एक प्रतिभाशाली संगीतकार थे. पहलवान जैसी
कद काठी वाले वसंत देसाई की धुनें बेहद कोमल होतीं. एक
मधुर गीत सुनते हैं राजकुमार और मीना कुमारी अभिनीत
फिल्मअर्धांगिनी से. फील गुड गीत है जिसके अंत में नायक
नायिका का मिलन होता है. गीत में एक बच्चा भी नायिका
के साथ नाचने की कोशिश कर रहा है. घरेलु किस्म का माहौल
है. सास के रोल में हैं दुर्गा खोटे जिनकी एक झलक गीत में
मिलती है.

गीत की टैग लाइन है- सजना के कंगना में खड़ी मुस्काई के
वाह जी वाह क्या खूब कही है. गीत मजरूह का है और इसे
गाया है लता मंगेशकर ने.




गीत के बोल:

अपने सैयां से नैना लड़ईबे हमार कोई का करिहे
अपने सैयां से नैना लड़ईबे हमार कोई का करिहे

झुमका पहनूंगी दर्पण देखूँगी
झुमका पहनूंगी दर्पण देखूँगी
बिंदिया माथे की तन तन देखूंगी
बिंदिया माथे की तन तन देखूंगी
अँखियाँ की अँखियाँ में कजरा दईबे
हमार कोई
हमार कोई का करिहे
अपने सैयां से नैना लड़ईबे हमार कोई का करिहे

नहीं रुकने की मैं दुनिया के डर से
नहीं रुकने की मैं दुनिया के डर से
कोई बोली बोले न टलूंगी डर से
कोई बोली बोले न टलूंगी डर से
सजना के कंगना में खड़ी मुस्काई के
हमार कोई हमार कोई का करिहे

अपने सैयां से नैना लड़ईबे हमार कोई का करिहे

सब मेरे उनकी ही नज़र देखेंगे
सब मेरे उनकी ही नज़र देखेंगे
मैं उधर देखूँगी वो इधर देखेंगे
मैं उधर देखूँगी वो इधर देखेंगे
कभी घूँघटा कभी अचरा सरकाई के
हमार कोई हमार कोई का करिहे

अपने सैयां से नैना लड़ईबे हमार कोई का करिहे
अपने सैयां से अपने रसिया से
अपने बलमा से नैना लड़ईबे
.............................................................................
Apne saiyan se naina-Ardhangini 1959

Artists: Meena Kumari, Durga Khote

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