Sep 2, 2019

पैंजनिया छनके राम-वापस १९६९

बहुत दिन हो गए किसी रागा और सागा की बात किये.
आज ‘आर फॉर रागा’ की बात कर लेते हैं. तो सुनिए
सन १९६९ की फिल्म वापस से एक गीत जिसे नायक
स्टेज पर गा रहा है.

गीत मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा हुआ है जिसकी धुन
तैयार की है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. इसे रफ़ी ने गाया
है. फिल्म मधुर गीतों के बावजूद ज्यादा नहीं चली.





गीत के बोल:

पैंजनिया छनके राम
पैंजनिया छनके राम
पैंजनिया
पैंजनिया ओ छनके राम
बिजुरिया चमक चमक रह जाए
पैंजनिया छनके राम

होंठ ना खोले पलकों से बोले
होंठ ना खोले पलकों से बोले
एक पग रोके एक पग डोले
के जियरा धडका धड़क रह जाए
पैंजनिया छनके राम
पैंजनिया छनके राम

झुमका उलझा आँचल सरका
झुमका उलझा आँचल सरका
बोझ पड़ा जो हमरी नज़र का
बोझ पड़ा जो हमरी नज़र का
कमरिया लचक लचक रह जाए
पैंजनिया छनके राम
पैंजनिया छनके राम
पैंजनिया छनके राम
ए ए ए छनके राम छनके राम
छनके राम छनके राम
पैंजनिया छनके राम
छनके राम
……………………………………………………………
Painjaniya chhanke Ram-Wapas 1969

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